About us

पवित्र हिमलिंग 6 दिन पहले पूरी तरह पिघला

0
जम्मू से रवाना हुए जत्थे में कुल 908 पुरुष, 304 महिलाएं, कुछ बच्चे और 70 साधु शामिल हैं। जत्थे को जम्मू के भगवतीनगर स्थित कैंप से 43 गाड़ियों के काफिले के साथ सुबह रवाना किया गया। ऐसा अनुमान है कि ये तीर्थयात्री आज शाम तक पहलगाम के बालटाल और नुनवान स्थित कैंपों में पहुंच जाएंगे। इस जत्थे की रवानगी के साथ ही जम्मू से लगभग साढ़े 76 हजार श्रद्धालु अमरनाथ स्थित पवित्र हिमलिंग के दर्शन करने के लिए रवाना हो चुके हैं। हालांकि यह पवित्र हिमलिंग 6 दिन पहले पूरी तरह पिघल चुका है।
यह भी सच्चाई है कि श्रद्धालुओं की आस्था, श्रद्धा व उत्साह के आगे हिमलिंग के पिघलने की खबर और कश्मीर के हालात बेमानी साबित हुए हैं। दो जुलाई से शुरू हुई यात्रा में अब तक करीब 1.90 लाख श्रद्धालुओं ने पवित्र गुफा में हिमलिंग के दर्शन किए हैं, जो कि रिकार्ड है। अभी यात्रा संपन्न होने में 83 दिन का समय शेष बचा है। अमरनाथ श्राइन बोर्ड के अनुसार अगर इस तरह ही शिव भक्तों का आगमन जारी रहा तो पहले के सारे रिकार्ड टूट जाएंगे।आंकडों पर नजर डाली जाए तो वर्ष 2004 में करीब चार लाख, 2005 में 5 लाख, 2006 में 2.65 लाख, वर्ष 2007 में 2.13 लाख, वर्ष 2008 में 4.98 लाख और 2009 में 3.73 लाख श्रद्धालुओं ने यात्रा की थी। इस बार 21 दिनों में ही 1.90 लाख भक्तों ने दर्शन करके नया रिकार्ड बनाया है।हालांकि जब से यात्रा शुरू हुई है तब से लेकर कश्मीर में हिंसा का माहौल बना हुआ है, लेकिन देश के कोने-कोने से श्रद्धालुओं के कदम नहीं रुके हैं। वर्ष 1988 में मात्र 96 हजार श्रद्धालुओं ने यात्रा की थी, उसके बाद श्रद्धालुओं की संख्या में निरंतर वृद्धि होती गई। वर्ष 2008 में अमरनाथ भूमि विवाद के बाद जम्मू में बड़ा आंदोलन हुआ, जम्मू बंद रहा, लेकिन यात्रा पर कोई असर नहीं पड़ा।इस बार मौसम खराब होने के साथ साथ हिंसा के कारण कई बार यात्रा को स्थगित किया गया है, लेकिन श्रद्धालुओं की संख्या में कोई कमी नहीं आई है। दो लाख में से एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने जम्मू स्थित आधार शिविर में न जाकर सीधे पहलगाम व बालटाल से यात्रा की है। जबकि करीब एक लाख श्रद्धालु ही यात्री निवास से जत्थे में शामिल होकर यात्रा पर गए हैं। इसके अलावा हजारों की संख्या में कुछ श्रद्धालुओं ने बिना पंजीकरण के दर्शन किए हैं।
Share.

About Author

Leave A Reply