जम्मू-कश्मीर में उपद्रवियों ने कर्फ्यू तोड़कर निकाली रैली

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जम्मू-कश्मीर में पांचवें दिन भी कर्फ्यू जारी रहा। वहीं, अनंतनाग जिले के बिजबेहरा में अमरनाथ यात्रियों से भरी बस का एक्सीडेंट हो गया। इसमें दो लोगों की मौत हो गई। 28 लोग घायल हो गए। लोकल लोगों ने कर्फ्यू तोड़कर कई लोगों की जान बचाई। बता दें कि घाटी में बुरहान वानी की मौत के बाद हो रहे प्रदर्शनों में अनंतनाग सबसे ज्यादा प्रभावित है। अलगाववादियों ने यहां कर्फ्यू तोड़कर रैली निकाली। सीआरपीएफ की फायरिंग में एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई। इसके बाद रामबन में अमरनाथ यात्रा को रोक दिया गया। राज्य में भड़की हिंसा से अब तक 37 मौतें हो चुकी हैं।
 – अमरनाथ यात्रियों को लेकर बस बाल्टाल से जम्मू जा रही थी।
– बिजबेहरा के संगम इलाके के पास बस और ट्रक की टक्कर हो गई।
– हादसे में मेरठ के प्रमोद कुमार और स्थानीय ड्राइवर बिलाल अहमद मीर की मौत हो गई। 23 लोग घायल हुए हैं।
– जैसे ही लोगों की हादसे की खबर मिली, वे कर्फ्यू के बावजूद मौके पर पहुंच गए।
– बता दें बिजबेहरा सीएम महबूबा मुफ्ती का होमटाउन है।
– मेरठ के एके अरोड़ा के मुताबिक, करीब 50 स्थानीय लोग मदद के लिए आ गए। उन्होंने तुरंत घायलों को बस से निकाला।
– अरोड़ा बताते हैं, “अगर किसी को इंसानियत सीखनी है तो कश्मीरियों से सीखनी चाहिए। कश्मीर के लोग सच्चे मायनों में इंसानियत समझते हैं। वे तुरंत हमारी मदद के लिए आए।”
उपद्रवियों ने कर्फ्यू तोड़कर निकाली रैली
– कश्मीर में हर साल 13 जुलाई को शहीदी दिवस मनाया जाता है, इसलिए अलगाववादियों ने कर्फ्यू तोड़कर रैली निकाली।
– यारीपोरा में एक पुलिसकर्मी के घर को आग लगा दी।
– उधर, अनंतनाग जिले में प्रदर्शन के दौरान उग्र भीड़ पर सीआरपीएफ की फायरिंग में एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई। इसके बाद अमरनाथ यात्रा को रामबन में रोक दिया गया।
– सईद अली शाह गिलानी, मीरवाइज उमर फारूख समेत कई अलगाववादी नेताओं को हिरासत में ले लिया। हालांकि, बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।
– अलगाववादियों ने लोगों से हड़ताल दो दिन और आगे बढ़ाने का एलान किया है।
घाटी में अब भी बवाल जारी
– राज्य में बुधवार को खुदवानी, कुलगाम, सोपोर, इमाम साहिब, शोपिया, ककपोरा, करालपोरा, कुपवाड़ा, त्रेगाम, लंगेट और लारपोरा में बवाल हुआ।
– बांडीपोरा और अनंतनाग में भारत विरोधी नारे के साथ पाकिस्तान और आईएसआईएस के झंडे लहराए गए।
– कश्मीर के बाकी जिलों में भी सिक्युरिटी फोर्सेस को निशाना बनाकर पथराव किया गया।
– इन सब के बीच पुलिस और एडमिनिस्ट्रेशन हर जिले में लोगों से मिलकर हालात ठीक करने में लगा है।
– सीएम महबूबा मुफ्ती ने घाटी को हिंसा से बाहर निकालने के लिए जनता से सहयोग मांगा है।
