About us

भारत और यूरोपियन यूनियन (EU) ने लश्करे-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद जैसे अंतर्राष्ट्रीय आतंकी संगठनों और हाफिज सईद के खिलाफ सख्त कार्रवाई पर रजामंदी जताई

0
भारत और यूरोपियन यूनियन (EU) ने लश्करे-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद जैसे अंतर्राष्ट्रीय आतंकी संगठनों और हाफिज सईद जैसे आतंकियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई पर रजामंदी जताई। दोनों पक्षों ने शुक्रवार को एक साझा बयान जारी किया, जिसमें ये बात कही गई है। इसमें आतंकवाद से निपटने के तरीकों और समुद्री सुरक्षा में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया है। बता दें कि भारत और ईयू 2004 से स्ट्रैटजिक पार्टनर हैं। पिछले साल मार्च में मोदी के दौरे के वक्त ब्रसेल्स में 13वीं भारत-ईयू समिट हुई थी।
 – न्यूज एजेंसी के मुताबिक 14वीं भारत-EU समिट में रणनीतिक संबंधों को अगले लेवल तक ले जाने पर भी सहमति बनी है। यूरोपियन काउंसिल के प्रेसिडेंट डोनाल्ड फ्रांसिसजेक टस्क और यूरोपियन कमीशन के प्रेसिडेंट जीन-क्लाउडे जंकर के साथ डेलीगेशन लेवल की बातचीत के बाद नरेंद्र मोदी ने एक ज्वाइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “भारत और ईयू आतंकवाद से मिलकर लड़ने और इसके लिए आपसी सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए हैं।”
 दोनों पक्षों में हुए 3 करार
– समिट में दोनों पक्षों ने बाइलैट्रल, रीजनल और इंटरनेशनल मुद्दों के अलावा रोहिंग्या संकट और कोरियाई पेनिनसुला में बदलते हालात पर बातचीत की। समिट के बाद दोनों पक्षों के बीच 3 करार भी हुए। इनमें से एक इंटरनेशनल सोलर अलायंस बनाना भी शामिल है।
 साझा बयान में दाऊद, लखवी का भी जिक्र
– ज्वाइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में टस्क ने कहा, “हम हिंसक उग्रवाद और बढ़ती ऑनलाइन कट्टरता से मिलकर लड़ने पर रजामंद हैं। विदेशी आतंकियों, टेरर फाइनेंसिंग और आर्म्स सप्लाई के खतरे से भी हम प्रभावी तरीके से निपटेंगे।”
– साझा बयान में अंतर्राष्ट्रीय आतंकी संगठनों और अंतर्राष्ट्रीय आतंकियों से मुकाबले का जिक्र किया गया है। इनमें हाफिज सईद के अलावा जकीउर रहमान लखवी और दाऊद इब्राहिम का नाम भी शामिल है। इनके अलावा लश्कर, जैश के साथ ही ISIS और इसके सहयोगी संगठनों का जिक्र है।
– दोनों पक्षों ने पठानकोट, उड़ी, नागरोटा, अनंतनाग के साथ ही पेरिस, ब्रूसेल्स, नीस, लंदन, मैनचेस्टर और बार्सिलोना में हुए आतंकी हमलों की निंदा भी की। ईयू और भारत ने 2008 में हुए मुंबई हमलों को याद किया और साजिशकर्ताओं को इंसाफ के कटघरे में लाने पर सहमति जताई।
 फ्री ट्रेड पैक्ट पक्ट पर नहीं मिली कामयाबी
– हालांकि यूरोपियन लीडर्स के साथ मोदी की मीटिंग में फ्री ट्रेड पैक्ट (मुक्त व्यापार समझौता) पर कोई बड़ी कामयाबी हासिल नहीं हुई।
– जंकर ने कहा, ”ये भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच फ्री ट्रेड का समय है। जैसे ही हालात बेहतर होंगे, हम इस पर दोबारा बातचीत शुरू करेंगे। ईयू भारत का बड़ा इन्वेस्टर और ट्रेड पार्टनर रहा है। 28 देशों के समूह से ब्रिटेन भले ही बाहर हो गया हो, लेकिन भारत से हमारे रिश्ते पहले की तरह कायम हैं। आने वाले दिनों में दोनों पक्षों के चीफ नेगोसिएटर्स साथ मिलकर कोई रास्ते निकालेंगे।”
– ”ईयू इंडस्ट्री में भारतीय कंपनियां के बैक ऑफिस और आई सपोर्ट में बड़ा योगदान रहा है। इनमें कई तरह की सर्विस डाटा एक्सचेंज से जुड़ी है। डाटा प्रोटेक्शन आज के दौर की बड़ी जरूरत है।”
– बता दें कि 28 देशों की यूरोपियन यूनियन भारत के लिए बड़ा ट्रेड पार्टनर रहा है। 2016 में गुड्स ट्रेड 88 बिलियन डॉलर रहा। इसके साथ ही ईयू इंडियन एक्सपर्ट्स और टेक्नोलॉजी के इन्वेस्टमेंट के लिहाज से काफी अहम रहा है।
Share.

About Author

Leave A Reply