पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जन्म शताब्दी के मौके पर सौभाग्य बिजली योजना लॉन्च की

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जन्म शताब्दी के मौके पर सौभाग्य बिजली योजना लॉन्च की। 16,320 करोड़ की इस योजना का मकसद हर घर बिजली पहुंचाना है। मोदी ने ओएनजीसी के हेडक्वार्टर का भी इनॉगरेशन किया। मोदी ने कहा, “उन्होंने कहा कि हमारी सरकार एक रुपया लिए बिना गरीबों को बिजली कनेक्शन देगी।” ओएनजीसी में ऊर्जा भवन के इनॉगरेशन के बाद मोदी ने कहा, ” भवन देखकर ऐसा लगा कि पीएम बनने की बजाय यहां आता तो अच्छा होता। लेकिन, बहुत-सी चीजें मेरे नसीब में नहीं हैं।”
 1) प्रधानमंत्री बनने की बजाय यहां आता तो अच्छा होता
– नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘‘आज एकसाथ तीन पवित्र अवसरों की त्रिवेणी का अवसर बना है। आज नवरात्रि का पांचवां दिन है। आज स्कंद माता की पूजा की जाती है। उन्हें सौर मंडल की अधिष्ठात्री देवी माना जाता है। नवरात्र के इन दिनों में महिलाओं की सुरक्षा और उनकी जिंदगी से जुड़े महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट की शुरुआत होने जा रही है। आज ही पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती है। आज ही दीनदयाल ऊर्जा भवन मिल रहा है। पर्यावरण के अनुकूल इस ग्रीन बिल्डिंग का लोकार्पण करते हुए मुझे गर्व की अनुभूति हो रही है।’’
– ”मुझे बताया गया कि ये भवन देखा तो लगा कि अच्छा होता कि प्रधानमंत्री बनने की बजाय यहां आता। लेकिन खैर बहुत सी चीजें हैं जो मेरे नसीब में नहीं हैं। मैं आप लोगों को इस भवन के लिए बधाई देता हूं। आज ऊर्जा, आध्यात्म और तकनीक, तीनों ही क्षेत्र रोशनी से जगमग हैं।”
2) किसने सोचा था ऐसी सरकार भी आएगी?
– प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हमने दीनदयाल उपाध्याय के जन्मशती वर्ष को गरीब कल्याण वर्ष के रूप में मनाने का फैसला किया है। उज्ज्वला से लेकर स्टार्ट अप तक आपको सिर्फ गरीब कल्याण ही नजर आएगा। किसने सोचा था कि ऐसी भी सरकार आएगी जो गरीबों के लिए 30 करोड़ बैंक खाते खुलवाएगी। कौन-सी ऐसी सरकार आएगी जो एक रुपए प्रतिदिन से 15 करोड़ गरीबों को बीमा देगा। ऐसी सरकार जो बिना बैंक गारंटी 9 करोड़ खाता धारकों को 3.5 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का कर्ज देगा। किसने सोचा था कि ऐसी सरकार आएगी जो इस बारे में सोचेगी कि महिलाओं को रसोई से धुएं से मुक्ति मिले। किसने सोचा था कि ऐसी सरकार जो हवाई चप्पल पहनने वाला भी हवाई जहाज में उड़ सके, ऐसी योजना लाएगी। किसन सोचा था कि ऐसी सरकार आएगी जो दिल के ऑपरेशन के लिए स्टेंट, घुटने के इम्प्लांट के लिए कीमतें कम करेगी। गरीब का सपना, मेरी सरकार का सपना है। उसकी परेशानी कम करना, मेरी सरकार का दायित्व है।’’
3) आजादी के 70 साल बाद भी 4 करोड़ घरों में बिजली नहीं
– नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘‘4 करोड़ से ज्यादा घर ऐसे हैं, जिनमें बिजली कनेक्शन नहीं हैं। 25 करोड़ परिवारों में से 4 करोड़ यानी 20% घरों में रहने वालों की जिंदगी बिना बिजली के कैसी होगी। आप कल्पना कीजिए कि आपकी जिंदगी से भी बिजली चली जाए तो जिंदगी कैसी होगी।”
