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पैसे एक्सचेंज करने वालों पर शिकंजा कसने के लिए सरकार ने मंगलवार को एक नया नियम जारी किया

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बार-बार बैंकों का लाइन में लगकर पैसे एक्सचेंज करने वालों पर शिकंजा कसने के लिए सरकार ने मंगलवार को एक नया नियम जारी किया था। इस नियम के तहत नोट बदलने वाले शख्स की उंगली पर बैंककर्मी द्वारा स्याही लगाई जानी हैं। लेकिन, भोपाल के ज्यादातर बैंकों में बुधवार सुबह तक असमंजस की स्थिति बनी रही। दोपहर बाद SBI की उदयांचल ब्रांच में सबसे पहले स्याही पहुंची। उधर, बैंकों में भीड़ जस की तस बनी हुई है। बुधवार को चांदबढ़ स्थित एसबीआई शाखा के बाहर लाइन में लगा एक बुजुर्ग चक्कर खाकर गिर गया, जिसे बैंक में ही लेटाना पड़ा।
बैंकों ने पुराने नोटों को एक्सचेंज कराने आए ग्राहकों की ऊंगली में स्याही लगाने का काम लंच के बाद से शुरू कर दिया है। भारतीय स्टेट बैंक एसबीआई की उदयांचल ब्रांच से यह काम शुरू हुआ। भारतीय रिजर्व बैंक आरबीआई की गाइडलाइन के तहत शुरू हुए यह काम का उद्देश्य यह है कि एक बार नोट एक्सचेंज करा चुके लोग 24 नवंबर से पहले दूसरी बार न करा पाएं।
शहर में लगाए गए हैं माइक्रो एटीएम
9 नवंबर को नोटबंदी के बाद एक ग्राहक के लिए खुद बैंक की शाखा में जाकर नोट बदलाने की सीमा 4500 रुपए रखी गई है। पहले यह सीमा 4000 रुपए थी। दो दिन पहले ही इसे बढ़ाकर 4500 रुपए किया गया है। बैंक के सहायक महाप्रबंधक देबाशीष मिश्रा ने बताया कि आज से ही बैंक में माइक्रो एटीएम लगाए गए हैं। इसकी मदद से ग्राहक एक बार में 1000 रुपए तक का पेमेंट कार्ड के जरिए ले सकता है। उन्होंने बताया कि राजधानी में 50 स्थानों पर यह माइक्रो एटीएम लगाए गए हैं।
यह है स्थिति…
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (टीटी नगर शाखा) के सहायक महाप्रबंधक अजय भिड़े ने बताया कि, बैंकों के पास स्याही के संबंध में देर से दिशा-निर्देश पहुंचे। लिहाजा अधिसंख्य बैंक लोगों को बिना स्याही लगाए पैसे दे रहे हैं। गौरतलब है कि पुराने नोट बदलने के लिए बैंकों के बाहर लगी भीड़ को काबू में करने के लिए सरकार ने मंगलवार को यह फैसला लिया था। जिससे वह दोबारा लाइन में खड़ा होकर नोट बदलने की कोशिश न करे। यह इंक मतदान में इस्तेमाल करने वाली ही होगी।
इसीलिए लिया गया था ये निर्णय
वित्त मंत्रालय के अनुसार कई शहरों की बैंक शाखाओं में यह देखा गया कि कुछ लोग बार-बार नोट बदलने के लिए लाइन में आकर खड़े हो रहे हैं, इसके चलते जरूरतमंद लोगों को दिक्कत हो रही है। वहीं, शहडोल में लोकसभा उपचुनाव के चलते वित्त मंत्रालय के इस निर्देश को 19 नवंबर के बाद फॉलो किया जाएगा।
8 नवंबर को सरकार ने सुनाया था ये ऐतिहासिक फैसला
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने 8 नवंबर की मध्य रात्रि से पांच सौ और एक हजार रुपये के नोटों को बंद करने का फैसला किया था। इन नोटों को बदलवाने के लिए कई प्रकार के कदमों की घोषणा की थी, जिससे लोगों को असुविधा का सामना न करना पड़े। सरकार एक हजार रुपये का नोट फिलहाल पूरी तरह बंद कर रही है जबकि पांच सौ का नया नोट प्रचलन में आ गया है और दो हजार रुपये का नोट भी पहली बार शुरू किया जा रहा है।
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