About us

स्मृति ईरानी अपनी पसंद के शख्स को सीबीएसई का चीफ बनवाना चाहती थीं लेकिन नरेंद्र मोदी ने को रिजेक्ट कर दिया

0
कैबिनेट में फेरबदल से पहले स्मृति ईरानी अपनी पसंद के शख्स को सीबीएसई का चीफ बनवाना चाहती थीं। लेकिन नरेंद्र मोदी ने उनके प्रपोजल को रिजेक्ट कर दिया था। ऐसा दूसरी बार हुआ, जब स्मृति की पसंद के अफसर को सीबीएसई चीफ की पोस्ट के लिए रिजेक्ट किया गया। अब सिविल सर्विस बोर्ड ने इस पोस्ट के लिए नाम तय कर कैबिनेट कमेटी को भेजा है। बता दें कि हाल ही में हुए कैबिनेट फेरबदल में स्मृति को एचआरडी मिनिस्ट्री से हटाकर कपड़ा मंत्रालय दिया गया है।
– कैबिनेट फेरबदल से पहले स्मृति ने डॉ. सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह को सीबीएसई चीफ बनाने के लिए सुझाव दिया था।
– पीएम की अगुआई वाली अप्वाइंटमेंट्स कमेटी ऑफ द कैबिनेट (ACC) को ही इस बारे में फैसला लेना होता है।
– मोदी ने सर्वेंद्र सिंह को सीबीएसई चीफ बनाने का प्रपोजल खारिज कर दिया।
– डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग (DoPT) द्वारा एचआरडी मिनिस्ट्री को लिखे लेटर के मुताबिक, “ACC का कहना है कि सीबीएसई चीफ की पोस्ट को सेंट्रल स्टाफिंग स्कीम (CSS) के तहत ही भरा जाएगा।”
2014 से खाली है सीबीएसई चीफ की पोस्ट
– दिसंबर, 2014 से सीबीएसई चीफ की पोस्ट खाली है। इस पोस्ट पर ज्वाइंट सेक्रेटरी लेवल के अफसर को अप्वॉइंट किया जाना है।
– इसके लिए जरूरी होगा कि अफसर का एजुकेशनल एडमिनिस्ट्रेशन में कम से कम 3 साल का एक्सपीरियंस हो।
– CSS के तहत सीबीएसई चीफ के लिए राज्यों से भी डिप्टी सेक्रेटरी और उससे ऊपर के अफसरों के नाम मांगे गए हैं।
– जानकारी के मुताबिक, सिविल सर्विस बोर्ड (सीएसबी) की हरी झंडी के बाद एक लिस्ट तैयार की गई है। सीएसबी की अगुआई कैबिनेट सेक्रेटरी करता है।
– सीएसबी ने एक नाम तय करने के बाद उसे एसीसी के अप्रूवल के लिए भेज दिया है।
– फिलहाल, अगस्त 2015 से एचआरडी में ज्वाइंट सेक्रेटरी वीएसके सेशु कुमार के पास सीबीएसई चेयरमैन का चार्ज है।
एचआरडी ने 3 नाम भेजे थे
– सीबीएसई चीफ के लिए एचआरडी की सर्च-कम-सिलेक्शन कमेटी ने 3 नामों का पैनल बनाया था। इनका 15 मई को इंटरव्यू हुआ था।
– 15 जून को एचआरडी मिनिस्ट्री ने DoPT को तीन नाम भेजे थे। इनमें सर्वेंद्र सिंह स्मृति की पहली पसंद थे।
– फिलहाल, सर्वेंद्र यूपी एजुकेशन सर्विस में स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (SCERT) में डायरेक्टर हैं।
– इसके अलावा, पैनल में कमलकांत बिस्वाल थे। बिस्वाल नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ एजुकेशनल प्लानिंग एंड एडमिनिस्ट्रेशन में प्रोफेसर हैं।
– तीसरा खुर्रम शहजाद नूर का नाम था। नूर नेवी की एजुकेशन विंग में एडिशनल प्रिंसिपल डायरेक्टर हैं।
दूसरी बार खारिज हुई स्मृति की पसंद
– ये दूसरी बार है जब स्मृति की पसंद के अफसर को सीबीएसई चीफ नहीं बनाया गया।
– अगस्त, 2015 में भी ACC ने सतबीर बेदी के नाम को खारिज किया था।
– ACC ने सर्च-कम-सिलेक्शन कमेटी के प्रपोजल को इस आधार पर खारिज किया था कि सतबीर 3 साल तक एजुकेशन एडमिनिस्ट्रेशन संभालने का एक्सपीरियंस नहीं रखतीं।
Share.

About Author

Leave A Reply