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पांच देशों के दौरे के तहत पीएम आज अफगानिस्तान पहुंचे

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नरेंद्र मोदी अफगानिस्तान के बाद कतर रवाना हो गए हैं। पांच देशों के दौरे के तहत पीएम आज अफगानिस्तान पहुंचे थे। उन्होंने हेरात में 1700 करोड़ रुपए की कॉस्ट से तैयार सलमा डैम का इनॉगरेशन किया। वेस्टर्न हेरात की चिश्त-ए-शरीफ नदी पर बने इस डैम से 75,000 हेक्टेयर जमीन को सिंचाई के लिए पानी मिलेगा और 42 मेगावॉट बिजली पैदा होगी। कतर के बाद वे स्विट्जरलैंड, अमेरिका और मेक्सिको भी जाएंगे। 6 दिन के इस दौरे में वे 45 घंटे यानी करीब दो दिन हवा में रहेंगे। इस दौरान सभी पांच देशों में 40 से ज्यादा ऑफिशियल प्रोग्राम्स में हिस्सा लेंगे।
– 2.09 PM : मोदी को अफगानिस्तान के सबसे बड़े सिविलियन अवाॅर्ड ‘अमीर अमनुल्लाह खान अवाॅर्ड’ से सम्मानित किया गया।
– 2.06 PM : स्पीच के आखिर में मोदी ने अफगानिस्तान और दुनियाभर के मुस्लिमों को रमजान की बधाई दी।
– 2.05 PM : पीएम मोदी ने हेरात के सूफी कवि जमी की लाइनें पढ़ीं – जो भी हुआ, हमेशा ताजगी, खुशहाली और दोस्ती का अनुभव रहेगा।
– 2.00 PM : मोदी ने कहा- हम आपकी डेमोक्रेसी की जड़ें गहरी देखना चाहते हैं। आपके लोगों को एकसाथ और इकोनॉमी व कल्चर संपन्न देखना चाहते हैं। हम चाहते हैं कि आपके क्रिकेटर आईपीएल और टेस्ट मैच खेलें।
– 1.53 PM : इस डैम को अफगान-इंडिया फ्रेंडशिप डैम कहने पर प्रेसिडेंट गनी का शुक्रिया।
– 1.50 PM : मोदी बोले- यह डैम सिर्फ ईंटों से नहीं, बल्कि भारत-अफगानिस्तान की दोस्ती और विश्वास से बना है।
– 1.40 PM : अफगानिस्तान के लोगों का शुक्रिया। भारत के लिए दोस्ती और प्यार देखकर गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं।
– 1.30 PM : अशरफ गनी ने कहा- हम फ्यूचर में भारत की मदद से रोड, डैम और 200 छोटे डेलवपमेंट प्रोजेक्ट्स पूरे करेंगे।
– 1.20 PM : यह डैम संबंधों और संपन्नता की नई मिसाल बनेगा।
– 1.17 PM : आज भारत की मदद से अफगानिस्तान का 30 साल पुराना सपना पूरा होने जा रहा है।
– 1.15 PM : अशरफ गनी ने कहा – दूसरे घर अफगानिस्तान में मोदी का स्वागत है।
– 1.10 PM : गाजी अमानुल्लाह खान हॉल में अशरफ गनी के साथ पहुंचे मोदी।
1.05 PM : गवर्नर ऑफिस में ट्रेडिशनल ड्रेस पहने बच्चों ने मोदी और अशरफ गनी का स्वागत किया।
पीएम ने पश्तो में किया ट्वीट
– मोदी ने ट्वीट किया, ‘अफगानिस्तान के ऐतिहासिक प्रॉविन्स हेरात पहुंच चुका हूं। सलमा डैम के इनॉगरेशन के बाद अशरफ गनी से मुलाकात होगी।’
क्यों अफगानिस्तान गए हैं मोदी?
