मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान शुक्रवार को जस्टिस काशीनाथ सिंह की अदालत में बयान दर्ज कराने पहुंचे

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान शुक्रवार को जस्टिस काशीनाथ सिंह की अदालत में बयान दर्ज कराने पहुंचे

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कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता केके मिश्रा पर मानहानि के दो साल पुराने केस में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान शुक्रवार को जस्टिस काशीनाथ सिंह की अदालत में बयान दर्ज कराने पहुंचे। वे करीब 11 बजे जिला कोर्ट पहुंचे। सीएम करीब साढ़े चार घंटे से कोर्ट में मौजूद रहे।
क्रॉस क्विश्चंस का सामना
केके मिश्रा ने मुख्यमंत्री और उनकी पत्नी साधना सिंह पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए थे। इसी मामले में शिवराज सिंह शुक्रवार को जिला कोर्ट में अपने बयान दर्ज कराने पहुंचे। इस दौरान केके मिश्रा के वकील अजय गुप्ता ने उनसे कई क्रॉस क्विश्चन किए। शिवराज करीब साढ़े चार घंटे कोर्ट रूम में रहे। केके मिश्रा के वकील अजय गुप्ता ने करीब 40 मिनट तक उनसे क्रॉस क्विश्चंस किए। हालांकि ज्यादातर सवालों काे शिवराज ने यह कहकर टाल दिया कि, व्यापमं मामले की जांच चल रही है।
उधर, मीडिया से चर्चा करते हुए केके मिश्रा के वकील अजय गुप्ता ने कहा कि फरियादी(शिवराज सिंह) समझौते के लिए दबाव बना रहे हैं। उनका कहना है कि अगर केके मिश्रा माफी मांग लेते हैं, तो वे मुकदमा वापस ले लेंगे। एडवोकेट गुप्ता ने कहा कि सीएम उनके कई सवालों से मुकर गए। वहीं शिवराज सिंह ने मीडिया से कोई चर्चा नहीं की। वे मुस्कराते हुए कोर्ट से बाहर निकले और गाड़ी में बैठकर चले गए।
2 साल पहले की थी प्रेस कान्फ्रेंस…
21 जून 2014 को व्यापमं महाघोटाले से जुड़े एक मामले को लेकर मिश्रा ने प्रेस कान्फ्रेंस की थी। इसमें उन्होंने सीएम व उनके परिजनों पर गंभीर आरोप लगाए थे। इसके बाद ही मिश्रा पर सीएम की ओर से मानहानि का केस दायर किया गया। इस मामले में अभी तक 16 लोगों के बयान हो चुके हैं। सीएम के बयान के बाद मिश्रा को चार्जशीट जारी होगी।
क्या है मामला:
21 जून 2014 को कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता मिश्रा ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री की पत्नी के नाम एक मैग्नीज की खदान के आवंटन के संबंध में आरोप लगाए गए थे। यह खदान एसएस मिनरल्स के नाम से संचालित है। इस संबंध में फरियादी संजय नायक ने एक लिखित शिकायत थाना हबीबगंज में प्रस्तुत की थी। नायक ने मिश्रा के खिलाफ आरोप लगाए थे कि उन्होंने जिन खसरा नंबर व रकबा का उल्लेख बालाघाट में एसएस मिनरल्स के नाम से मैग्नीज खदान होने का लगाया है वह किसी अन्य के नाम पर आवंटित है। एसएस मिनरल्स नाम की किसी भी फर्म को किसी भी आवंटन नहीं हुआ है।
फरियादी की शिकायत..
केके मिश्रा ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में जिन खसरा नंबर और रकबा का उल्लेख बालाघाट में एसएस मिनरल्स के नाम से मैग्नीज खदान होने का लगाया है, वह किसी अन्य के नाम पर आवंटित है। एसएस मिनरल्स नाम की किसी भी फर्म को किसी भी खदान का आवंटन नहीं हुआ है।
-एसएस मिनरल्स नाम से संजय पायल नामक किसी व्यक्ति ने खदान आवंटन हेतु आवेदन दिया था, किंतु संजय पायल को उक्त खदान का आवंटन शासन द्वारा नहीं किया गया।
-केके मिश्रा ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर यह आरोप लगाए थे।
-आवेदन पत्र की जांच के बाद हबीबगंज पुलिस ने केके मिश्रा के खिलाफ 3 अगस्त 2016 को ipc की धारा 466 468 469,471 474 का मामला दर्ज किया था।

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