‘दुख है कि कुछ लोग हमारे आदेश को सांप्रदायिक और राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं – जस्टिस एके सीकरी

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दिवाली पर दिल्ली और एनसीआर में पटाखे बेचने पर लगाई गई रोक हटाने से शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया। पटाखा कारोबारियों की याचिका खारिज करते हुए जस्टिस एके सीकरी ने कहा- ‘दुख है कि कुछ लोग हमारे आदेश को सांप्रदायिक और राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं। लोगों के पास पहले से जो पटाखे हैं वो काफी हैं। अब और वक्त नहीं दे सकते।’
 प्रशांत भूषण ने बताया- पटाखे मुफ्त बांटने की सलाह दे रहे हैं लोग
एडवोकेट प्रशांत भूषण ने कोर्ट को बताया कि दिल्ली-एनसीआर में पटाखा बिक्री पर रोक से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर लोग तरह-तरह के मैसेज सोशल मीडिया में फैला रहे हैं। लोगों से दिल्ली-एनसीआर से बाहर से पटाखे खरीदने को कहा जा रहा है। दुकानदारों से कहा जा रहा है कि वह अपने पटाखे बच्चों को मुफ्त में बांट दें।
 जस्टिस सीकरी: जानते हैं कि दिल्ली में दिवाली पटाखा मुक्त नहीं होने वाली। लोग पटाखे जलाएंगे। हमें फर्क नहीं पड़ता कि लोग क्या कह रहे हैं। सब जानते हैं कि मैं कितना धार्मिक हूं।
 कारोबारियों ने मांगी थी इजाजत
पटाखा कारोबारियों की ओर से सीनियर एडवोकेट मुकुल रोहतगी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 12 सितंबर को कुछ शर्तों के साथ पटाखा बिक्री के लाइसेंस बहाल कर दिए थे। इसके बाद कारोबारियों ने पटाखे स्टॉक कर लिए। अगर उन्हें बिक्री की इजाजत नहीं दी तो भारी नुकसान होगा। उन्हें दो दिन या कुछ घंटे के लिए ही पटाखे बेचने दें। कोर्ट चाहे तो पटाखे फोड़ने का वक्त भी तय कर सकता है। लाइसेंस भी 21 अक्टूबर तक के ही हैं।
जस्टिस सीकरी : याचिकाकर्ता चाहें तो दिवाली के बाद संशोधन के लिए आ जाएं। या फिर लाइसेंस की अवधि बढ़वा सकते हैं। हमने अखबारों में पढ़ा है कि आदेश के बावजूद पटाखे खूब बिक रहे हैं।
 पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में पटाखे फोड़ने के लिए तीन घंटे तय
पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में दिवाली पर सिर्फ तीन घंटे ही पटाखे फोड़े जा सकेंगे। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने शुक्रवार को जारी आदेश में इसके लिए शाम 6:30 से 9:30 बजे का समय तय किया है। जिलों में उपायुक्तों, एसपी और एसएपी को यह निर्देश सख्ती से लागू करवाने होंगे। अमल के लिए पर्याप्त पीसीआर वैन तैनात करनी होंगी। कोर्ट ने कारोबारियों को अस्थायी लाइसेंस जारी करने पर भी कई निर्देश दिए।
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