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पुलिस ने राजस्थान हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आसाराम की नियमित सुनवाई फिर से जेल में शिफ्ट करने का आग्रह किया

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नाबालिग छात्रा के यौन शोषण के आरोपी आसाराम के खिलाफ मुकदमे की सेशन कोर्ट में सुनवाई के दौरान समर्थकों के उत्पात की वजह से पुलिस परेशान हो रही है। कानून व्यवस्था को नियंत्रित करना मुश्किल हो रहा है। पुलिस ने राजस्थान हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आसाराम की नियमित सुनवाई फिर से जेल में शिफ्ट करने का आग्रह किया है। न्यायाधीश गोविंद माथुर व जयश्री ठाकुर की खंडपीठ ने याचिका को विचारार्थ स्वीकार कर आसाराम व पांच सह आरोपियों को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाब तलब किया है।

– पुलिस की ओर से दायर याचिका में बताया गया कि अधीनस्थ अदालत में सुनवाई के दौरान आसाराम के समर्थकों की संख्या बढ़ती जा रही है। कई बार समर्थक बेकाबू हो जाते हैं।
– इससे कानून व्यवस्था प्रभावित हो रही है। इसके अलावा जेल से अदालत के पूरे रास्ते में जगह-जगह समर्थक हाथ जोड़ कर सड़कों पर खड़े रहते हैं। इस वजह से अन्य लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ता है।
– पुलिस ने याचिका में आग्रह किया कि सुनवाई फिर से जेल में शिफ्ट कर दी जाए, इससे कानून व्यवस्था में मदद मिलेगी।
– कोर्ट ने याचिका को विचारार्थ स्वीकार कर इस संबंध में आसाराम व सह आरोपियों को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाब-तलब किया है।
हरियाली अमावस्या पर आसाराम की एक झलक पाने को बड़ी संख्या में उमड़े समर्थकों पर काबू पाने के लिए मंगलवार को पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। समर्थकों की भारी भीड़ के कारण जेल के बाहर रास्ता जाम हो गया। बाद में पुलिस ने सभी को वहां से खदेड़ रास्ता खुलवाया। वहीं कई दिन बाद जेल से कोर्ट लाए गए आसाराम ने कहा कि कई लोग बरी हो जाते है और कई लोगों की जमानत हो जाती है। मेरा भी अच्छा समय आएगा।
– करीब बारह दिन पश्चात जेल से कोर्ट लाए गए आसाराम से सलमान खान के दो मामलों में बरी होने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा हां, बरी हो गया है।
– इसके बाद निराश भाव से उन्होंने कहा कई लोग बरी हो जाते है और बड़ी संख्या में लोगों को जमानत मिल जाती है। मेरा भी अच्छा समय आएगा। ये दिन भी निकल जाएंगे।
– आज हरियाली अमावस्या होने के कारण बड़ी संख्या में आसाराम के समर्थक जोधपुर पहुंचे। जेल से बाहर उनका भारी जमावड़ा रहा।
– आसाराम को जेल से बाहर लाए जाने के दौरान वहां पर रास्ता जाम हो गया। बाद में पुलिस ने समर्थकों को वहां से खदेड़ कर रास्ता खुलवाया।
– कमोबेश ऐसे ही हालात कोर्ट के बाहर भी थे। समर्थकों को पुलिस ने कई बार भगाया, लेकिन वे सभी वापस वहीं आ डटे।
– इसके बाद पुलिस कई समर्थकों को उठा कर ले गई। बाद में इन लोगों को शहर के बाहर ले जाकर छोड़ दिया जाएगा।
क्या है पूरा मामला
– गौरतलब है कि सुरक्षा कारणों के चलते गत साल 3 अगस्त को हाईकोर्ट प्रशासन ने एक नोटिस जारी आसाराम के मामले की सुनवाई सेंट्रल जेल में ही करने के निर्देश दिए थे।
– इसके बाद सुनवाई को सेंट्रल जेल शिफ्ट किया गया था। इस पर सह आरोपी संचिता उर्फ शिल्पी की ओर से याचिका दायर याचिका कर इसे चुनौती दी गई।
– हाईकोर्ट ने याचिका को निस्तारित करते हुए आसाराम मामले की सुनवाई पुन: अधीनस्थ अदालत में ही करने के निर्देश दिए थे।
– कोर्ट ने यह निर्देश सशर्त दिए थे। इसमें अासाराम को जेल से अदालत लाते-ले जाते उसके समर्थकों के व्यवधान उत्पन्न करने, मीडिया से बातचीत करने या समर्थकों द्वारा कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने पर पुलिस को सुनवाई जेल में शिफ्ट करने के लिए याचिका दायर करने की छूट दी गई थी।
– इसके बाद आसाराम की ओर से इश्तहार जारी कर समर्थकों से जोधपुर नहीं आने की अपील की गई थी, लेकिन इसका भी कोई असर नहीं रहा। दिन-प्रतिदिन जोधपुर आने वाले समर्थकों की संख्या बढ़ रही हे।
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