स्वात‍ि एयर इंड‍िया के बोइंग 777 और 787 एयरक्राफ्ट में एयरहोस्टेस हैं

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रामनाथ कोव‍िंद ने देश के 14वें राष्ट्रपत‍ि पद की शपथ ले ली है। इनकी बेटी स्वात‍ि ऑस्ट्रेलिया, यूरोप और यूएस जैसे लंबे रूट पर उड़ने वाले एयर इंड‍िया के बोइंग 777 और 787 एयरक्राफ्ट में एयरहोस्टेस हैं। बता दें, कुछ द‍िनों पहले ऐसी खबरें आई थीं क‍ि एयर इंडिया का सरकार प्राइवेटाइजेशन करने जा रही है। ऐसे में रामनाथ कोव‍िंद के राष्ट्रपत‍ि बनने के बाद वहां के वर्कर्स का मोराल बढ़ा है। – मीड‍िया र‍िपोर्ट्स के मुताबिक, एयरइंड‍िया के एक सूत्र ने बताया, ”स्वाति हमारे सबसे अच्छे क्रू मेंबर्स में से एक हैं। एक राजनीतिक परिवार की होने के बावजूद वे कभी उसका प्रभाव अपने काम पर नहीं पड़ने देती हैं।”- ”जब कुछ दिनों पहले स्वाति ने प्रिवलेज लीव अप्लाई की थी, तब भी उन्होंने ये नहीं बताया कि वे अपने पिता के राष्ट्रपति चुनाव के लिए छुट्टी ले रही हैं। यहां तक वे अपने सरनेम में भी ‘कोव‍िंद’ का इस्तेमाल नहीं करती हैं। उनके ऑफिशियल रिकॉर्ड्स में भी मां का नाम सविता और पिता का नाम आरएन कोविंद लिखा गया है।”
अब पता चला, रामनाथ की बेटी हैं स्वात‍ि…
– जानकारी के मुताबिक, स्वाति के विनम्र स्वभाव को देखते हुए उनकी टीम के कई साथ‍ियों को भी नहीं पता था क‍ि वे रामनाथ कोव‍िंद की बेटी हैं।
– B-777 और 787 एयरक्राफ्ट के वे क्रू मेंबर्स जिन्होंने कई बार स्वाति के साथ सफर किया है, उन्हें भी गुरुवार को ही ये पता चला कि रामनाथ कोविंद स्वाति के पिता हैं।
– ऐसे में अब एयर इंडिया के कुछ वर्कर्स राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से एयर इंड‍िया को प्राइवेटाइज न करने का आग्रह करने की सोच रहे हैं।
– बता दें, कोविंद के साले सी. शेखर एयरलाइन से इन-फ्लाइट सुपरवाइजर के तौर पर रिटायर हुए हैं। शेखर एयर इंड‍िया कैबिन क्रू एसोसिएशन (AICCA) के उपाध्यक्ष थे।
रामनाथ कोव‍िंद के अभिनंदन समारोह में बेटी रहीं मौजूद
– रामनाथ की जीत के बाद दिल्ली में उनके परिवार के लोग उनके अभिनंदन समारोह के वक्त 10 अकबर रोड पर मौजूद थे। यहां उनकी पत्नी सविता, बेटी स्वाति, बेटे प्रशांत के अलावा पोता-पोती और बहू भी मौजूद थे।
– स्वाति ने बताया, ”कभी नहीं सोचा था कि मेरे पिता राष्ट्रपति बनेंगे। जब पहली बार एनडीए ने उन्हें राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया तो उन्हें विश्वास ही नहीं हुआ। जिस दिन से उन्हें समर्थन मिला, वो अपनी जीत को लेकर आश्वस्त थे। एनडीए ही नहीं, कई दूसरे दलों ने भी पिता का समर्थन किया है।”
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