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जम्मू-कश्मीर में सिक्युरिटी फोर्सेस ने मुठभेड़ के दौरान जिंदा पकड़ा

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जम्मू-कश्मीर में जिंदा पकड़े गए आतंकी ने बताया है कि उसे लश्कर के चीफ हाफिज सईद ने भारत भेजा था। वह हाफिज से मिलकर आया है। आतंकी बहादुर अली ने एनआईए की पूछताछ में कबूला है कि वह भारतीयों से बहुत नफरत करता है और भारतीयों की जान लेने और उनका खून बहाने के लिए ही उसे यहां भेजा गया था। आतंक फैलाने के लिए मिला था ‘ड्राइवर’ कोड़
– बहादुर ने बताया कि उसे भारत में इंटर होने के लिए लोकल सपोर्ट मिला और उन्ही लोगों की मदद से वह भारत में दाखिल हुआ।
– उसने बताया कि लश्कर ए तैय्यबा का चीफ हाफिद सईद खुद उसे और उसके साथियों को छोड़ने बॉर्डर तक आया था।
– बहादुर, लश्कर के मुजफ्फराबाद कैंप में 21 दिन की ट्रेनिंग मिलने की बात भी कबूल चुका है।
– शुक्रवार को हुई पूछताछ के दौरान आतंकी ने बताया कि उसे हाफिज चाचा ने ‘ए3 उर्फ ड्राइवर’ का कोड दिया था।
– बहादुर ने बताया कि लश्कर के सारे आतंकी हाफिज को चाचा बुलाते हैं।
– उसने बताया कि मुठभेड़ के दौरान अपने 4 साथियों की मौत के बाद वह सैटलाइट फोन से पाकिस्तान में बैठे अपने हैंडलर वालिद नाम के एक शख्स के साथ संपर्क में था।
– उसने बताया कि वालिद उसे उसके अगले एक्शन के बारे में लगातार गाइड कर रहा था।
– बता दें कि बहादुर अली को कश्मीर के कुपवाड़ा से सिक्युरिटी फोर्सेस ने मुठभेड़ के दौरान जिंदा पकड़ा है।
NIA ने जुटाई ‘डॉक्टर और नर्स’ की इंफॉर्मेशन
– बहादुर ने बताया कि वालिद ने उसे फोन पर ही डॉक्टर और नर्स (कोडवर्ड) वाले दो लोगों से मिलने के लिए कहा था।
– ये कोडवर्ड एक महिला और पुरुष का था जो घाटी में लश्कर के ऑपरेटिव हैं।
– सूत्रों के मुताबिक एनआईए ने इन दोनों के मोबाइल नंबरों को ट्रैक कर लिया है।
– इसके अलावा भी अलग अलग वॉट्सऐप नंबर पर इन नंबरों से भेजी गई इंफॉर्मेशन भी जुटा ली गई है।
पाक के सामने उठाया जाएगा मुद्दा
– एनआईए सूत्रों के मुताबिक आतंकी बहादुर के कबूलनामे को भारत-पाकिस्तान के सामने उठाएगा।
– गृह राज्यमंत्री किरन रिजिजू ने कहा कि इससे पाकिस्तान को बेनकाब करने में खासी मदद मिलेगी।
– बता दें कि पठानकोट अटैक के सिलसिले में एनआईए के पाकिस्तान जाने की उम्मीद है।
– अरेस्ट किया गया आतंकी लाहौर के जिगा बग्गा गांव, रायविंड का रहने वाला है। पिछले 2 महीने में जिंदा पकड़ा गया बहादुर अली दूसरा आतंकी है।
– इसके पहले अगस्त, 2015 में उधमपुर में बीएसएफ के काफिले पर अटैक के बाद पाक आतंकी नवेद उर्फ कासिम खान को जिंदा पकड़ा गया था। जबकि 26/11 के हमले के दौरान आतंकी अजमल कसाब को जिंदा पकड़ा गया था।
घाटी में प्रदर्शनों की अगुवाई कर रहे हैं लश्कर के आतंकी
– कश्मीर घाटी में जारी हिंसा पर गुरुवार को हाफिज ने खुद कबूला कि घाटी में हो रहे विरोध प्रदर्शनों में लश्कर के आतंकी अगुवाई कर रहे हैं।
– फैसलावाद में जमात-उद-दावा के सपोटर्स की मीटिंग को एड्रेस करते हुए हाफिज ने यह खुलासा किया।
– सूत्रों के मुताबिक उसने अपनी स्पीच में माना कि बुरहान वानी के मारे जाने के बाद कश्मीर में जारी हिंसा के पीछे लश्कर-ए-तैयबा है जो कश्मीरियों की आवाज उठा रहा है और उनके साथ है।
22 जून को भारत में दाखिल हुए थे आतंकी
– 22 जून को आतंकियों के एक ग्रुप ने तंगधार सेक्टर से भारतीय सीमा में घुसपैठ की।
– सुरक्षाबलों से मुठभेड़ के दौरान 4 आतंकी एनकाउंटर में मारे गए थे। 1 जिंदा पकड़ा गया था।
– जिंदा आतंकी बहादुर अली से 23 हजार रुपए इंडियन करेंसी, एके 47 और एक पिस्टल मिली थी।
– दिल्ली लाए गए आतंकी से जांच एजेंसियों ने पूछताछ की जिसमें उसने कबूल किया कि वह पाकिस्तान के लाहौर का रहने वाला है।
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