– मोदी पिछले दो साल में 50 से ज्यादा देशों का दौरा कर चुके हैं।
– इस दौरे पर टेक्नोलॉजी ट्रांसफर, फॉरेन इन्वेस्टमेंट और बिजनेस पर फोकस रहेगा।
– इसके अलावा, भारत न्यूक्लियर सप्लायर ग्रुप की मेंबरशिप पाने के लिए इन देशों से समर्थन भी जुटाएगा। इस पर इसी महीने फैसला होना है।
– अमेरिका, स्विट्जरलैंड और मैक्सिको इस 48 मेंबर वाले स्पेशल ग्रुप में शामिल हैं। अमेरिका पहले ही भारत का सपोर्ट कर चुका है।
मेक्सिको से होगी वापसी
– मेक्सिको से लौटते वक्त मोदी का प्लेन फ्यूल भरवाने के लिए जर्मनी के फ्रैंकफर्ट में लैंड करेगा।
– मोदी इस मौके को जर्मनी के साथ दोतरफा बातचीत में भुना सकते हैं। इसी तरह, मोदी पिछले साल आयरलैंड में रुके थे।
1976 में गृहयुद्ध में तबाह हो गया था सलमा डैम
– जिस सलमा डैम का इनॉगरेशन मोदी ने किया है वह 551 मीटर लंबा, 107 मीटर ऊंचा और 500 मीटर चौड़ा है।
– हेरात प्रांत में चिश्त-ए-शरीफ नदी पर भारत ने यह डैम बनवाया है। 1976 में यह गृहयुद्ध में तबाह हो गया था।
– इस बांध को बनाने का फैसला जनवरी 2006 में लिया गया था। उसी साल काम शुरू हुआ।
– वैसे तो ये डैम एक साल पहले ही बन गया था, लेकिन पिछले साल जुलाई में इसके गेट बंद कर दिए गए।
– नदी में पानी का बहाव कम होने से करीब 20 किलोमीटर लंबे और 3.7 किलोमीटर चौड़े इस डैम को भरने में एक साल लग गया।
– इस पर 42 मेगावाट बिजली भी बनाई जाएगी। इससे करीब 80 हजार हेक्टेयर खेतों में सिंचाई भी हो सकेगी।
– बता दें कि मोदी ने पिछले साल अफगानिस्तान के नए पार्लियामेंट हाउस का भी उद्घाटन किया था। ये भी भारत ने ही बनवाया है।
स्ट्रैटजिक इम्पॉर्टेंस: तालिबान की पैठ बढ़ रही है। ऐसे में, मोदी का यह दौरा राष्ट्रपति अशरफ गनी को मजबूती देगा।
EXPERT VIEW : अफगानिस्तान का दौरा अहम क्यों?
– फॉरेन मामलों के एक्सपर्ट रहीस सिंह बताते हैं- “अफगानिस्तान दौरा अहम है, क्योंकि ईरान से चाबहार समझौते के बाद अफगानिस्तान के जरांज-डेलारम हाइवे की अहमियत बढ़ गई है। भारत को इसका फायदा उठाने के लिए अफगानिस्तान के साथ मिलकर नई कोशिशें करनी होंगी। लेकिन इसका स्ट्रैटजिक फायदा तभी मिलेगा, जब वह पाक को बड़ा भाई मानने के सिंड्रोम से बाहर आए।”
मोदी के दौरों का मेन एजेंडा क्या है?
– एक्सपर्ट रहीस सिंह के मुताबिक, “मेक इन इंडिया, स्किल इंडिया, स्मार्ट सिटी मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट हैं। लेकिन जरूरी कैपिटल और टेक्नोलॉजी का इन्फ्लो भारत की तरफ नहीं दिखा है। सुस्त नौकरशाही, हाई टैक्स रेट्स और स्किल्ड वर्कर्स की कमी के चलते इन्वेस्टर्स उत्साह नहीं दिखा रहे हैं। मोदी इन कमियों को दूर करने का भरोसा जगा सकते हैं।”
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