योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को CM हाउस में जनता दरबार लगाया

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योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को CM हाउस में जनता दरबार लगाया। यूपी भर से आए लोगों ने सीएम को अपनी प्रॉब्लम बताई। इसमें मथुरा के वृन्दावन से आया एक शख्स सीएम से मिलते ही रोने लगा। फरियादी ने कहा, ” सरकार मेरी बेटी को होली के दिन कुछ बदमाश उठा ले गए, इस बात को 1 महीने हो गए, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।”
CM – कहां से आए हो ?
फरियादी – साहब! मेरा नाम सुभाष गौतम है और मैं वृन्दावन से आया हूं।
CM – क्या परेशानी है ?
फरियादी – साहब! मेरी बेटी को 12 मार्च होली के दिन कुछ बदमाश उठा ले गए थे, जिसका अभी तक कोई पता नहीं चला।
CM – कंप्लेंट दर्ज कराई है?
फरियादी – हां साहब! मैंने FIR दर्ज कराई, लेकिन आगे कोई कार्रवाई नहीं हुई। शिकायत लेकर एसएसपी और डीआईजी के पास भी गया, लेकिन कोई मदद नहीं मिली। इसके बाद मेरी पत्नी आईजी के पास पहुंची, वहां आश्वासन मिला फिर भी बेटी नहीं मिली। शिकायत करने पर बदमाशों ने पत्नी के पैर भी तोड़ दिए। अब आप ही मदद करें।
CM – परेशान न हो। मैं तुम्हारी बेटी खोजूंगा। तत्काल कार्रवाई करने के लिए बोलता हूं।
अब लगता है मेरी बेटी मिल जाएगी
– युवक सुभाष गौतम मथुरा वृन्दावन के गौधूलिपुरम का रहने वाला है और वहीं प्राइवेट नौकरी करता है।
– फरियादी युवक का कहना है, ”सुबह 6 बजे से ही पत्नी के साथ सीएम आवास आ गया था। करीब 1 घंटे बाद मेरी मुलाकात सीएम से हुई। वो मेरे पास आए और मेरा शिकायती पत्र लेकर मुझसे मेरी परेशानी पूछी। सीएम ने आश्वासन दिया है, अब लगता है बेटी मिल जाएगी। ”
CM के जनता दरबार के लिए अपनाई गई ये प्रोसेस
– जनता दरबार किस दिन होगा और किस टाइम पर होगा, इसका फैसला पूरी तरह से योगी खुद ही करते हैं।
– इसमें 50 से 100 लोगों को CM बुलाते हैं। उनकी प्रॉब्लम सुनते हैं।
– इन लोगों का सेलेक्शन एप्लीकेशन फॉर्म से होता है। इसे सीएम हाउस में बने ऑफिस में जमा करना होता है।
– इसके बाद यूपी भर से आई एप्लीकेशन में से प्रॉयर्टी के हिसाब से लोगों को कॉल करके जनता दरबार के लिए बुलाया जाता है।
– बता दें, पूर्व सीएम अखिलेश यादव भी अपने कार्यकाल के शुरुआती दिनों में मंथ के लास्ट बुधवार को जनता दरबार लगाते थे।
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