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राष्ट्रपति भवन के खूबसूरत मुगल गार्डन का उद्घाटन शनिवार को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने किया

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राष्ट्रपति भवन के खूबसूरत मुगल गार्डन का उद्घाटन शनिवार को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने किया। मुगल गार्डन रविवार से आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा।
-मुगल गार्डन 5 फरवरी से 12 मार्च तक आम लोगों के लिए खुला रहेगा।
-लोग सुबह साढ़े नौ बजे से शाम चार बजे तक गार्डन में घूम सकेंगे।
-यह गार्डन रविवार को रखरखाव के लिए बंद रहेगा।
-गार्डन में खूबसूरत लॉन, स्प्रिचुअल गार्डन, हर्बल गार्डन, बोनसाई गार्डन और म्यूजिकल गार्डन भी शामिल हैं।
मुगल गार्डन में इस बार खिलेगा प्रणब और शुव्रा नाम का गुलाब
-मुगल गार्डन में रंग-बिरंगे फूलों के बीच इस बार गुलाब की दो नई प्रजाति देखने को मिलेंगी जिनका नाम राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और उनकी दिवंगत पत्नी शुव्रा मुखर्जी के नाम पर होगा।
-प्रेसिडेंट प्रणब नाम का गुलाब हल्दी सरीखे पीले रंग का होगा जबकि शुव्रा गुलाब मैजेंटा रेड यानी बैंगनी लाल रंग का होगा।
-पश्चिमी बंगाल के जाकपुर की पुष्पांजलि रोज नर्सरी के प्रणवीर कुमार मैती और अशोक कुमार मैती ने राष्ट्रपति के सम्मान में इन प्रजातियों को विकसित किया है।
-इंडियन रोज फेडरेशन ने इसे मान्यता देकर जनवरी, 2017 में ही सर्टिफिकेट जारी किया है। जिसके बाद इन्हें मुगल गार्डन की एक क्यारी में रोपा गया, इन पौधों में जल्द ही ‘प्रणब’ और ‘शुव्रा’ खिलने की संभावना है।
अपने साथ नहीं लाए सामान
-राष्ट्रपति भवन ने एक बयान में कहा है कि आने वाले लोगों से अनुरोध किया जाता है कि वे अपने साथ पानी की बोतलें, ब्रीफकेस, बैग, थैला, लेडीज पर्स, कैमरा, रेडियो, ट्रांजिस्टर, बक्से, छाते, खाने का सामान आदि नहीं लेकर आएं।
-अगर वे ऐसी कोई सामान लेकर आते हैं तो उन्हें वहां जमा कराना होगा।
-इसमें कहा गया है कि पीने का पानी, टॉयलेट, मेडिकल सुविधाएं आदि वहां मुहैया करायी जाएगी।
मुगलों की चार बाग शैली में बना है मुलग गार्डन
– मुगल गार्डन राष्ट्रपति भवन की मुख्य बिल्डिंग से बिल्कुल सटा हुआ है।
– इसे चार पार्ट में डिवाइड किया गया है।
– गार्डन के बीच में राष्ट्रपति की तरफ से प्रोग्राम ऑर्गनाइज किए जाते हैं।
कैसे बना मुगल गार्डन
– आज से 105 साल पहले 1911 में जब अंग्रेजों ने अपनी कैपिटल कोलकाता से दिल्ली शिफ्ट की थी, तब वायसराय के रहने के लिए अंग्रेज आर्किटेक्ट एडवर्ड लुटियन्स ने रायसीना की पहाड़ी को काटकर वायसराय हाउस (राष्ट्रपति भवन) बनाया।
– प्रिसिडेंट हाउस में पहले फूलों का एक गार्डन बनवाया था , लेकिन वायसराय लॉर्ड हार्डिग की पत्नी लेडी हार्डिंग को वह पसंद नहीं आया।
– उन्होंने मुगल शैली में एक बड़ा गार्डन बनाने की बात कही, तब लुटियन्स ने मुगल शैली में गार्डन बनाया।
– 1928 में यह बनकर तैयार हुआ जिसमें पहली बार वायसराय और उनकी वाइफ पहली बार पहुंचे थे।
– तभी से इसका नाम मुगल गार्डन पड़ गया।
– भारत के आजाद होने और रिपब्लिक बनने के बाद वायसराय हाउस भारत का राष्ट्रपति भवन बन गया।
– पहली बार देश के पहले राष्ट्रपति डॉं. राजेन्द्र प्रसाद ने इसे आम लोगों से लिए खुलवाया था । तब से हर साल यह एक महीने के लिए आम लोगों के लिए खोला जाता है।
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