बीजेपी के सीनियर लीडर यशवंत सिन्हा द्वारा इकोनॉमी के हालात खराब बताए जाने के बाद अब कांग्रेस मोदी सरकार को घेरने में जुट गई

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बीजेपी के सीनियर लीडर यशवंत सिन्हा द्वारा इकोनॉमी के हालात खराब बताए जाने के बाद अब कांग्रेस मोदी सरकार को घेरने में जुट गई है। पूर्व फाइनेंस मिनिस्टर पी. चिदंबरम ने बुधवार शाम कहा- मैं इकोनॉमी के जानकार उन सब लोगों से अपील करता हूं कि वो बोलें, लिखें और अब डर को छोड़ दें। वहीं, रेलवे मिनिस्टर पीयूष गोयल ने अपनी सरकार का बचाव किया। कहा- तीन साल से भारत दुनिया की सबसे तेज ग्रोथ करने वाली इकोनॉमी बना हुआ है। हमने जीएसटी को मुमकिन बनाया। बता दें कि यशवंत सिन्हा ने एक आर्टिकल में कहा था कि इकोनॉमी की हालत खराब है और तीन साल में लाखों लोग बेरोजगार हो गए हैं। और क्या कहा चिदंबरम ने…
– यशवंत सिन्हा के आर्टिकल के बाद कांग्रेस के कई नेता मोदी सरकार पर तंज कस रहे हैं। पी. चिदंबरम भी सामने आए। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व फाइनेंस मिनिस्टर ने कहा- कांग्रेस ने इकोनॉमी की कई खामियों को उजागर किया और बताया कि मैनेजमेंट कितना खराब है।
– यशवंत सिन्हा की तारीफ करते हुए चिदंबरम ने कहा- उन्होंने हमारी आवाज को आगे बढ़ाया है। हम 18 महीने से कह रहे हैं कि देश की इकोनॉमी में कई कमियां और कमजोरियां हैं। इसके जवाब में हमसे चुप रहने को कह दिया गया।
– पूर्व फाइनेंस मिनिस्टर ने आगे कहा- मैंने देशभर में दौरा किया। सुनने मिला- अच्छे दिन तो आए नहीं, अब ये बुरे दिन कब जाएंगे। इसलिए मैं कहता हूं- जो इकोनॉमी को समझते हैं। उन्हें लिखना और बोलना चाहिए। वो भी बिना किसी डर के। डर को छोड़ दो।
 पीयूष गोयल ने क्या कहा?
– चिदंबरम के बयान के बाद मोदी सरकार में रेलवे मिनिस्टर पीयूष गोयल केंद्र के बचाव में सामने आए। न्यूज एजेंसी से बातचीत में उन्होंने कहा- देश के आकार को देखते हुए जीएसटी लाना बेहद चैलेंजिंग था। लेकिन, फिर भी हमने उसे मुमकिन बनाया।
– गोयल ने कहा- इस सरकार ने कई बेहद अहम रिफॉर्म किए हैं, जिनके बारे में पहले सोचा भी नहीं गया था। नरेंद्र मोदी की लीडरशिप में भारत पिछले तीन साल से दुनिया की सबसे तेज ग्रोथ करने वाली इकोनाॅमी बना हुआ है।

यशवंत सिन्हा ने नोटबंदी, अरुण जेटली पर क्या कहा?

– ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की खबर के मुताबिक सिन्हा ने कहा, “निजी क्षेत्र में निवेश लगातार कम हो रहा है। इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन करीब-करीब खत्म हो चुका है। एग्रीकल्चर-कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्री की हालत भी ठीक नहीं कही जा सकती। सर्विस सेक्टर में धीमा ग्रोथ रेट है। एक्सपोर्ट कम होने का असर इकोनॉमी पर साफ देखा जा सकता सकता है।”
– “नोटबंदी सबसे बड़ा इकोनॉमिक डिजास्टर साबित हुई। जीएसटी को गलत तरीके से लागू किया गया। इसका बिजनेस पर काफी बुरा असर पड़ा। लाखों लोग बेरोजगार हो गए। बाजार में नौकरियों के नए मौके नहीं हैं।”
– “बीती दो तिमाही में ग्रोथ रेट गिर रही है। मौजूदा वक्त में ग्रोथ रेट 5.7 तक पहुंच गई है। ये बीते 3 साल में सबसे कम है। सरकार के स्पोक्सपर्सन का कहना है कि इकोनॉमी में गिरावट की वजह नोटबंदी नहीं है। वे सही बोल रहे हैं। गिरावट तो पहले ही आनी शुरू हो गई थी। नोटबंदी ने तो केवल आग में घी काम किया है।”
 जेटली को सरकार में सबसे बेहतर माना जाता है
– सिन्हा ने कहा, “अरुण जेटली को तो सरकार में सबसे बेहतर माना जाता है। 2014 में चुनाव के पहले ही ये तय हो गया था कि वे नई सरकार के वित्त मंत्री होंगे।”
– “जब वे अमृतसर से लोकसभा चुनाव हार चुके थे, उस लिहाज से तो उन्हें मंत्री बनाया ही नहीं जाना था। अगर मैं पुरानी बातें याद करूं तो 1998 में अटल बिहारी वाजपेयी ने जसवंत सिंह और प्रमोद महाजन को मंत्री बनाए जाने से मना कर दिया था।”
– “मोदी ने जेटली के हारने के बाद न केवल उन्हें फाइनेंस मिनिस्टर बनाया बल्कि डिसइन्वेस्टमेंट डिपार्टमेंट, डिफेंस और कॉरपोरेट अफेयर्स की भी जिम्मेदारी दे दी। मैं फाइनेंस मिनिस्टर रहा हूं, जानता हूं कि वहां कितना काम होता है। वहां कोई भी शख्स एक ही काम देख सकता है। बदलते दौर में वहां 24 घंटे काम की दरकार होती है। जेटली जैसे सुपरमैन ताकत वाले भी उसके साथ इंसाफ नहीं कर सकते।”
 एक आदमी से कुछ ज्यादा ही उम्मीदें
– सिन्हा ने कहा, “इकोनॉमी में गिरावट एकदम से नहीं आ गई। इससे निपटा भी जा सकता है, लेकिन इसके लिए हमें मुद्दे की समझ होनी चाहिए और दिमाग में गेम प्लान तैयार करना होगा। ये सब इसलिए भी हो रहा है कि एक शख्स जरूरत से ज्यादा जिम्मेदारियों का बोझ उठाए हुए है। नतीजा हम सबके सामने है।”
– “प्रधानमंत्री को चिंता है। वे फाइनेंस मिनिस्टर और उनके अफसरों के साथ मीटिंग कर चुके हैं। जेटली ने उन्हें ग्रोथ रेट बढ़ाने के लिए पैकेज देने का वादा किया है। हालांकि, वो अब तक सामने नहीं आया है। नई बात केवल ये है कि प्रधानमंत्री की इकोनॉमिक एडवाइजरी काउंसिल का दोबारा से गठन किया गया है। यानी 5 पांडव हमारे लिए नया महाभारत का युद्ध जीतेंगे।”
 राहुल गांधी ने भी कसा तंज
– सिन्हा के आर्टिकल का जिक्र करते हुए राहुल ने ट्वीट किया, “लेडीज एंड जेंटलमैन, आपके सहयोगी और पूर्व वित्त मंत्री ही बोल रहे हैं। जल्दी से अपने सीट बेल्ट बांध लीजिए और पोजिशन ले लीजिए। हमारे प्लेन के पंख टूट गए हैं।” दरअसल, राहुल देश की इकोनॉमी को लेकर तंज कस रहे थे।
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