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पोस्टर बॉय आतंकी कमांडर बुरहान वानी की मौत के बाद कश्मीर जल उठा

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हिज्बुल मुजाहिदीन के पोस्टर बॉय आतंकी कमांडर बुरहान वानी की मौत के बाद कश्मीर जल उठा है। कश्मीर में जमकर हुई हिंसा में पांच लोगों के मारे जाने की खबर है। फिलहाल पुलिस ने तीन मौतों की पुष्टि की है, लेकिन विभिन्न अस्पतालों से मिली सूचनाओं के मुताबिक, पुलिस गोली से जख्मी हुए पांच लोगों की मौत हुई है।

कश्मीर के कई हिस्सों में जमकर हिंसा हुई तो पुलिस ने कई जगह गोली चलाई। साड़फूंक और पथराव का सिलसिला न सिर्फ कश्मीर में सारा दिन चलता रहा बल्कि जम्मू संभाग के भी कई इलाकों में चला। वानी के जनाजे में हजारों लोग भी शामिल हुए जो पाकिस्तान जिन्दाबाद के नारे लगाते रहे थे। बुरहान की कल हुई मौत के बाद से ही कश्मीर के कई हिस्सों में कर्फ्यू लगाया जा चुका है। इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं बंद की जा चुकी है। कई स्थानों पर पुलिस पोस्टों और सेना के बंकरों पर भारी पथराव की खबरें हैं।
कश्मीर के कई हिस्सों में शनिवार को कर्फ्यू पाबंदियों के बावजदू जम कर हुई हिंसा में बीसियों लोग जख्मी हो गए। कई स्थानों पर पुलिस ने गोली भी चलाई। कई लोगों को गोली के जख्मों के बाद अस्पतालों में भर्ती करवाया गया। जिनमें से पांच की मौत की खबर है। हालांकि आधिकारिक तौर पर फिलहाल 3 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की गई है। अंतिम समाचार भिजवाए जाने तक हिंसा थमी नहीं थी। नए स्थानों पर साड़फूंक और हिंसा की खबरें मिल रही थीं।
हिज्ब कमांडर बुरहान वानी के जनाजे में 20,000 से अधिक लोग उमड़े थे। पुलवामा जिले के विभिन्न हिस्सों के लोग वानी के जनाजे में हिस्सा लेने के लिए शरीफाबाद में इकट्ठा हुए। वानी और उसके दो सहयोगियों को शुक्रवार को अनंतनाग जिले के बामडोरा (कोकरनाग) गांव में सुरक्षबलों के साथ मुठभेड़ में मार गिराया गया था।
जनाजे में शामिल युवाओं ने वानी के रास्ते यानी आतंकवाद पर चलने का संकल्प लिया और इस्लाम और आजादी के समर्थन में नारेबाजी की। प्रशासन ने किसी भी तरह का संघर्ष टालने के लिए अंतिम संस्कार स्थल के चारों ओर तैनात सभी सुरक्षाबलों को हटाकर अंतिम संस्कार की इजाजत दे दी। प्रशासन ने पूरे पुलवामा जिले में कर्फ्यू लगा दिया था, लेकिन लोग कर्फ्यू के बावजूद वानी के जनाजे में हिस्सा लेने पहुंचे।
कश्मीर में वानी की मौत के मद्देनजर किसी भी तरह की अफवाह की आशंका को देखते हुए मोबाइल इंटरनेट सेवाएं स्थगित कर दी गईं। प्रशासन ने दक्षिण कश्मीर के पुलवामा, अनंतनाग, छोपियां और कुलगाम जिलों में भी मोबाइल फोन सेवाएं बंद कर दीं। श्रीनगर में सात पुलिस थानों के तहत आने वाले क्षेत्रों में भी निषेधाज्ञा लागू है। इनमें नौहट्टा, खानयार, रैनावाड़ी, एमआर गंज, सफाकदल, मैसूमा, क्रालखुद शामिल हैं। सभी स्कूलों में निर्धारित बोर्ड परीक्षाएं भी स्थगित कर दी गईं। बारामुल्ला से जम्मू के बनिहाल के बीच रेल सेवा भी रोक दी गई।
सुरक्षाबलों ने शुक्रवार को वानी और उसके दो सहयोगियों को मुठभेड़ में मार गिराया। कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका के मद्देनजर शुक्रवार को शवों को दफनाने की प्रक्रिया पूरी नहीं की जा सकी। सइर्द अली गिलानी, मीरवायज उमर फारुख और महिला अलगाववादी संगठन की प्रमुख आसिया अंद्राबी सहित अलगाववादियों ने वानी की हत्या के विरोध में घाटी में बंद का आह्वान किया था।
बुरहान वानी के मारे जाने के बाद कश्मीर में स्थिति कल रात को ही तनावपूर्ण हो गई थी। श्रीनगर शहर समेत घाटी के कई हिस्सों में कर्फ्यू जैसे प्रतिबंध लागू किए गए और विरोध प्रदर्शनों की आशंका के चलते अमरनाथ यात्रा स्थगित कर दी गई।
