पाकिस्तान का एक बड़ा झूठ दुनिया के सामने आया

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पाकिस्तान का एक बड़ा झूठ दुनिया के सामने आया

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पाकिस्तान का एक बड़ा झूठ दुनिया के सामने आया है। एक अमेरिकी सोर्स ने दावा किया है कि पाकिस्तान अभी भी नॉर्थ कोरिया को न्यूक्लियर मटेरियल बेच रहा है। यह खबर उस वक्त आई है जब पाकिस्तान न्यूक्लियर सप्लायर ग्रुप (NSG) में खुद को शामिल करने की मांग को लेकर भारत का रास्ता रोक रहा है।
– न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, अमेरिकी सोर्स ने दावा किया है कि तेहरान में नॉर्थ कोरिया के दो डिप्लोमैट्स किम योंग चोई और जैंग योंग सन ने 2012 से 2015 के बीच 8 बार पाकिस्तान का दौरा किया था।
– इस दौरान नार्थ कोरिया के अफसर ने न्यूक्लियर प्रोग्राम से जुड़े पाकिस्तानी अफसरों से भी मुलाकात की थी।
– इन अफसरों को उस वक्त वेस्टर्न एजेंसियों के अफसरों ने ट्रैक किया था।
कैसे बेनकाब हुआ पाकिस्तान का दोहरा चेहरा?
– पाकिस्तान एक ओर एनएसजी में भारत की मेंबरशिप रोकने की कोशिश में खुद की एंट्री की मांग कर रहा है, दूसरी ओर नॉर्थ कोरिया की मदद कर रहा है।
– सोर्स का दावा है कि पाकिस्तान एटमी एनर्जी कमीशन (PAEC) ‘मोनेल’ और ‘इनकोनेल’ जैसे आइटम्स नॉर्थ कोरिया को बेच रहा है।
– न्यूक्लियर से जुड़े इन आइटम्स की सप्लाई पर यूएन ने बैन लगा रखा है।
– ये मटेरियल पाकिस्तान को चीन की ओर से दिए गए थे।
– चीन के ये मटेरियल जब नॉर्थ कोरिया के पास पहुंचे तो हाल में ही चाइना एटमिक एनर्जी अथॉरिटी के पास इसे लेकर शिकायत आई थी।
– बीजिंग सनटेक टेक्नॉलाजी कंपनी लिमिटेड के मटेरियल को पाकिस्तान की ओर से नॉर्थ कोरिया को दिया गया।
पाकिस्तान कब से कोरिया को बेच रहा है न्यूक्लियर टेक्नीक
– 1990 से 1998 के बीच पाकिस्तान ने पहली बार नॉर्थ कोरिया को न्यूक्लियर टेक्नीक बेचे थे।
– प्योंगयांग में उस दौरान हर महीने दो प्लेन पाकिस्तान में उतरते थे।
– बदनाम साइंटिस्ट ए.क्यू. खान ने न्यूक्लियर वेपन्स डेवलप करने की टेक्नीक नॉर्थ कोरिया को बेची थी।
– यह भी आरोप है कि उन्होंने सेंट्रिफ्यूज इनरिचमेंट टैक्नोलॉजी गैरकानूनी तरीके से नॉर्थ कोरिया को दी थी।
– इसी सेंट्रिफ्यूज टैक्नोलॉजी का इस्तेमाल कुछ हाइड्रोजन फैसिलिटीज में भी होता है।
– नॉर्थ कोरिया के एक सीनियर ऑफिसर ने 1998 में खान को लेटर भेजा था।
– इसमें पाकिस्तान के किसी पूर्व आर्मी चीफ को 30 लाख डॉलर देने की बात की गई थी।
– खान ने टेलिविजन के सामने यह कबूल किया था कि उन्होंने टैक्नोलॉजी बेची थी। लेकिन कहा था कि इसमें पाकिस्तान का हाथ नहीं था।
– खान के इस बयान के बाद प्रेसिडेंट परवेज मुशर्रफ ने 2004 में उन्हें माफी दे दी थी।

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