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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार से दो दिन के कर्नाटक दौरे की शुरुआत की

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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार से दो दिन के कर्नाटक दौरे की शुरुआत की। राहुल ने एक रैली में कहा कि कर्नाटक की सिद्धारमैया और येदियुरप्पा सरकार ने किसानों का 8 हजार करोड़ रुपए का कर्ज माफ किया। इसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष उडुपी के नारायण गुरू मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे। इस बार कांग्रेस अध्यक्ष का फोकस दक्षिणी कर्नाटक और मलनाड के वोक्कालिगा कम्युनिटी के प्रभाव वाले इलाकों पर रहेगा। ये कम्युनिटी कर्नाटक की राजनीति में लिंगायत जैसा ही दबदबा रखती है। कर्नाटक के 224 में से 25% विधायक इसी कम्युनिटी से हैं।

रैली में क्या बोले राहुल गांधी?

– राहुल गांधी ने कहा, “पिछले कुछ साल में बीजेपी सरकार ने 15 अमीर लोगों का 2.5 लाख करोड़ का कर्ज माफ कर दिया। जब किसानों की कर्ज माफी की बात की जाती है तो मोदी जी और फाइनेंस मिनिस्टर कहरते हैं कि ये हमारी पॉलिसी नहीं है। सिद्धारमैया जी और कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने किसानों का 8 हजार करोड़ रुपए का कर्ज माफ कर दिया।”

राहुल का इस बार दौरा अहम क्यों?

कहां जाएंगे: राहुल उडुबी, दक्षिण कन्नड़, चिक्कमंगलुर और हासन जाएंगे।

किसका प्रभाव: इस इलाके में वोक्कालिगा कम्युनिटी का प्रभाव है। कर्नाटक की आबादी में 11% हिस्सेदारी है और विधानसभा में इस कम्युनिटी के 25% यानी 55 विधायक हैं।

लोकल लीडर: हासन जनता दल सेक्युलर (जेडीएस) के चीफ एचडी देवेगौड़ा का गृह जिला है।

राहुल का टेंपल रन जारी रहेगा?

– हां, राहुल ने इस दौरे की शुरुआत ही नारायण गुरू मंदिर में दर्शनों से की। इसके अलावा वे गोरखनाथेश्वर मंदिर, रोसारियो चर्च, उल्लाल दरगाह, श्रृंगेरी शरदंबा मंदिर और श्रृंगेरी मठ जाएंगे। वह जगदगुरु शंकराचार्य और श्रृंगेरी मठ के भारती तीर्थ स्वामीजी से मुलाकात करेंगे।

कांग्रेस की रणनीति क्या है?

– कर्नाटक में सीएम सिद्धारमैया लोकप्रिय हैं और राहुल के करीबी भी, लेकिन संगठन में सहयोग नहीं करते। नेताओं और कार्यकर्ताओं में इसे लेकर असंतोष है। कहा जा रहा है इन वजहों से राहुल ने इस चुनाव की कमान खुद संभालने का फैसला किया है।

बीजेपी की क्या रणनीति है?

– 22 से 24 फरवरी के बीच भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने इन इलाकों को दौरा किया था। वे भी मंदिरों और मठों में गए थे। भाजपा इस इलाके में हिंदुत्व को मुद्दा बनाना चाहती है। उसका आरोप है कि सिद्धारमैया सरकार में 24 संघ कार्यकर्ताओं की हत्या की गई है।

कर्नाटक में वोक्कालिगा और लिंगायत अहम क्यों?

50% विधायक और सांसद अब तक इन्हीं कम्युनिटी से आते रहे हैं।

224 मौजूदा सदस्यों में 55 वोक्कालिगा और 52 लिंगायत कम्युनिटी से हैं।

100 सीटों पर लिंगायत और 80 सीटों पर वोक्कालिगा कम्युनिटी असर डालती है।

14 मुख्यमंत्री (8 लिंगायत और 6 वोक्कालिगा) राज्य में दोनों कम्युनिटी से हुए हैं।

कर्नाटक विधानसभा का गणित?

कुल सीटें: 224

बहुमत: 113

वोटर: 4.90 करोड़

किस जाति का कितना दबदबा?

दलित: 19%,

मुस्लिम: 16%

ओबीसी: 16%

लिंगायत: 17%

वोक्कालिगा: 11%

अन्य: 21%

2014 लोकसभा चुनाव

मोदी लहर में भाजपा को मिलीं 28 में से 17 सीटें

पार्टी सीट वोट शेयर
भाजपा 17 43.4%
कांग्रेस 9 41.2%
जेडीएस 2 11.1%

2013 विधानसभा चुनाव

कांग्रेस को मिला था स्पष्ट बहुमत

पार्टी सीट वोट शेयर
कांग्रेस 122 36.6%
जेडीएस 40 20.2%
भाजपा 40 19.9%
अन्य 22 23.3%
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