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सीमाओं पर पिछले 13 सालों से जारी सीजफायर को तोड़ने पर आमादा हो गई

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बुधवार की रात सोना तो दूर, उन्होंने पानी भी तब पिया, जब ऑपरेशन को अंजाम देकर भारतीय कमांडो पीओके से भारतीय सीमा में सुरक्षित लौट आए। मोदी जानकारों की मानें तो तब तक सुबह के करीब 5 बज चुके थे।
इसके बाद प्रधानमंत्री ने ऑपरेशन में शामिल अफसरों और जवानों को बधाई दी और नियमित दिनचर्या में लग गए। इतना ही नहीं, गुरुवार को समय पर कार्यालय भी पहुंचे। मोदी के करीबी अधिकारियों के मुताबिक बुधवार को जिस ऑपरेशन को अंजाम दिया गया है, उसकी रणनीति पीएम ने उड़ी हमले के तुरंत बाद ही बना ली थी।
हालांकि उन्होंने इसके लिए टाइमिंग और प्लान को अंजाम देने का जिम्मा सेना को सौंपा। पीएम इस ऑपरेशन को लेकर कोई ऐसी जल्दबाजी नहीं दिखाना चाहते थे जिससे कि कहीं कोई चूक हो। उन्होंने फुलप्रूफ योजना बनाने को कहा। साथ ही खुद भी रूटीन कामों को निपटाने के बाद देर रात तक ऑपरेशन की तैयारियों की प्रगति जांचते थे।
इस दौरान कई रातें ऐसी भी निकलीं, जब पीएम मोदी रातभर सेना के अफसरों और एनएसए के साथ चर्चा करते रहे। इस सबके बीच जो खास बात है वह यह कि उन्होंने रात-रातभर लंबी मीटिंगों का असर न तो अपने चेहरे आने दिया और न ही रूटीन के काम-काज पर।
पीओके के अंदर घुसकर भारतीय सेना के ऑपरेशन की जानकारी को बेहद गोपनीय रखा गया था। इसकी जानकारी गृहमंत्री और रक्षामंत्री के साथ चुनिंदा लोगों के पास ही थी। इनमें एनएसए और सेना के कुछ आला अधिकारी भी शामिल थे।
जानकारों की मानें तो सरकार के जुड़े ज्यादातर लोगों को ऑपरेशन की जानकारी गुरुवार सुबह दी गई।
अलर्ट पर भारतीय सेना : पाकिस्तान या उसके आतंकवादियों द्वारा जवाबी कार्रवाई किए जाने की सूरत में भारतीय सेना के तीनों अंग हाई अलर्ट पर हैं। वे किसी भी वक्त पलटवार का जवाब देने के लिए तैयार हैं। सूत्रों के अनुसार वायुसेना हर हमले से निपटने के लिए तैयार कर दी गई है।
भारत में अहम बैठक : भारत द्वारा एलओसी के पार जाकर की गई सर्जिकल स्‍ट्राइक के बाद शुक्रवार को गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने देश की आतंरिक सुरक्षा की समीक्षा के लिए महत्‍वपूर्ण बैठक बुलाई है। सुबह 11 बजे होने वाली इस बैठक में एनएसए अजीत डोभाल भी हिस्‍सा लेंगे। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सीसीएस की बैठक बुलाई है। पीएम मोदी आज फिर एक बार केंद्रीय सुरक्षा समिति की बैठक बुला सकते हैं
दिल्ली में अलर्ट : दिल्ली पुलिस और केंद्रय सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। देश की सभी अहम इमारतों की सुरक्षा बढ़ाई गई है। खुफिया एजेंसी ने अगले 48 घंटे में दिल्ली में बड़े हमले की आशंका जताई है।
पाक सेना की हलचल बढ़ी : उधर, नियंत्रण रेखा (LoC) के पास पाकिस्तानी सेना की हलचल बढ़ गई है। अखनूर सेक्टर ने पाकिस्तानी सेना ने युद्ध विराम का उल्लंघन किया। राजस्थान सीमा के पास दिखे पाकिस्तान के लड़ाकू विमान UAV.