– ”सवा सौ साल बीत चुके। महान वैज्ञानिक थॉमस एल्वा एडिसन ने बल्ब का आविष्कार किया था। उन्होंने कहा था कि बिजली को इतना सस्ता बना देंगे कि सिर्फ अमीर ही मोमबत्तियां जलाएंगे। हम सभी के लिए यह अफसोस की बात है कि आज तक देश में 4 करोड़ परिवारों में बल्ब तो दूर, बिजली तक नहीं पहुंची। आज भी वहां मोमबत्तियां-लालटेन जल रही हैं। आज भी शाम के बाद बच्चों को पढ़ने में दिक्कत होती है।”
4) हम हर घर में बिजली पहुंचाने का संकल्प करते हैं
– ”मैं छोटा था तो ऐसे ही पढ़ता था। लोग कहते थे कि मिट्टी के तेल की रोशनी में मत पढ़ो। आंखों की रोशनी कम होगी। हम कैस्टर ऑयल से दीया जलाकर पढ़ते थे। तब मन में लगता था कि 4 करोड़ परिवारों का क्या होता होगा? सुख-सुविधाओं की बात छोड़िए। घर की महिलाओं को भी अंधेरे में खाना बनाना पड़ता है। अंधेरे के कारण महिलाओं को शाम ढलने के बाद घर में ही गुजारा करना पड़ता है। बिजली पहुंचने पर ही ऐसे घरों में सौभाग्य बदलेगा। गांव हो, शहर हो, झुग्गी-झोपड़ी हो, दूरदराज के इलाके हों, हम हर घर में बिजली पहुंचाने का आज संकल्प करते हैं।”
5) एक भी रुपया लिए बिना बिजली कनेक्शन देगी सरकार
– मोदी ने कहा, ‘‘सरकार गरीब के घर आकर बिजली कनेक्शन देगी। कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा। सरकारी दफ्तरोें के चक्कर लगाने वाले गरीब को सरकार बिना एक भी रुपया लिए बिजली कनेक्शन देगी। हर घर में बिजली कनेक्शन के लिए 16 हजार करोड़ का खर्च होगा। यह परिवारों में रोशनी लाने के लिए है। इसका बोझ किसी गरीब पर नहीं डाला जाएगा। गरीब को सौभाग्य देने का संकल्प हम सिद्ध करके रहेंगे। संकल्प करें, सिद्ध भी करें।’’
6) 18 हजार में से सिर्फ 3000 गांवों तक बिजली पहुंचना बाकी
– नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने कहा था कि आर्थिक प्रगति का फायदा सबसे ऊपर बैठे व्यक्ति को नहीं, सबसे निचली पायदान पर मौजूद व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। हमने 18 हजार गांवों तक बिजली पहुंचाने की ठानी थी, जहां आजादी के इतने वर्षों बाद भी बिजली नहीं पहुंची। मैंने लालकिले से 1000 दिन में यह काम पूरा करने को कहा था। अब तीन हजार से भी कम गांव ऐसे बचे हैं, जहां बिजली पहुंचाई जानी बाकी है। इनमें भी तय वक्त के अंदर हम बिजली पहुंचा देंगे।’’
– ‘‘मुझसे कहा गया कि यह काम सात साल में पूरा होगा। लेकिन मैंने लालकिले से बोल दिया कि 1000 दिन में होगा। अफसरों से कहने पर वे काम पूरा कर देते हैं। प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना सरकार की इच्छाशक्ति और देश में ऊर्जा क्रांति के तहत हो रहे उपायों का प्रतीक है।’’
7) यूपीए सरकार पर कसा तंज, कहा- हम बिजली संकट से बिजली सरप्लस की तरफ जा रहे हैं
– मोदी ने कहा, ‘‘पुराने ढर्रों पर काम नहीं होते। नई दिशा पकड़नी होती है। यह योजना केंद्र सरकार के प्रयासों की प्रतीक है। देश के लोग वो दिन नहीं भूल सकते, जब टीवी चैनलों पर बड़ी-बड़ी ब्रेकिंग न्यूज आया करती थी। ब्रेकिंग न्यूज से आप परिचित हैं ही। तब खबर आती थी कि बिजलीघरों में एक दिन का काेयला बचा है। राज्य के राज्य अंधेरे में डूबने का डर रहता था। यह पिछली सरकार की बात है।’’
