रेलवे टिकट बुक करने के लिए आधार नंबर (UID) जरूरी नहीं है

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 रेलवे की ओर से शुक्रवार को राज्यसभा में यह जानकारी दी गई। रेल राज्य मंत्री राजेन गोहिन ने बताया, ”फिलहाल रेलवे मंत्रालय के पास टिकट बुकिंग के लिए आधार जरूरी करने का कोई प्लान नहीं है। हालांकि, रेलवे ने जनवरी, 2017 से सीनियर सिटिजन्स के कंसेशन टिकट के लिए आधार वेरिफिकेशन लागू किया था।” वे संसद में पूछे गए एक सवाल का जवाब दे रहे थे।
– रेलवे की ओर से यह बयान उस दिन आया है जब होम मिनिस्ट्री ने डेथ रजिस्ट्रेशन (सर्टिफिकेट) के लिए आधार को जरूरी किया। नया नियम 1 अक्टूबर से लागू होगा।
– पिछले कुछ महीनों में सरकार बैंक अकाउंट्स, टैक्स फाइलिंग, टीबी मरीजों के फ्री इलाज, डिलिवरी के लिए सरकारी योजना का फायदा जैसी कई स्कीम के लिए आधार जरूरी कर चुकी है। 1 जुलाई से रिटर्न भरने के लिए पैन को आधार से लिंक करना की बात भी कही गई थी।
– अभी कुल 122 सरकारी स्कीम्स में आधार के जरिए अमल हो रहा है। साथ ही देशभर में 110 करोड़ में से करीब 67 करोड़ बैंक अकाउंट को आधार से लिंक कर दिया गया है। पिछले हफ्ते आईटी मिनिस्टर रविशंकर प्रसाद ने यह जानकारी दी थी।
 तत्काल रेलवे टिकट पर बाद में कर सकेंगे पेमेंट
– 2 अगस्त को IRCTC ने तत्काल ऑनलाइन टिकट बुक करने वाले यूजर्स के लिए एक राहत भरा फैसला लिया। इसके मुताबिक, अब तत्काल बुकिंग को आसान बनाने के लिए ‘पे-ऑन डिलिवरी’ सर्विस शुरू होगी। इसमें यूजर्स को टिकटों की होम डिलिवरी का ऑप्शन मिलेगा और वे बुकिंग के बाद कैश, डेबिट या क्रेडिट कार्ड से पैसा पेमेंट कर सकेंगे।
– रेलवे का दावा है कि नई सर्विस तत्काल बुकिंग के दौरान पेमेंट में परेशानियों को दूर करेगी और यूजर्स के लिए कन्फर्म्ड टिकट मिलने के मौके बढ़ जाएंगे। इसके पहले 10 मई से नॉर्मल रिजर्व्ड टिकटों की भी होम डिलिवरी शुरू की गई थी। इस पर 90 से 120 रुपए+सेल्स टैक्स वसूला जाता है।
– नई फैसिलिटी के तहत टिकट बुकिंग से पहले यूजर को अपने पैन या आधार नंबर से पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। सफर के कम से कम 5 दिन पहले IRCTC की वेबसाइट या ऐप से टिकट बुकिंग करनी होगी।
– इसमें अगर कोई यूजर धोखाधड़ी करता है तो उसके खिलाफ कड़े कदम उठाया जाएंगे। डिलिवरी से पहले टिकट कैंसल करने या घर पर टिकट लेने से इनकार करने पर यूजर को टिकट का कैंसिलेशन और डिलिवरी चार्ज दोनों देना पड़ेगा।
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