सीमावर्ती गांव खाली : भारत ने सीमावर्ती सैंकड़ों गांवों को खाली करा लिया है। साथ ही इन क्षेत्रों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है जिसके चलते स्कूलों की छूट्टी कर दी गई। डॉक्टरों, सरकारी कर्मचारियों, फायर ब्रिगेड आदि की छुट्टीयां भी रद्द कर दी गई है।
पाक कब्जे वाले कश्मीर में सर्जिकल हमले की खबरों के बाद पाक सेना ने राजौरी तथ पुंछ के बल्नोई, नौशहरा, कृष्णा घाटी, साब्जियां और अखनूर के पल्लांवाला तथा परगवाल सेक्टरों की कई पोस्टों पर गोलाबारी आरंभ कर दी। इससे पहले वह भिम्बर गली, नौगांव, लीपा वैली, हाट स्प्रिंग और केल में भी सीजफायर की धज्जियां उड़ाते हुए गोले बरसा रहा था।
सभी सेक्टरों में भारतीय पक्ष उसके हर हमले का जवाब दे रहा था। जिन इलाकों में पाक सेना ने मोर्चे खोले हैं वहां से लोगो ने अभी पलायन नहीं किया है। वे अभी भी अपने घरों में डटे हुए थे। दरअसल एलओसी के इलाकों में 10 किमी तक के क्षेत्र को खाली करने का कोई फरमान प्राप्त नहीं हुआ है। जो भी निर्देश मिला है वह इंटरनेशनल बॉर्डर के लिए था।
इतना जरूर था कि पाक सेना द्वारा एलओसी के कई इलाकों में गोलाबारी आरंभ कर दिए जाने के बाद भारतीय नागरिकों को यह लगने लगा है कि अब वह सीजफायर खत्म हो सकता है जो इस साल 26 नवम्बर को 13 साल पूरे करने वाला था। याद रहे 26 नवम्बर 2003 को एलओसी तथा सीमा पर दोनों मुल्कों के बीच सीजफायर का समझौता हुआ था तभी से भारतीय पक्ष तो इसकी पालना कर रहा है पर पाकिस्तानी पक्ष ने इसकी पवित्रता को कभी भी नहीं माना। यह इसी से साबित होता है कि सीजफायर के 13 सालों के दौरान उसने इंटरनेशनल बार्डर तथा एलओसी पर 11272 बार सीजफायर का उल्लंघन किया है।
हालांकि 264 किमी लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा और 814 किमी लंबी एलओसी से सटे इलाकों में बसने वाले 35 लाख के करीब सीमावासी दिन-रात बस एक ही दुआ करते रहे हैं कि सीजफायर न टूटे। ‘हमने मुश्किल से अपना घर आबाद किया है और पाक सेना उसे मटियामेट करने पर उतारू है,’ पुंछ के डिग्वार का मुहम्मद असलम कहता था जिसके दो बेटों को पहले ही सीमा पर होने वाली गोलीबारी लील चुकी है तथा सीजफायर से पहले उसके घर को कई बार पाक गोलाबारी नेस्तनाबूद कर चुकी है।
अब दोनों मुल्कों के बीच बने हुए तनाव के बाद यह सवाल उठने लगा है कि क्या सीजफायर अपने 13 साल पूरा कर पाएगा। ऐसे हालात के लिए पूरी तरह से पाक सेना को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है जो आतंकियों को इस ओर धकेलने के लिए अपनी कवरिंग फायर की नीति का इस्तेमाल एक बार फिर से करने लगी है और इस पर टिप्पणी करते हुए सेनाधिकारी कहते हैं कि अगर पाक सेना ने इस रवैये को नहीं त्यागा तो भारतीय पक्ष भी करारा जवाब देने से हिचकिचाएगा नहीं और यही सीमावासियों के लिए चिंता की लकीरें पैदा करने वाला है जो पिछले 13 सालों के अरसे में 68 साल के गोलियों के जख्मों का दर्द भुला चुके हैं तथा अब फिर घरों से बेघर होने की स्थिति में नहीं हैं।
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