– ”याद कीजिए कितने दिन हुए कि आपने ऐसी ब्रेकिंग न्यूज देखी होगी कि किसी बिजलीघर में कोयला ही नहीं बचा। देश अब बिजली संकट छोड़कर बिजली सरप्लस हो रहा है। पावर प्रोडक्शन, ट्रांसमिशन, डिस्ट्रिब्यूशन और कनेक्शन पर इस सरकार ने काम किया है। 2015 में हमने कोयला खदानों के लिए नया अधिनियम लागू किया। इसके तहत ई-ऑक्शन हुआ। 2009 से 2014 के बीच कोयला 34 मिलियन टन बढ़ा था। पिछले तीन साल में 93 मिलियन टन बढ़ा दिया।”
8) बिजली कंपनियों का नुकसान 42 फीसदी कम हुआ
“2015 में उदय योजना शुरू की। जिसका मकसद बिजली डिस्ट्रिब्यूशन में लगी कंपनियों को बेहतर करना था। अब डिस्ट्रिब्यूशन कंपनियों ने अगस्त 2017 तक 23500 करोड़ रुपए की राशि बचाई। उदय योजना के एक साल के भीतर में उनका सालाना नुकसान 42 फीसदी कम हुआ है। ये सरकार गांवों और शहरों में बिजली के वितरण को मजबूत करने के लिए दो बड़ी योजना पर काम कर रही है। गांवों के लिए दीनदयाल बिजली योजना और IPDS के लिए 69 हजार करोड़ की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।”
9) नासा ने तस्वीरें जारी कीं, जो देश में बिजली में आया सुधार दिखाती हैं
– नरेंद्र मोदी ने कहा, “नासा ने 2012 और 2016 के चित्र जारी किए थे। ये पावर सेक्टर में आई मजबूती को दिखाता है। पावर की डिमांड कम करने वाले आधुनिक तरीकों के इस्तेमाल पर भी सरकार जोर दे रही है। LED फरवरी 2014 में 310 रुपए में था सितंबर 2017 में 40 रुपए में मिलता है। उज्जवला योजना के तहत देश में 26 करोड़ से ज्यादा एलईडी बल्ब बांटे गए। बिजली बिल में 13 700 करोड़ रुपए से ज्यादा की बचत हो रही है। प्राइवेट सेक्टर ने भी 41 करोड़ से ज्यादा एलईडी बांटे। सरकार ने 13 लाख कम बिजली की खपत वाले पंखे और 33 लाख 7 हजार से ज्यादा एलईडी स्ट्रीट लाइटें भी लगाईं।”
10) यूजर फ्रैंडली इक्विपमेंट तैयार करने के लिए इनिशिएट करे ONGC
– मोदी ने कहा, “मैं आपको एक चुनौती का काम देना चाहता हूं। विश्वास है कि आप लोग कर देंगे। इलेक्ट्रिक पर दुनिया चल चुकी है। इलेक्ट्रिक कार से मुसीबतें कम होंगी, लाभ होगा… ये मैं समझ सकता हूं। एक और क्षेत्र है जो रिवॉल्यूशन ला सकता है। ओएनजीसी ये इनिशिएटिव ले। देश के युवाओं को बुलाए और इनोवेशन कॉम्पिटीशन कराए। बिजली से चलने वाला चूल्हा, जिस पर हर तरह का खाना बन सके.. ऐसा चूल्हा बनाएं। यूजर फ्रैंडली इक्विपमेंट तैयार होते हैं तो वो दिन दूर नहीं होगा कि लोग घर में सोलर एनर्जी से चूल्हा चला सकेंगे। 25 सितंबर 2017 को आप ये चुनौती रख लीजिए, योजना लेकर आइए।”
मिनिस्टर्स ने क्या कहा?
हमारा टारगेट 2018 का- सिंह
– केंद्रीय मंत्री आर के सिंह ने कहा, ”कुछ वक्त से हम एक योजना चला रहे हैं, जिन गांवों में बिजली नहीं पहुंची है, वहां पहुंचा रहे हैं। हमारा टारगेट 2018 का है, लेकिन हम इसमें तेजी ला रहे हैं। चूंकि गांवों तक बिजली पहुंचा देना काफी नहीं है और हर घर तक बिजली पहुंचाना जरूरी है, इसलिए सौभाग्य योजना लेकर आए हैं।”
”कुछ वक्त से हम एक योजना चला रहे हैं, जिन गांवों में बिजली नहीं पहुंची है, वहां पहुंचा रहे हैं। हमारा टारगेट 2018 का है, लेकिन हम इसमें तेजी ला रहे हैं। प्रधानमंत्री ने इस प्रयास को बदला और हर घर में नई योजना के जरिए बिजली पहुंचाने की बात कही। पीएम अपेक्षा करते हैं कि देश के हर घर में बिजली पहुंचाई जाए। 2018 के अंदर देश का हर घर रोशन होगा। तब लगेगा कि हां इलेक्ट्रीफिकेशन हुआ है।”
