कांग्रेस की सरकार में विरोध करती थीं, लेकिन बातचीत से हल निकल आता था-मेधा पाटकर

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नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेता मेधा पाटकर का कहना है कि वे हमेशा से सरकार की गलत नीतियों का विरोध करती आ रही हैं। पहले कांग्रेस की सरकार में विरोध करती थीं, लेकिन बातचीत से हल निकल आता था, लेकिन मौजूदा शिवराज सरकार से संवाद नहीं होता है। इससे स्थितियां और खराब हो रही हैं।
 -मेधा पाटकर शनिवार को ग्वालियर में मीडिया के सामने नर्मदा पुनर्वास से जुड़े मुद्दों को सामने रख रही थीं। उन्होंने कहा कि पिछले 13 साल में एक भी बार किसी भी मुद्दे पर सरकार से संवाद नहीं हुई है।
-प्रदेश सरकार दमनकारी नीति के तहत लोगों को हटा रही है। सरदार सरोवर डैम से फायदा आमजन की बजाय उद्योगपतियों को मिलना है। उन्होंने प्रदेश और केन्द्र, दोनों सरकारों के लिए कहा कि वे पूंजीपतियों के साथ हैं।
-इसके अलावा सरकार ने मुआवजे में किसानों को केवल 15 लाख रुपए का मुआवजा जमीनों के बदले दे रही है। सरकार ने किसानों को 60 लाख का पैकेज क्यों नहीं दिया। इसके अलावा पीएम आवास योजना का लाभ भी सही तरीके से नहीं दिया जा रहा है।
-जिन स्थानों पर पुनर्वास किया जाना है , वहां पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद भी सुविधाएं नहीं दी गई हैं। इसके बाद भी लोगों को हटाया जा रहा है। -सरकार जबरन लोगों को नर्मदा की संस्कृति से दूर कर रही है। इस बारे में बात करो तो कोई जबाव नहीं मिलता है। इससे संवादहीनता बनी हुई है।
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