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असंसदीय टिप्पणी करने के मामले में कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी पर विशेषाधिकार हनन का मामला चलेगा

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मीडिया पर कथित असंसदीय टिप्पणी करने के मामले में कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी पर विशेषाधिकार हनन का मामला चलेगा। भाजपा विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया ने पटवारी के खिलाफ सदन में विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव दिया था। जिस पर सत्ता और विपक्ष के सदस्यों के बीच टीक-टिप्पणी व तीखी बहस हुई।

इस हंगामे के बीच दो बार सदन की कार्रवाई स्थगित भी हुई। सिसोदिया ने जैसे ही 10 विधायकों के हस्ताक्षर से पेश किए गए प्रस्ताव को पढ़ना शुरु किया, कांग्रेस के मुख्य सचेतक रामनिवास रावत ने इस प्रस्ताव को खारिज करने की मांग कर दी। उन्होंने तर्क दिया कि असंसदीय टिप्पणी सदन की कार्यवाही से विलोपित करा दी गई है।

-जो सदन की प्रापर्टी नहीं है, उस विषय पर विशेषाधिकार हनन नहीं हो सकता है। लेकिन मंत्री गोपाल भार्गव और भूपेंद्र सिंह ने कहा कि कार्रवाई से विलोपित कराने के बाद भी सोशल मीडिया पर अनधिकृत तौर पर वायरल करवाया जा रहा है। इसलिए पटवारी पर विशेषाधिकार हनन का मामला चलना चाहिए। इस पर रावत ने कहा कि कांग्रेस यदि ऐसा है तो मैं पटवारी की तरफ से खेद व्यक्त करता हूं। इस पर संसदीय कार्य मंत्रीनरोत्तम मिश्रा ने कहा कि यह मीडिया जगत का अपमान है, इसलिए पटवारी की सदस्यता समाप्त होना चाहिए। करीब एक घंटे बहस होने के बाद अध्यक्ष डा. सीता सरन शर्मा ने विशेषाधिकार हनन का मामला समिति को सौंपे जाने की घोषणा की।

सदन में किसने, क्या कहा
-वन मंत्री गौरीशंकर शेजवार : विधायक पटवारी ने सदन की अवमानना की है। उन्होंने अपने निजी स्वार्थ के लिए सदन का दुरुपयोग किया है।
-गृह मंत्री भूपेंद्र सिंह : विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव पूरे तथ्यों के साथ प्रस्तुत किया गया है और इसे स्वीकार किया जाए।
-कांग्रेस विधायक रामनिवास रावत : गलत वक्तव्य पर विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव नहीं लाया जा सकता, उसके समाधान के लिए और उपाय हो सकते हैं।
-कांग्रेस विधायक सुंदरलाल तिवारी : क्या पटवारी ने असंसदीय भाषा का उपयोग किया है? नियम १६४ में किसी सदस्य के खिलाफ इसको लेकर विशेषाधिकार हनन होने का जिक्र नहीं है।

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