– ”एक और टारगेट है कि एक ऐसी बिजली, जिसमें कहीं भी बिजली का लोड ज्यादा नहीं हो। हम चौबीसों घंटे बिजली देंगे। पहले बीपीएल परिवारों को बिजली देने की योजना थी, लेकिन अब इसमें एबीएल परिवार को भी जोड़ा गया है। इसके लिए उनसे सिर्फ 500 रुपए लेंगे। कोई परेशानी या फ्यूज कॉल आने पर बिजली विभाग के कर्मचारी उसे दूर करेंगे। बिजली के बिल का मोबाइल से भी पेमेंट कर सकते हैं।”
– ”इसके तहत बिजली कनेक्शन के साथ एक स्मार्ट मीटर लगाया जाएगा। यह प्री-पेड कनेक्शन होगा। यानी आपके बिजली कनेक्शन को भी मोबाइल कनेक्शन की तरह मोबाइल से रिचार्ज कर सकेंगे। यह रिचार्ज भीम ऐप से करा सकेंगे।”
 17 महीने में दिए 3 करोड़ एलपीजी कनेक्शन- प्रधान
– पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, “प्रधानमंत्री उज्जवला योजना में 3 साल में 5 करोड़ कनेक्शन की जिम्मेदारी मिली थी, लेकिन 17 महीने में 3 करोड़ एलपीजी कनेक्शन दिए गए। डीबीटी कार्यक्रम के माध्यम से 30 हजार करोड़ रुपए की बचत की गई। स्वच्छ भारत अभियान में सामाजिक जिम्मेदारी के लिए ओएनजीसी ने 300 करोड़ रुपए की जिम्मेदारी ली।”
– “ओएनजीसी ने 50 हजार लोग काम करते हैं। ये संस्था दिसंबर 2017 के तहत 5000 युवाओं को जोड़ेगी। ओएनजीसी देश का पहला पीएसयू होगा, जो 100 करोड़ रुपए का फंड देकर देश के युवाओं को स्टार्टअप से जुड़ने का काम करेगा। पिछले 3 साल में ओएनजीसी ने 59% प्रोडक्शन था, आज 69 फीसदी उत्पादन हो रहा है। तेल का प्रोडक्शन बढ़ना शुरू हुआ है।”
– “जब पहला एनर्जी सेक्टर का रिव्यू लिया था तो उन्होंने कहा था कि कच्छ में तेल गैस है। आज कच्छ भारत में नए बेसिन के रूप में जुड़ेगा। विश्व में भारत की मांग बढ़ी है। पिछले तीन साल के अंदर ओएनजीसी ने फॉरेन ने 6.5 बिलियन िनवेश किया है। 2012-13 में मोजाम्बीक में भी इतना ही निवेश हुआ है। विदेशों में प्रोडक्शन में 65% की बढ़ोतरी हुई है।”
 क्या है सौभाग्य योजना?
– इसका पूरा नाम प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना – साैभाग्य है। इसके तहत सभी राज्यों में मौजूद हर घर तक 31 मार्च 2019 तक बिजली पहुंचाने का टारगेट रखा गया है। हालांकि, पेट्रोलियम मिनिस्टर धर्मेंद्र प्रधान और पावर मिनिस्टर आरके सिंह का कहना है कि दिसंबर 2018 तक इस टारगेट को पूरा कर लिया जाएगा।
– यह योजना उन 18 हजार गांवों तक बिजली पहुंचाने की स्कीम से जुड़ी है जिसे 2018 तक पूरा करने का टारगेट रखा गया था। इसका टारगेट भी रिवाइज कर दिसंबर 2017 की डेडलाइन रखी गई है। चूंकि इस योजना में गांवों को कवर किया जाना है, इसलिए घरों को कवर करने के लिए सौभाग्य योजना लाई गई है।
– जो घर या परिवार 2011 की जनगणना में शामिल नहीं हो सके थे, यानी दूसरे शब्दों में जो गरीबी रेखा से ऊपर हैं, वे भी 500 रुपए देकर बिजली कनेक्शन हासिल कर सकेंगे। 500 रुपए की यह रकम भी एकमुश्त नहीं देनी होगी। यह बिजली के बिलों से 10 किस्तों में वसूली जाएगी। यानी किस्त 50 रुपए महीने की होगी।
 मोदी सरकार आखिर क्यों सौभाग्य योजना लाई है?
– सरकार का कहना है कि हर घर में बिजली होगी तो इससे केरोसिन के इस्तेमाल में कमी लाई जा सकेगी। एजुकेशन, हेल्थ सर्विसेस में सुधार आएगा। हर घर तक रेडियो, टीवी, मोबाइल की कनेक्टिविटी बढ़ेगी। इससे इकोनॉमिक एक्टिविटी और इम्प्लॉयमेंट बढ़ेगा। खासकर महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार होगा।
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