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सर्जिकल हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे क्षेत्र में धारा 144 लगा दी गई

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सैन्य सूत्रों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बीएसएफ ने इन दिनों गश्त भी बढ़ाई है। सरहद की 1037 किलोमीटर लंबी भारत-पाक सीमा पर 290 से ज्यादा चौकियां और 290 से ज्यादा सीमा चौकियां (बीपीओ) हैं। एक चौकी से सीमा के 3 से 4 किलोमीटर क्षेत्र पर निगाह रखी जा रही है।
जिला मजिस्ट्रेट वेदप्रकाश ने जिले में अलर्ट जारी किया है, जिसके तहत खाजूवाला और श्रीकोलायत के विकास अधिकारी व पटवारियों को मुख्यालय पर रहने के निर्देश जारी किए हैं, जिसमें धारा 144 के तहत प्रदत्‍त शक्तियों का प्रयोग करते हुए समस्त मोबाइल कंपनियों के कार्यालयों, अधिकृत दुकानों, काउंटरों पर बिना ‘कस्टमर एक्वीजिशन फॉर्म’ की औपचारिकता पूरी किए तथा बिना आईडी के सिम विक्रय करने पर तथा प्री एक्टीवेटेड सिम की बिक्री पर रोक के लिए निषेधाज्ञा लागू की है। यह आदेश आगामी दो माह तक के लिए प्रभाव में रहेगा। विभिन्न जिला स्तरीय अधिकारियों को अपने-अपने कार्यालयों के समस्त संसाधनों की सूची तैयार करने, फील्ड स्टाफ को अलर्ट रखने तथा मुख्यालय नहीं छोड़ने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने सभी सरकारी विभाग से संसाधनों की सूची तैयार कर जिला कलेक्टर कार्यालय को इसकी सूचना देने को कहा है। वहीं प्रमुख विभाग, चौबीस घंटे कार्यरत नियंत्रण कक्ष स्थापित करें तथा समस्त जिला स्तरीय अधिकारियों की अपडेट मोबाइल सूची अपने पास रखने के निर्देश दिए हैं। पुलिस महानिरीक्षक बिपिन कुमार पांडे ने बताया कि पुलिस ने अस्थाई कण्ट्रोल रूम खाजूवाला सीओ ऑफिस को बनाया है। वहां पर 24 घंटे कोई भी व्यक्ति सीमावर्ती क्षेत्र किसी संदिग्ध व्यक्ति या अन्य प्रकार की कोई जानकारी दे सकता है। नाल एयरफोर्स स्टेशन पर भी सुरक्षा व्यवस्थाओं को बढ़ा दिया गया है, जिसमें पुलिस को भी शामिल किया गया है। संभाग के सीमावर्ती पुलिस थानों को हाईअलर्ट कर दिया है। पुलिस थाना क्षेत्र में नाकाबंदी कर संदिग्ध लोगों की आवाजाही पर नजर रखने के साथ-साथ ही सीमा क्षेत्र में बसे ग्रामीणों के साथ संपर्क में रहने के आदेश दिए गए व रात्रिकालीन विशेष गश्त के लिए थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं। संभाग के श्रीगंगानगर जिले के श्रीकरणपर तहसील के नग्गी बॉर्डर, हिंदुमलकोट, घड़साना बीकानेर के खाजूवाला, पूगल क्षेत्र के ग्रामीणों में भी इन दिनों चर्चाओं का दौर जारी है। वहीं युवाओं में जोश और जुनून साफ झलक रहा है। यहां के ग्रामीणों ने 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में अहम भूमिका निभाई थी और यहां आज भी एक मंदिर बना हुआ है जिसकी पूरी देखभाल सीमा सुरक्षाबल के जवान करते है।  सीमा सुरक्षाबल, पुलिस सहित अन्य खुफिया एजेंसियां संभाग में अनजान लोगों पर नजर रख रहे रही हैं। वहीं शहरी क्षेत्र में सादा वस्त्रों में जवान भीड़भाड़ वाले इलाकों से लेकर होटलों एवं धर्मशालाओं आदि में आकर रुकने वाले लोगों पर नजर रखे हुए हैं। श्रीगंगानगर जिले से सटी सीमा के पास एलओसी से सटे गांव 5 एच के रामकिशन शर्मा बताते हैं कि सरहद की तारबंदी यहां से सामने दिखाई देती है। पिछले 15 दिनों से दिन और रात यहां पर चौकसी बढ़ी है। सीमा सुरक्षाबल के दस्तों की गाड़ियां और पैदल गश्त भी बढ़ी है। ग्रामीणों को अपने खेतों में काम पर जाने के लिए मना किया जा रहा है।
सीमा सुरक्षाबल राजस्थान के महानिदेशक डॉ. बीआर मेघवाल ने बताया कि उड़ी हमले तथा सर्जिकल हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सतर्कता बढ़ाई गई है। सीमा क्षेत्र में किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए सीमा सुरक्षाबल पूरी तरह से तैयार है। सेना के जवानों का मनोबल ऊंचा है और हमारे लिए राष्ट्र की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सीमा पार से होने वाली भारत विरोधी गतिविधियों का हमने पहले भी मुंहतोड़ जवाब दिया था। किसी भी नापाक हरकत के जवाब में फिर ऐसा ही किया जाएगा।
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