ढाई साल बाद फिर आम आदमी पार्टी को दिल्ली में जीत मिली

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बवाना सीट पर हुए उपचुनाव के नतीजों में ढाई साल बाद फिर आम आदमी पार्टी को दिल्ली में जीत मिली। आप कैंडिडेट रामचंद्र ने बीजेपी के वेदप्रकाश को 24 हजार वोट से हराया। कांग्रेस तीसरे नंबर पर रही। स्टेट बीजेपी प्रेसिडेंट मनोज तिवारी ने हार की जिम्मेदारी ली। वहीं, कांग्रेस नेता अजय माकन ने सीएम अरविंद केजरीवाल को जीत के लिए बधाई दी। आप ने इसे सरकार के कामकाज पर जनता की मुहर बताया है। उधर, पार्टी से निकाले गए पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा ने भी तंज कसते हुए केजरीवाल को बधाई दी है। किसे-कितने वोट मिले…
– AAP के बागी विधायक कपिल मिश्रा ने सीएम केजरीवाल पर ट्वीट कर तंज कसा है। उन्होंने लिखा- ”बवाना में जीत की बधाई @ArvindKejriwal, मेरे प्रयासों में कमी रही, आपके घोटालों को घर-घर तक नहीं पहुंचा सका, भ्रष्टाचार से जंग जारी रहेगी।”
– बता दें कि बवाना में आप को 24052 वोट से जीत मिली। शुरुआती दौर में पीछे चल रहे आप कैंडिडेट रामचंद्र को 59,886 वोट मिले। वहीं, बीजेपी के वेद प्रकाश 35,834 वोट के साथ दूसरे और कांग्रेस कैंडिडेट सुरेंद्र कुमार 31,919 वोट के साथ तीसरे नंबर पर रहे। वहीं, 1413 लोगों ने नोटा को चुना।
 केजरी और आप नेताओं ने क्या कहा?
– केजरीवाल ने ट्वीट किया- ”आम आदमी पार्टी की स्वच्छ राजनीति और पिछले ढाई साल के कामों पर मुहर लगाने के लिए बवाना की जनता को दिल से शुक्रिया और बधाई।”
– मनीष सिसोदिया ने ट्वीट किया- ”बवाना उपचुनाव में AAP को चुनने के लिए सभी मतदाताओं को धन्यवाद। शानदार जीत के लिए सभी कार्यकर्ताओं, विधायकों और सहयोगियों का शुक्रिया।”
गोपाल राय ने कहा- ”दिल्ली के लोग धोखेबाज को बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं। जनता ने दिल्ली सरकार के कामकाज पर भरोसा जताया है। केंद्र सरकार को भी साफ मैसेज दिया है कि आप सरकार को काम करने दिया जाए। तीनों पार्टी ने पूरी ताकत झोंकी, लेकिन जीत ‘आप’ की हुई।”
 बीजेपी-कांग्रेस ने क्या कहा?
– दिल्ली बीजेपी के प्रेसिडेंट मनोज तिवारी ने कहा, ”किसी भी इलेक्शन में हार-जीत की ज़िम्मेदारी कप्तान की होती है।” उधर, बवाना में हार के बाद बीजेपी ऑफिस में दिनभर सन्नाटा पसरा रहा।
– कांग्रेस नेता अजय माकन ने ट्वीट किया, ”बवाना में मिली जीत के लिए अरविंद केजरीवाल को बधाई। 2015 में कांग्रेस को यहां 7.8% वोट मिले थे, इसे 25% तक पहुंचाने के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कड़ी मेहनत की। सभी को धन्यवाद।”
 AAP के लिए क्यों अहम थी बवाना सीट?
– नॉर्थ-वेस्ट दिल्ली की इस सीट पर 23 अगस्त को पिछले चुनाव में 62% के मुकाबले सिर्फ 45% वोट पड़े थे। यहां करीब 3 लाख वोटर हैं।
– बीजेपी ने आप के टिकट पर 2015 में जीत दर्ज करने वाले वेद प्रकाश को कैंडिडेट बनाया था। एमसीडी इलेक्शन से पहले उन्होंने पार्टी और विधायक पद से इस्तीफा देकर बीजेपी का दामन थाम लिया था। कांग्रेस ने तीन बार विधायक रहे सुरेंद्र कुमार को टिकट दिया। वहीं, आप ने रामचंद्र को चुनाव मैदान में उतारा।
– बता दें कि 2015 में पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने वाली आप के लिए बवाना में जीत काफी अहम थी। क्योंकि पार्टी को गोवा और पंजाब के असेंबली, एमसीडी और राजौरी गार्डन असेंबली सीट के चुनावों में लगातार हार मिली। पार्टी ने माना कि हार के चलते वर्कर्स का मनोबल कम हो रहा है। इसके बाद सीएम केजरीवाल और पार्टी नेताओं ने तय किया था कि अब फोकस सिर्फ दिल्ली पर होगा।
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