पहली यूनिवर्सिटी देने वाले देश का एक भी संस्थान TOP-200 में नहीं- राष्ट्रपति

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राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने अफसोस जताया कि जिस देश ने 2700 साल पहले तक्षशिला के रूप में दुनिया को पहली यूनिवर्सिटी दी वहां हजारों उच्चशिक्षा संस्थानों में से एक भी दुनिया के TOP-200 में नहीं है। सिंधिया कन्या विद्यालय (SKV) के 60वें स्थापना दिवस समारोह में प्रणव मुखर्जी ने उम्मीद जताई कि SKV में एजुकेशन तोता रटंत से बची रहेगी ताकि स्टूडेंट्स सही मायने में संस्थापक राजमाता विजयाराजे सिंधिया के वूमेन एम्पॉवरमेंट के सपने को साकार किया जा सके।
– SKV के 60वें स्थापना दिवस समारोह की अध्यक्षता करने ग्वालियर आए राष्ट्रपित प्रणव मुखर्जी ने इस बात पर खुशी जताई आज से 60 साल पहले जब ग्वालियर समेत पूरे देश में वूमेन एजुकेशन सपने जैसी थी, गर्ल चाइल्ड फीटीसाइड बड़े पैमाने पर होते थे, तब राजमाता विजयाराजे सिंधिया ने वूमेन एम्पॉवरमेंट का सपना देखा, और उसे साकार करने के लिए SKV जैसे श्रेष्ठ संस्थान की स्थापना की।
– राष्ट्रपति ने SKV के देश के सर्वश्रेष्ठ स्कूलों में से एक करार देते हुए मैनेजमेंट को इसके लिए बधाई दी। राष्ट्रपति ने SKV के मैनेजमेंट अपील की कि वह देश में चल रही तोता रटंत एजुकेशन से स्टूडेंट्स को बचा कर उनमें एकेडेमिक स्किल्स के साथ ही देश की परंपराओं व संस्कृति का की समझ और संस्कारों से जुड़ाव बनाए रखें।
दुनिया को दी पहली यूनिवर्सिटी, फिर भी 6 हजार हर साल करते हैं पलायन
राष्ट्रपति ने बताया कि देश में शिक्षा और संस्कारों की जड़ें हजारों साल पुरानी है। आज से 2700 साल पहले देश ने दुनिया को तक्षशिला के रूप में पहली यूनिवर्सिटी दी।
– इसके बाद भी नालंदा, विक्रमशिला, वल्लभी, उदांत पुरी, सोमपुरा, पुष्पगिरी, काशी और जगददला जैसी यूनिवर्सिटी दुनिया भर के स्टूडेंट्स और स्कॉलर्स के आकर्षण और श्रद्धा का केंद्र बनी रहीं।
-राष्ट्रपति ने अफसोस जाहिर किया कि संख्यात्मक रूप से देश में हजारों उच्चशिक्षा संस्थान हैं। देश में IIT, IIM, दर्जनों NIT हैं, लेकिन हाल ही में प्रकाशित सर्वे में इनमें से एक भी दुनिया के TOP-200 में शामिल नहीं किया जासका।
– गुणवत्ता शिक्षा के अभाव में हर साल 6 हजार से भी ज्या स्टूडेंट्स को दूसरे देशों की यूनिवर्सिटीज में एडमिशन लेना पड़ता है।
स्व. माधवराव की याद खींच लाई ग्वालियर
– राष्ट्रपति ने बताया कि जब ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मुझे SKV के स्थापना दिवस में आने का निमंत्रण दिया तो मेरे सामने स्व. माधवराव सिंधिया की याद ताजा हो गई। स्व. माधवराव जोश से भरे हुए काबिल लीडर थे। उनके निधन ने देश से एक कुशल नेतृत्व छीन लिया था। महामहिम मुखर्जी ने बताया कि स्व.माधवराव के निधन पर वो ग्वालियर आए थे।
– राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होने राजमात विजयाराजे, माधवराव और ज्योतिरादित्य समते सिंधिया खानदान की तीन पीढियों के साथ काम किया है। इसलिए इनके आमंत्रण पर SKV आया हूं।
नरेंद्र मोदी और शिवराज सिंह की तारीफ
मैं नरेंद्र मोदी से खुश हु कि उन्होंने मेरे द्वारा भाषण में कही गई बातों को ध्यान में रखते हुए योजनाएं बनाईं ।
– ग्वालियर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी जीवाजी यूनिवर्सिटी के जिम्नेजियम हॉल में पहुँचे, नगर निगम की IHSDP योजना के तहत बनाये गये 1088 आवासों लोकार्पण कर, 6 हितग्राहियों को आवासों की चाबी सौंपी।
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