About us

इंटर-स्टेट काउंसिल की यह 11th मीटिंग थी जो 10 साल बाद हुई

0
पीएम नरेंद्र मोदी के साथ शनिवार को राज्यों के मुख्यमंत्रियों की मीटिंग हुई। इस दौरान मोदी ने जोर दिया कि सभी राज्य केंद्र के साथ इंटेलिजेंस की सूचनाएं शेयर करें। यूपी के सीएम अखिलेश यादव, जम्मू कश्मीर की सीएम महबूबा मुफ्ती और कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया मीटिंग में नहीं पहुंचे। वहीं, अरविंद केजरीवाल देर से पहुंचे। बता दें कि इंटर-स्टेट काउंसिल की यह 11th मीटिंग थी जो 10 साल बाद हुई। इसका मकसद केंद्र और राज्य सरकार के बीच रिलेशन को मजबूत करना है।
– मीटिंग के दौरान बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि गवर्नर का पद खत्म होना चाहिए।
– यदि पद खत्म नहीं किया जाए तो फिर राज्यपाल की नियुक्ति की प्रक्रिया पारदर्शी बनाई जाए।
– मीटिंग में मोदी ने राज्य सरकारों से खुफिया सूचनाएं साझा करने को कहा, ताकि देश की अंदरूनी सुरक्षा बेहतर की जा सके।
– मोदी बोले- “केंद्र-राज्य संबंधों को मजबूत करेंगे, तो नागरिकों का फ्यूचर बेहतर होगा, देश प्रगति करेगा।”
– “किसी भी सरकार के लिए किसी योजना को खुद अमल में लाना मुश्किल होगा। इसलिए फाइनेंशियल रिसोर्सेज का प्रॉविजन होना उतना ही जरूरी है, जितना कि इम्प्लिमेन्टेशन की जिम्मेदारी।”
– पीएम ने कहा- “जितना हम मुद्दों पर एकमत होंगे, उतना ही मुश्किलों से पार पाना आसान होगा।”
केंद्र सरकार को कोसने वाले केजरीवाल मोदी से मुस्कुराकर मिले
– पीएम मोदी को अक्सर कोसने वाले दिल्ली के सीएम केजरीवाल ने उनसे हाथ मिलाया। पहले चर्चा थी कि दोनों ही एक-दूसरे को नजरअंदाज करेंगे।
– मोदी को अपना कॉम्पिटीटर मानने वाले बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने भी उनसे हंसते हुए हाथ मिलाया।
– मीटिंग में पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी, मप्र के सीएम शिवराज सिंह चौहान और गुजरात की सीएम आनंदी बेन पटेल भी पहुंचीं।
– बता दें कि इससे पहले काउंसिल की 10th मीटिंग 9 दिसंबर 2009 को दिल्ली में हुई थी।
हरीश रावत ने की मोदी से चर्चा
मीटिंग में उत्तराखंड के सीएम हरीश रावत भी पहुंचे, जिन्होंने हाल ही में केंद्र सरकार के खिलाफ एक बड़ी लड़ाई जीती है।
– रावत को भी हाल ही सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मुख्यमंत्री की कुर्सी मिली है।
– इंटर-स्टेट काउंसिल की मीटिंग में रावत भी मोदी के साथ चर्चा करते देखे गए।
पीएम का क्या था एजेंडा?
– सूत्रों के मुताबिक पीएम मोदी ने इस बैठक में जीएसटी बिल पर भी मुख्यमंत्रियों की राय ली। सरकार इस बार मानसून सत्र में इस बिल को पास कराना चाहती है।
– जीएसटी बिल लोकसभा से पास हो चुका है, लेकिन राज्यसभा में यह बिल गिर गया है, जहां पर विपक्षी दल बहुमत में हैं।
Share.

About Author

Leave A Reply