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झुग्गियों के बीच इन लोगों के पक्के मकान हैं, 8 में से 5 आतंकी खंडवा के रहने थे

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दीपावली की रात भोपाल की सेंट्रल जेल से भागने के बाद एनकाउंटर में मारे गए सिमी के 8 में से 5 आतंकी खंडवा के रहने थे। इनके परिवार के लोग खुद को गरीब मजदूर बताते हैं लेकिन जब  वहां पहुंचा तो अलग तस्वीर नजर आई। झुग्गियों के बीच भी इन लोगों के पक्के मकान हैं। एक आतंकी के परिवार के लोग तो पांच कमरों के मकान में रहते हैं।
– सिमी के आतंकी गिरफ्तारी के वक्त खुद को छोटा-मोटा काम करने वाले मजदूर बताते थे, उनके घर देखने के बाद ऐसा नहीं लगता।
– बताया जाता है कि पांच में से तीन सिमी आतंकियों के जेल जाने के बाद उनके परिवार के लोगों का रहन-सहन का तरीका पहले से कई गुना बेहतर हो गया।
1# सिमी कोआर्डिनेटर का घर
– मोहम्मद अकील खंडवा में सिमी का कोआर्डिनेटर था। कहारवाड़ी में रहने वाला अकील टेलरिंग का काम करता था। सिमी पर बैन लगने के बाद 2002 में पहली बार पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था।
– इसके बाद 2006 में वह फिर से गिरफ्तार हुआ। 2011 में पुलिस ने उसे फरार घोषित किया था। 2012 में उसे औरंगाबाद से गिरफ्तार किया गया।
– परिवार का कहना है जब अकील जेल चला गया तो उन्हें काफी दिक्कतें हुईं। हालांकि, 2006 में अकील की पहली बार गिरफ्तारी के 3 साल बाद 2009 में ही उसका परिवार कहारवाड़ी से आकर गुलमोहर कॉलोनी में रहने लगा।
– अब अकील के बेटे खलील और जलील मां, पत्नी और बहन के साथ गुलमोहर कॉलोनी के जिस घर में रहते हैं उसमें पांच कमरे और एक बरामदा है।
– खलील के मुताबिक, उसने कहारवाड़ी का मकान बेचकर गुलमोहर का घर खरीदा। वह अब टेलरिंग का काम करता है।
– दूसरे बेटे जलील ने बताया कि पिता की गिरफ्तारी के बाद वह एक टेलर के यहां नौकरी करता था। पुलिस बार-बार वहां आकर पूछताछ करती थी। इस वजह से टेलर ने नौकरी से हटा दिया। अब उसने घर पर सिलाई मशीन लगा ली है और पत्नी के साथ मिलकर छोटा-मोटा काम कर रहा है।
2. झुग्गियों के बीच पक्का घर
– भोपाल एनकाउंटर में मारा गया अमजद पिता रमजान खान ड्राइवर था। वह एक ट्रांसपोर्ट कंपनी में काम करता था और खंडवा से मूंदी के बीच ट्रक चलाता था।
– अमजद के पिता रमजान भी ड्राइवर थे। वे अपने बेटे के बारे में कोई बात करना नहीं चाहते। लकवे के चलते वे कई महीनों से घर पर हैं।
– उनका छोटा बेटा सलमान भी ड्राइवर है। अमजद का परिवार पहले गणेश तलाई में रहता था। अब ये लोग चीरा खदान में रहते हैं।
– इस बस्ती में दो सौ से ज्यादा घर हैं। ज्यादातर कच्चे हैं। जहां अमजद का परिवार रहता है। उसके आसपास सब झुग्गियां हैं सिर्फ उसका परिवार पक्के घर में रहता है।
– दो कमरों के इस घर पर हाल ही में रंग रोगन करवाया गया है। अमजद का घर यहां सबसे बेहतर दिखाई देता है।
– भाई सलमान के मुताबिक, अभी तक उनका घर भी कच्चा था। कुछ समय पहले ही दोस्तों की मदद से टीन का शेड लगवाया है।
3. शहर के बाहर की कॉलोनी में है जाकिर का घर
– एनकाउंटर में मारे गए जाकिर हुसैन पर सिमी से जुड़े रहने के अलावा देवास, इटारसी और कटनी में बैंक डकैती का आरोप था।
– एटीएस ने उसे सिमी के कुछ और मेंबर्स के साथ 2011 में गिरफ्तार किया था। इसके बाद वह वह खंडवा जेल से 2013 में फरार हुए सिमी आतंकियों में शामिल था।
– जाकिर के पिता का बिल्डिंग मटेरियल का काम है। पढ़ाई के दौरान जाकिर सब्जी बेचता था। बाद में उसने ठेकेदारी का काम शुरू कर दिया था।
– फिलहाल उसके परिजन शहर के बाहरी क्षेत्र की एक कॉलोनी में रह रहे हैं। ये मकान जाकिर के पिता का है।
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