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इंदौर-पटना एक्सप्रेस हादसे में गोविंदपुरा स्थित कैलाश नगर निवासी सत्येंद्र सिंह की पत्नी और बेटी की मौत हो गई

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इंदौर-पटना एक्सप्रेस हादसे में गोविंदपुरा स्थित कैलाश नगर निवासी सत्येंद्र सिंह की पत्नी और बेटी की मौत हो गई। इस हादसे में सत्येंद्र सिंह को भी गंभीर चोटें आई हैं। सोमवार को गंभीर घायल सत्येंद्र सिंह स्ट्रेचर पर लेटे-लेटे ही पत्नी और बेटी की शवयात्रा में शामिल हुए। उन्होंने पत्नी की मांग भरी और फूलों का हार पहनाकर उनको अंतिम विदाई दी। मौके पर मौजूद लोग यह मंजर देखकर रो पड़े।
– इस हादसे में कैलाश नगर गोविंदपुरा निवासी सत्येंद्र सिंह की पत्नी गीता सिंह (50) और बेटी रागिनी सिंह (28) की मौत हो गई।
– सूचना मिलने के बाद से ही परिवार में मातम है। रिश्तेदार और मोहल्ले के लोगों का तांता लग गया है।
– सत्येंद्र के भाई व दो बेटे देर रात मां-बेटी का शव लेकर भोपाल पहुंचे, जहां सोमवार को उनका अंतिम संस्कार किया गया।
सत्येंद्र के पैर में है फ्रैक्चर
– सिंह का परिवार एसी कोच B-3 में था। वे अपने किसी करीबी रिश्तेदार के यहां शादी में जा रहे थे।
– दोपहर करीब 3.30 बजे पटना से उनके रिश्तेदारों के पहुंचने के बाद यहां खबर मिली कि गीता सिंह व बेटी रागिनी की कानपुर के पास हुई दुर्घटना में मृत्यु हो गई है।
– जबकि घायल सत्येंद्र कानपुर के एक अस्पताल में भर्ती हैं। सत्येंद्र के भाई मुन्ना सिंह ने बताया कि सत्येंद्र सिंह यहां एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं।
– बेटी अभी पढ़ रही थी। सत्येंद्र सिंह के पैर में फ्रैक्चर है।
दो दिन पहले मनाया था जन्मदिन, रात को ही मां से बात की थी
आरकेडीएफ कॉलेज के डिप्टी चेयरमैन राजेश सिंह (46) ने 18 नवंबर को अपना 45वां जन्मदिन मनाया था। तब उन्होंने दोस्तों को बताया कि कानपुर में ताई का निधन हो गया है। मुझे जाना है। घर पर आप सभी दिन में राउंड लगा लेना। अगर पिता को कोई काम होगा तो वह आप लोगों को बता देंगे। रचना नगर निवासी सिंह कोच बी-3 में सवार थे। दुर्घटना की जानकारी मिलने के बाद पत्नी रेणु सिंह व पिता आरसी सिंह लगातार फोन लगा रहे थे। उनके फोन पर घंटी बज रही थी, लेकिन कोई रिसीव नहीं कर रहा था।
सुबह ही रवाना हो गए थे भाई और कॉलेज स्टाफ
भाई व कॉलेज स्टाफ के लोग घटना स्थल के लिए सुबह ही रवाना हो गए थे। लेकिन देर शाम तक उनके बारे में रेलवे के पास भोपाल में कोई सूचना नहीं थी। कॉलेज के पीआरओ अमरजीत ने बताया कि लखनऊ से उनके रिश्तेदार भी घटनास्थल पर पहुंच कर उन्हें खोजने का प्रयास करते रहे थे। भोपाल में रात 8.30 बजे पुलिस से उनके परिजनों को जानकारी मिली कि किन्हीं राजेश की मृत्यु हुई है। सूचना मिलते ही परिजन घटनास्थल के लिए रवाना हो गए। राजेश ने शनिवार रात फोन पर मां को अपने रवाना होने की जानकारी दी थी।
छोटे बेटे की हुई मौत, मां की हालत गंभीर
इंदौर-पटना एक्सप्रेस से पटना जा रहे 314 ए सेक्टर गोपाल नगर निवासी अरुण शर्मा पत्नी नूपुर व दो बच्चों के साथ इस ट्रेन से सफर कर रहे थे। अरुण के पिता डीसी शर्मा के अनुसार, 44 वर्षीय अरुण अपनी पत्नी 42 वर्षीय नुपूर व दो बेटे 6 वर्षीय त्रियांशु और 11 वर्षीय दिव्यांश के साथ शनिवार शाम को भोपाल से रवाना हुए थे। इस हादसे में उनके छोटे बेटे त्रियांशु की सोमवार सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई है। दोस्त की बहन की शादी में शामिल होने के लिए अरुण परिवार सहित पटना जा रहे थे। उन्होंने बताया कि अरुण के हाथ में फ्रैक्चर है, वहीं नुपूर की हालत भी गंभीर है।
पहली सूची में आठवें नंबर पर था जिवितेश का नाम
बी-2 में सीट नंबर 41 पर जिवितेश कुमार (28) पिता दिनेश प्रसाद की मौके पर ही हुई मौत की सूचना सबसे पहले मिली। सुबह करीब दस बजे आई पहली सूची में आठवें नंबर पर उनका नाम आया। जिवितेश मूल रूप से जमालपुर, बिहार का निवासी थे। वह भोपाल के अवधपुरी इलाके में समन्वय नगर में किराए के घर में रहते थे। एक शादी समारोह में शामिल होने वे पटना जा रहे थे। एक निजी कंपनी में इंजीनियर के पद पर पदस्थ थे। भेल में इंजीनियर चचेरे भाई मुकेश कुमार ने बताया कि जिवितेश इकलौते बेटे थे।
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