प्रदर्शनकारियों ने अलगाववादी नेताओं के हड़ताल का आह्वान करने के बाद कई स्थानों पर शहर के प्रवेश मार्गों एवं मुख्य सड़कों को बाधित कर दिया। अलगाववादी नेताओं को एहतियातन नजरबंद रखा गया है। आतंकवाद का चेहरा बने वानी के ऑडियो संदेशों के प्रसारण के लिए कुछ स्थानों पर लाउडस्पीकरों का इस्तेमाल किया गया। कश्मीर में मोबाइल इंटरनेट सेवा को बंद कर दिया गया जबकि दक्षिण कश्मीर में मोबाइल फोन सेवाओं को प्रतिबंधित कर दिया गया है।
भीड़ ने पूर्व में रेलगाड़ियों को निशाना बनाया है जिसके मद्देनजर कश्मीर के बारामुल्ला और पीर पंजाल पर्वतीय श्रृंखला पर स्थित बनिहाल के बीच रेल सेवाएं भी दिनभर के लिए निलंबित कर दी गईं। सईद अली शाह गिलानी, मीरवाइज उमर फारुक और मोहम्मद यासीन मलिक समेत शीर्ष अलगाववादी नेताओं को शुक्रवार रात नजरबंद कर दिया गया क्योंकि उन्होंने आज बंद का आह्वान किया था।
हुर्रियत के दोनों धड़ों ने मारे गए आतंकवादियों के लिए जनाजे की गायबाना नमाज पढ़े जाने की योजना बनाई थी। महिलाओं के कट्टरपंथी संगठन दुख्तरान ए मिल्लत की प्रमुख आसिया अंद्राबी ने तीन दिवसीय बंद का आह्वान किया है।
इस बीच, अधिकारियों ने बताया कि दुकान, निजी कार्यालय, व्यापारिक प्रतिष्ठान एवं पेट्रोल पंप बंद कर दिए गए हैं जबकि सरकारी कार्यालयों एवं बैंकों में बहुत कम लोगों को देखा गया। उन्होंने बताया कि सार्वजनिक वाहन सड़कों से नदारद रहे, जबकि कुछ स्थानों पर निजी कारें एवं ऑटो रिक्शा चलते देखे गए। ग्रीष्मकालीन छुट्टियों के मद्देनजर घाटी में शैक्षणिक संस्थान बंद रहे। अधिकारियों ने बताया कि घाटी में जिला मुख्यालय से बंद की सूचना मिली है। कश्मीर केंद्रीय विश्वविद्यालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि विश्वविद्यालय ने आज के लिए निर्धारित सभी परीक्षाएं स्थगित कर दी थीं।
उन्होंने कहा कि परीक्षा के लिए नई तिथियों के संबंध में अलग से अधिसूचना जारी की जाएगी। जम्मू-कश्मीर स्कूल शिक्षा बोर्ड ने भी हड़ताल के मद्देनजर आज होने वाली परीक्षा स्थगित कर दी। अधिकारी ने बताया कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए और शरारती को अफवाह फैलाने से रोकने के लिए पूरी कश्मीर घाटी में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं और दक्षिण कश्मीर में फिलहाल के लिए मोबाइल सुविधा पूरी तरह से रोक दी गई है लेकिन ब्रॉडबैंड सेवाएं पहले की तरह चालू हैं।
हिज्बुल मुजाहिदीन के शीर्ष कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद कश्मीर घाटी में कानून और व्यवस्था बिगड़ने की आशंका को देखते हुए अधिकारियों ने आज अमरनाथ यात्रा को स्थगित कर दिया। वानी और उसके दो साथी शुक्रवार को सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए थे। पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि जम्मू आधार शिविर से अमरनाथ यात्रा को स्थगित कर दिया गया है। आज किसी और तीर्थयात्री को घाटी की तरफ जाने की इजाजत नहीं दी गई। हालांकि कश्मीर में पहलगाम और बालटाल आधार शिविरों से यात्रा जारी है। तीर्थयात्रियों को ताकीद की गई थी कि उनके आगे बढ़ने के बारे में कोई हिदायत जारी होने तक वे इन्हीं शिविरों में रुकें।
21 वर्षीय वानी को आतंकी संगठन हिज्बुल मुजाहिदीन का चेहरा माना जाता था और वह कश्मीरी युवकों को आतंकवाद की तरफ आकर्षित करता था। दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में शुक्रवार को कोकेरनाग इलाके में वानी के मारे जाने के बाद पैदा हुए तनाव को देखते हुए अधिकारियों ने उक्त कदम उठाए हैं। अधिकारी ने कहा कि घाटी में हालात का जायजा लेने के बाद ही जम्मू से अमरनाथ यात्रा बहाल करने के बारे में कोई फैसला किया जाएगा।
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