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मानसून की जल्द आमद के बावजूद मध्य भारत को गर्मी से राहत मिलने के आसार नहीं

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दक्षिण-पश्चिमी मानसून तीन दिन पहले केरल के तटों से टकराया। मौसम विभाग ने कहा कि अगले 48 घंटों के भीतर मानसून के केरल के बचे हुए हिस्सों, कर्नाटक, उत्तर-पूर्व राज्यों के कुछ हिस्सों और बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ने के लिए परिस्थितियां बेहतर हैं। हालांकि, कर्नाटक के मंगलौर में मंगलवार को ही भारी बारिश हुई और सड़कों पर पानी भर गया। मानसून की जल्द आमद के बावजूद मध्य भारत को गर्मी से राहत मिलने के आसार नहीं हैं। मौसम विभाग ने मध्यप्रदेश और राजस्थान के कुछ हिस्सों में लू की चेतावनी जारी की है।

स्काई मेट का दावा- 28 को पहुंचा मानसून

– मौसम विभाग ने कहा कि 29 मई को मानसून केरल पहुंचा, जो आमतौर पर 1 जून को पहुंचता है और पूरे देश पर इसका असर होने में करीब डेढ़ महीने लगते हैं। कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप, अंडमान, निकोबार, नगालैंड, मणिपुर, त्रिपुरा और मिजोरम में भारी बारिश के आसार हैं।

– बता दें कि निजी एजेंसी स्काई मेट के मुताबिक, मानसून 28 मई को ही केरला पहुंच गया था।

मंगलौर में राहत और बचाव कार्य शुरू

– मंगलौर में मंगलवार को भी भारी बारिश हुई। यहां सड़कों पर पानी भर गया। जिसके बाद यहां राहत और बचाव कार्य शुरू किए गए हैं।

मध्य भारत में गर्म हवाओं की चेतावनी

– मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तरी और मध्य भारत में तापमान पर मानसून के आने का खास असर नहीं पड़ेगा। विभाग का कहना है कि पश्चिमी, पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों और मध्य प्रदेश में गर्म हवाएं चल सकती हैं।

– बता दें कि मध्य प्रदेश में बीते 24 घंटों में खजुराहो देश में सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 48.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

बूंदी में पारा 49 डिग्री पहुंचा

बूंदी (राजस्थान): 49

श्रीगंगानगर (राजस्थान): 48.7

चुरू (राजस्थान): 47.6

बारां (राजस्थान): 47

ग्वालियर (मध्य प्रदेश): 45.4

अकोला (महाराष्ट्र): 46.9

इलाहाबाद(यूपी): 46.3

अमरावती (महाराष्ट्र): 46.4

ग्वालियार (मध्यप्रदेश): 45.4

 खंडवा (मध्यप्रदेश): 45.1
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