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प्रदेश अध्यक्ष पद की कमान जबलपुर से सांसद राकेश सिंह को सौंपी

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मध्यप्रदेश और राजस्थान भाजपा में विधानसभा चुनाव के पहले संगठन में बदलाव हो रहा है। मध्यप्रदेश में नंद कुमार चौहान ने प्रदेश अध्यक्ष पद छोड़ दिया। उनकी जगह जबलपुर से सांसद राकेश सिंह को कमान सौंपी गई है। केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को चुनाव अभियान समिति का संयोजक बनाया गया है। उधर, राजस्थान में प्रदेश अध्यक्ष अशोक परणामी ने भी इस्तीफा दे दिया है।

इन नामों पर थी चर्चा
– मध्य प्रदेश में अध्यक्ष के लिए राकेश सिंह के अलावा कैलाश विजयवर्गीय, नरोत्तम मिश्रा, भूपेंद्र सिंह के नाम पर चर्चा हो रही थी।

– बीजेपी सूत्रों का कहना था कि जिन नामों को शिवराज सिंह चौहान आगे बढ़ा रहे थे उन्हें दिल्ली से हरी झंडी नहीं मिल रही थी। बाद में बीच का रास्ता निकालने के लिए राकेश सिंह के नाम को आगे बढ़ाया गया।

– तोमर को मध्य प्रदेश चुनाव अभियान समिति का संयोजक बनाया गया है। इसके साथ ही नरोत्तम मिश्रा, लाल सिंह आर्य और फग्गन सिंह कुलस्ते सह संयोजक बनाए गए हैं।

कौन हैं राकेश सिंह

– राकेश सिंह तीसरी बार जबलपुर से सांसद हैं। पार्टी में उनकी पहचान अच्छे कैंपेनर की है। वे छात्र राजनीति से सक्रिय हैं। जबलपुर सांइस कालेज में प्रहलाद पटेल के अगुवाई में राकेश सिंह की छात्र राजनीति शुरू हुई थी।

चार बार पहले भी फोन पर हटने की बात कह चुके थे नंदकुमार : सीएम

– भीकनगांव के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि नंदकुमार सिंह ने पहले भी चार बार फोन पर यह इच्छा जताई थी कि वे पद से हटना चाहते हैं। वे संसदीय क्षेत्र में काम करना चाहते हैं क्योंकि प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर वे काफी व्यस्त रहते हैं और अपने संसदीय क्षेत्र में ज्यादा समय नहीं दे पा रहे है। इसलिए वे हटना चाहते है।

नंदकुमार ने एक साल पहले दिया इस्तीफा
– नंदकुमार सिंह चौहान पहली बार 16 अगस्त 2014 को प्रदेश अध्यक्ष मनोनीत हुए थे। वे 4 जनवरी 2016 तक रहे। इसके बाद फिर से वे चुने गए। उनका कार्यकाल 4 जनवरी 2019 को पूरा होना था। लेकिन एक साल पहले ही उन्हें पद से हटना पड़ा।

राजस्थान में जल्द चुना जाएगा अध्यक्ष

– उधर, राजस्थान में परणामी राष्ट्रीय कार्यसमिति के सदस्य बनाए गए हैं। पार्टी ने उनके इस्तीफे का औपचारिक एलान नहीं किया है।

– एक-दो दिन में ही पार्टी परणामी के इस्तीफे और नए अध्यक्ष के नाम की घोषणा कर सकती है।

 परनामी ने की पुष्टि
– जब भास्कर ने परनामी से संपर्क किया गया तो उन्होंने इस्तीफे की पुष्टि कर दी। परनामी ने बताया कि उन्होंने 16 अप्रेल को ही इस्तीफा दे दिया था। केंद्रीय नेतृत्व ने बुधवार को इस्तीफा स्वीकर कर लिया।
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