लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन का नाम भारत के अगले राष्ट्रपति के लिए चर्चा में

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कभी इंदौर की सड़कों पर टू-व्हीलर से चुनाव प्रचार करतीं नजर आने वाली इंदौर की सांसद और लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन का नाम भारत के अगले राष्ट्रपति के लिए चर्चा में है। संभावना है कि भाजपा उन्हें राष्ट्रपति पद का प्रत्याशी बना सकती है।

हारी थीं विधानसभा चुनाव, फिर बनाया जीत का रिकार्ड…
– 12 अप्रैल 1943 को महाराष्ट्र के चिपलुन में जन्मी सुमित्रा महाजन के पिता संघ के प्रचारक थे। 22 साल की उम्र में इंदौर में एडवोकेट रहे स्व. जयंत महाजन से उनका विवाह हुआ। वे खुद एडवोकेट भी हैं।
– ताई के नाम से मशहूर सुमित्रा महाजन का राजनीतिक जीवन 1980 के दशक में शुरू हुआ। वे इंदौर की उपमहापौर चुनी गईं।
– इसके बाद भाजपा ने उन्हें इंदौर-3 से विधानसभा का टिकट दिया गया लेकिन कांग्रेस के महेश जोशी ने उन्हें हरा दिया। राजनीतिक जीवन में ये उनकी एकमात्र हार थी।
– 1989 में उन्होंने पूर्व मंत्री प्रकाशचंद्र सेठी के खिलाफ लोकसभा का चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। इसके बाद जीत का सिलसिला शुरू हो गया।
– अपनी शिष्टता, सौम्यता और साफगोई के लिए प्रसिद्ध सुमित्रा महाजन के नाम एक ऐसा रिकार्ड दर्ज है जिसे तोड़ना अब लगभग असंभव है।
– पीएम मोदी भी लोकसभा स्पीकर महाजन द्वारा शुरू किए गए स्पीकर रिसर्च इनीशिएटिव की सराहना कर चुके हैं। उन्होंने कहा था कि सांसदों को रिसर्च के लिए सामग्री और विशेषज्ञ उपलब्ध कराने की उनकी ये योजना स्वागत योग्य है।
– वे देश की एकमात्र महिला सांसद हैं जो एक ही लोकसभा क्षेत्र से, एक ही पार्टी से लगातार आठ लोकसभा चुनाव जीत चुकी हैं।
– उनका नाम भाजपा की तरफ से राष्ट्रपति पद के प्रत्याशियों में शीर्ष पर है हालांकि वे खुद इस बारे में कुछ भी कहने से इनकार करती हैं।
चुनावी मैदान में हराया है इन दिग्गजों को
1989 – प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाशचंद सेठी को 1,11614 वोटों से हराया।
1991 – दूसरे चुनाव में ललित जैन को 3, 36037 वोटों से शिकस्त दी।
1996 – कांग्रेस के पूर्व महापौर मधु वर्मा को 1,04433 वोटों से पराजित किया।
1998- कांग्रेस प्रत्याशी पंकज संघवी को 49,852 से हराया।
1999 – पूर्व मंत्री महेश जोशी को 1,31315 वोटों से पराजित किया।
2004 – पूर्व मंत्री रामेश्वर पटेल को 1,93936 वोटों से हराया।
2009 – सत्यनारायण पटेल को 11480 वोटों से हराया।
2014- विधायक सत्यनारायण पटेल को 466301 वोटों से हराया।
इसलिए मुश्किल है उनका रिकार्ड तोड़ना
– सुमित्रा महाजन की जीत का रिकार्ड तोड़ने के लिए किसी महिला सांसद को एक ही क्षेत्र से, एक ही पार्टी के चुनाव चिन्ह पर लगातार नौ चुनाव जीतने होंगे।
– आज की राजनीतिक परिस्थितियों में ये काफी मुश्किल बल्कि लगभग असंभव है।
– प. बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सात बार सांसद रह चुकी हैं लेकिन उन्होंने पार्टी भी बदली और लोकसभा क्षेत्र भी। इसलिए यदि आगे चलकर वे फिर से लोकसभा लड़ती भी हैं तो भी ये रिकार्ड नहीं तोड़ पाएंगी।
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