साध्वी प्रज्ञा जोशी गुरुवार को जेल से बाहर आईं

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मालेगांव ब्लास्ट केस में बेल मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा जोशी गुरुवार को जेल से बाहर आईं। बाद में मीडिया से बातचीत में प्रज्ञा ने कहा- मैं बेकसूर हूं और कांग्रेस की साजिश का शिकार हुई। उस दौरान मीडिया भी कांग्रेस के बहकावे में आ गई थी। साध्वी का पुलिस कस्टडी में भोपाल के खुशीलाल आयुर्वेदिक हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था। 9 सितंबर 2008 को मालेगांव में हुए धमाके में 7 लोगों की मौत हुई थी।

– प्रज्ञा ने कहा, “मैं बेकसूर हूं, कांग्रेस की साजिश का शिकार हुई हूं। मैं फिलहाल खुद को अर्ध मुक्त कह सकती हूं, क्योंकि माननीय कोर्ट ने मुझे बेहतर इलाज कराने और खुले वातावरण में सांस लेने का मौका दिया है।”
– “मीडिया ने कांग्रेस के बहकावे में आकर मेरे खिलाफ लिखा औरबोला। भगवा आतंकवाद कांग्रेस का दिया शब्द है। पी. चिदंबरम ने पहली बार इस शब्दा का इस्तेमाल किया था।
मानसिक रूप से बंधन में रहूंगी
– बेल मिलने के सवाल पर साध्वी ने कहा, “मैं माननीय कोर्ट की शुक्रगुजार हूं, उन्होंने मेरी बातों पर यकीन किया और मुझे जमानत दी। मैं फिलहाल खुद को अर्ध मुक्त कहूंगी। पूरी तरह से रिहाई अभी बाकी है। जब तक हमारा केस खत्म नहीं हो जाता, मैं मानसिक रूप से बंधन और तनाव में रहूंगी।”
– “मेरी छवि खराब करने में कांग्रेस के साथ ही साथ मीडिया ने भी अहम भूमिका निभाई। कांग्रेस की बातों में आ कर मीडिया ने मेरे खिलाफ काफी कुछ लिखा और दिखाया। खैर मुझे किसी से कोई शिकायत नहीं है।”
एटीएस पर आरोप
– साध्वी ने मुंबई एटीएस पर टॉर्चर का आरोप लगाया। कहा, “9 सालों के दौरान मैं अपनी भावनाएं व्यक्त नहीं कर पाई थी। सिर्फ अपने आत्मबल की वजह से जिंदा हूं, वरना एटीएस ने तो मुझे बहुत प्रताड़ित किया था। मुझे खुशी है कि वर्तमान सरकार जनता के साथ न्याय कर रही है।”
यह है मामला
– साध्वी 23 अक्टूबर 2008 से मालेगांव ब्लास्ट मामले में जेल में बंद थीं। NIA ने मई 2016 में साध्वी को इस मामले में क्लीन चिट दी थी।
– इसके बाद कोर्ट ने उन्हें 5 लाख रुपए के पर्सनल बॉन्ड पर रिहा करने के ऑर्डर दिए थे।
– कोर्ट ने बेल देते वक्त कहा था- साध्वी एक महिला हैं। 8 साल से ज्यादा वक्त से हिरासत में हैं। उन्हें ब्रेस्ट कैंसर भी है और वह काफी कमजोर हो गई हैं, बिना सहारे चलने में भी उन्हें दिक्कत होती है।
– साध्वी पुलिस कस्टडी में भोपाल के पंडित खुशीलाल शर्मा शासकीय (स्वशासी) आयुर्वेद महाविद्यालय में इलाज के लिए भर्ती थीं।
मालेगांव ब्लास्ट में मारे गए थे 7 लोग
-29 सितंबर 2008 को मालेगांव में हुए धमाके में 7 लोगों की मौत और 101 लोग घायल हुए थे। महाराष्ट्र एटीएस ने अपनी जांच में साध्वी प्रज्ञा ठाकुर सहित 11 लोगों को गिरफ्तार किया था। बाद में जांच एनआईए को दे दी गई।
– जिस LMLfreedom बाइक की वजह से साध्वी को आरोपी बनाया गया था वह साध्वी के नाम पर थी। लेकिन, धमाके के बहुत पहले से ही फरार आरोपी रामजी कालसांगरा उसे इस्तेमाल कर रहा था।
– इस मामले के ज्यादातर गवाह अपने पहले के बयानों से मुकर चुके थे।
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