पंजाब विधानसभा में जमकर हंगामा

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मानसून सेशन के आखिरी दिन पंजाब विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस विधायकों ने कार्रवाई शुरू होते ही कैग की रिपोर्ट स्पीकर पर फेंकनी शुरू कर दी। इस बीच, कैबिनेट मंत्री विक्रम सिंह मजीठिया पर किसी ने जूता फेंका जो उनके पेट पर लगा। स्पीकर ने सदन की कार्रवाई को 15 मिनट के लिए स्थगित कर दिया।
– दरअसल, अपोजिशन की तरफ से 11 मुद्दों पर बहस के लिए अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था, जिसे स्पीकर ने रद्द कर दिया। इससे भड़के कांग्रेस विधायकों ने हंगामा किया।
– बुधवार को सदन की कार्रवाई शुरू होते ही कांग्रेस विधायक सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
– इस दौरान उन्होंने सरकार पर करप्शन का आरोप लगाते हुए स्पीकर पर कैग की रिपोर्ट की कॉपी फेंकनी शुरू कर दी। हालांकि, सत्ता पक्ष के विधायकों ने स्पीकर के चारों तरफ घेरा बना लिया और उन्हें चोट नहीं लगने दी।
– कांग्रेस विधायकों ने सीएम बादल को तानाशाह करार देते हुए उन्हें जलियांवाला कांड का आरोपी जनरल डायर तक कह डाला।
– बिगड़ते हालात देखते हुए स्पीकर ने सदन की कार्रवाई 15 मिनट तक स्थगित कर दी।
– फिर भी हंगामा नहीं रुका। शोर-शराबे के बीच कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया की ओर किसी ने जूता फेंक दिया।
सोमवार को सारी रात सदन में सोए रहे थे विधायक
– सोमवार को अपोजिशन 11 मुद्दों पर बहस नहीं कर पाया था।
– पहले कांग्रेस ने बहस के लिए समय बढ़ाने की मांग की। फिर छोटी-छोटी बातों पर समय खराब कर खुद ही सत्ता पक्ष के चक्रव्यूह में फंसती चली गई।
– इसे अकाली दल ने जबरदस्त तरीके से कैश किया। इस बीच, कांग्रेसियों ने अकाली नेता झूंडा से बहस के बाद नारेबाजी और मार्शलों से धक्का-मुक्की भी की। इसके बाद कांग्रेस के 30 विधायक सोमवार रातभर सदन में ही सोए।
– मंगलवार सुबह 7-8 विधायक नहाने, दवा आदि लेने विधानसभा परिसर से निकले तो सिक्युरिटी ने उन्हें दोबारा अंदर नहीं आने दिया। इस पर यूथ कांग्रेस चीफ राजा वड़िंग भड़क गए।
– राजा गेट तक सिक्युरिटी को ललकारते हुए आए और अपने विधायक बलबीर सिंह सिद्धू और साधु सिंह धर्मसोत को अंदर ले गए।
– भड़के विधायकों ने चंडीगढ़ में हाईकोर्ट चौक पर मंगलवार को ही सरकार का पुतला फूंका और नारेबाजी की। बीबी राजिंदर कौर भट्ठल ने इस धरने को लीड किया था।
सीएम बादल ने भी की थी मनाने की कोशिश
– बता दें कि मंगलवार को बादल कांग्रेस विधायकों को मनाने पहुंचे थे, लेकिन वे नहीं माने।
– नेता अपोजिशन चरणजीत सिंह चन्नी और सुनील जाखड़ फिर से बहस कराने की मांग पर अड़े रहे।
– बादल ने विधायकों से कहा कि उन्हें तो पता ही नहीं था कि वे धरने पर बैठे हैं।
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