– उन्होंने कहा, “13 जुलाई, 1991 को जम्मू-कश्मीर के इतिहास में निर्णायक माना जाता है। यही वह समय था जब यहां लोकतंत्र की स्थापना हुई थी।”
महबूबा ने केंद्र से कहा- घाटी में आई यूनिट लाइए
– सिक्युरिटी फोर्सेस द्वारा भीड़ कंट्रोल करने के लिए इस्तेमाल में लाए जा रहे पैलेट गन के छर्रों से लोगों की आंखें खराब हो रही हैं।
– सैकड़ों लोगों की रोशनी जाने का खतरा है।
– जानकारी मिलते ही महबूबा ने फौरन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को फोन लगा कर कहा, “जैसे मोदीजी केरल में बर्न यूनिट ले गए थे, कश्मीर में आई यूनिट लाइए।”
– उन्होंने ये भी कहा कि दिल्ली से आंखों के सर्जन और डॉक्टर खासकर रेटिना के स्पेशलिस्ट को घाटी भेजा जाए।
– इसके बाद दिल्ली एम्स से तीन आई स्पेशलिस्ट को कश्मीर रवाना कर दिया गया।
– बता दें कि लॉ एंड ऑर्डर की बहाली के लिए फोर्सेस को बल प्रयोग करना पड़ रहा है। भीड़ को खदेड़ने के लिए पैलेट गन का इस्तेमाल इस बार ज्यादा हुआ।
– इसके छर्रों से आंख के पर्दे को नुकसान पहुंचता है, कई बार दिखना बंद हो जाता है।
फोर्सेस का कारगर हथियार है पैलेट गन
– एक पुलिस अफसर के मुताबिक, उन्हें पैलेट गन के खराब नतीजों की जानकारी है, लेकिन इसके अलावा दूसरा कोई रास्ता नहीं है। हमारा हथियार पैलेट गन ही है, जिससे प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा जा सकता है।
– “दरअसल, मौत सभी का ध्यान खींचती है, ऐसे में इसका इस्तेमाल हमारी मजबूरी है।”
– कश्मीर में प्रदर्शनों को रोकने के लिए 2010 से पुलिस पैलेट गन यानी छर्रे वाली बंदूक का इस्तेमाल कर रही है।
– इससे किसी की मौत नहीं होती, लेकिन गंभीर चोटें जरूर आती हैं।
– पैलेट गन से सैकड़ों छर्रे निकलते हैं। छर्रे तेजी से निकालें इसके के लिए हाइड्रोलिक फोर्स का इस्तेमाल होता है।
– ये आंख में घुस जाते हैं और टिश्यूज को धीरे-धीरे खराब करने लगते हैं।
– कई की आंखें तो हमेशा के लिए खराब हो गई हैं। पुलिस हर साल इसका इस्तेमाल बढ़ाती रही है।
उमर बोले- पीडीपी सरकार हालात नहीं संभाल पा रही
– पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला ने महबूबा पर निशाना साधा है।
– उन्होंने कहा कि पीडीपी सरकार बुरहान की मौत के बाद हालात का आकलन करने में नाकाम रही है।
– “महबूबा ‘बेशर्मी’ से हिंसा प्रभावित राज्य में स्थितियों के सामान्य होने का संदेश दे रही हैं।”
– “हालात 2008 या 2010 से ज्यादा खराब हैं।”
कश्मीर की शिकायत लेकर पाक यूएन पहुंचा
– आतंकी बुरहान के मार गिराए जाने को पाकिस्तान पहले ही क्रिटिसाइज कर चुका है।
– अब कश्मीर हिंसा की शिकायत लेकर पाकिस्तान दुनिया के पांच बड़े देशों के सामने पहुंचा है।
– पाक ने संयुक्त राष्ट्र सिक्युरिटी काउंसिल के पांच परमानेंट मेंबर्स (पी-5) से कहा कि वे कश्मीर में तनावपूर्ण हालात का जायजा लें।
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