About us

एयरफोर्स के इकलौते मार्शल अर्जन सिंह नहीं रहे

0
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, शनिवार सुबह दिल का दौरा पड़ने पर उन्हें दिल्ली के आर्मी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। शाम को नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण उनका हाल जानने के लिए हॉस्पिटल पहुंचे थे। मार्शल अर्जन सिंह महज 44 साल की उम्र में एयरफोर्स चीफ बने थे। पाकिस्तान के साथ 1965 की जंग में उतरी एयरफोर्स की कमान उनके ही हाथों में थी। बता दें कि भारत की तीनों सेनाओं में अब तक तीन मार्शल हुए हैं। अर्जन सिंह उनमें से एक थे। उन्हें 5 स्टार रैंक हासिल करने का गौरव मिला।
 नरेंद्र मोदी ने कहा कि मैंने अर्जन सिंह और उनके परिवार से मुलाकात की। हम सभी उनकी सलामती और स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। डॉक्टर्स अपनी पूरी कोशिश कर रहे हैं।”
 – सीतारमण ने कहा कि मुझे आज ही एयर मार्शल के बीमार होने की जानकारी मिली। अफसरों ने बताया कि उन्हें हार्ट अटैक हुआ।
 मार्शल कभी रिटायर नहीं होते हैं
– देश में अब तक एयर मार्शल अर्जन सिंह, फील्ड मार्शल मानिक शॉ और केएम करियप्पा को ही 5 स्टार रैंक मिली है, मार्शल कभी सेना से रिटायर नहीं होते हैं। अर्जन सिंह 2002 में 5 स्टार रैंक के लिए प्रमोट हुए। उनका जन्म 15 अप्रैल, 1919 को पाकिस्तान के फैसलाबाद में हुआ। पद्म विभूषण अवॉर्ड से नवाजा जा चुका है।
 व्हील चेयर पर आए और खड़े होकर कलाम को किया था सैल्यूट
– 27 जुलाई, 2015 को पूर्व राष्ट्रपति डॉ. अब्दुल कलाम के निधन के बाद उनका पार्थिव शरीर दिल्ली के पालम एयरपोर्ट पर लाया गया। तब कलाम के अंतिम दर्शन के लिए राष्ट्रपति और पीएम समेत कई नेता पहुंचे थे। लेकिन सबकी नजरें कांपते हाथों से सैल्यूट करते योद्धा अर्जन सिंह पर थीं। वे आए तो व्हीलचेयर पर थे, लेकिन कलाम को देखते ही खुद चलकर पास आए और तनकर सलामी भी दी थी।
Share.

About Author

Leave A Reply