बदमाशों ने जब उसे छेड़ने की कोशिश की तो उसने पटरियों के बीच दौड़ लगा दी

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मध्य प्रदेश की एक लड़की ने पिता की डांट से नाराज होकर घर छोड़ दिया और ट्रेन से पटना पहुंच गई। पटना स्टेशन पर कुछ बदमाशों ने जब उसे छेड़ने की कोशिश की तो उसने पटरियों के बीच दौड़ लगा दी। तभी वह पीछे से आ रही ट्रेन की चपेट में आ गई। उसके दोनों पैर कट गए। पुलिस के जरिए परिवार के लोगों को पता चला तो वे उसे होशंगाबाद ले आए। वहां ठीक तरह से इलाज नहीं मिलने के बाद उसे भोपाल के एक हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।
– होशंगाबाद जिले के सोहागपुर की रहने वाली 23 साल की लड़की 2 अक्टूबर की रात पिता की डांट के बाद घर से भागकर 3 अक्टूबर को पटना पहुंच गई।
– लड़की के भाई ने बताया कि स्टेशन पर उतरकर वह आउटर की तरफ जाने लगी। तभी पीछे से तीन लड़कों ने उसके पास आकर छेड़छाड़ की।
– घबराई लड़की ने वापस ट्रेन की ओर दौड़ लगा दी। हड़बड़ाहट में पटरी पार करते समय वह ट्रेन की चपेट में आ गई। इससे उसके दोनों पैर कट गए।
– दो दिन तक उसका इलाज पटना के अस्पताल में चला। इसके बाद उसे भोपाल लाया गया। यहां हमीदिया हॉस्पिटल में उसका इलाज चल रहा है।
घंटों पटरी पर पड़ी रही
– मामले की जानकारी जीआरपी को लगी। इसके बाद लोगों की मदद से उसे पटना मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया। लड़की के दूसरे भाई का कहना है कि पैर कटने के बाद उनकी बहन घंटों पटरियों पर बेहोशी की हालत में पड़ी रही।
– भाई का आरोप है कि जान बची तो पुलिस ने इंसाफ दिलाने के बदले केस को पलट कर रख दिया। उन्होंने छेड़छाड़ जैसे गंभीर केस को मामूली हादसा बता दिया।
– GRP का कहना था कि धक्का-मुक्की के चलते लड़की ट्रेन से गिरी और हादसा हो गया।
पुलिस रिपोर्ट में मामूली एक्सीडेंट
– पुलिस ने इस मामले को मामूली एक्सीडेंट बताया है। पुलिस रिकार्ड के मुताबिक, लड़की कुर्ला एक्सप्रेस की महिला बोगी में बैठने की कोशिश कर रही थी। बोगी में भीड़ होने की वजह से उसका पैर फिसल गया और वह पटरी पर गिर गई।
– पटना जीआरपी के इंचार्ज प्रमोद कुमार ने बताया कि लड़की ने अपने बयान में कहा है कि लेडीज कोच में धक्का-मुक्की में वह नीचे गिर गई। हमने उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया था। 4 दिन तक देखभाल के लिए जीआरपी का एक स्टाफ भी दिया था।
पटना के हॉस्पिटल ने भी की लापरवाही
– लड़की के तीसरे भाई ने बताया कि पटना के पीएमसीएच हॉस्पिटल में चार दिन तक ठीक से इलाज नहीं दिया गया। अस्पताल में 2 दिन तक ठीक से ड्रेसिंग भी नहीं की गई। इसके चलते बहन की स्थिति और खराब हो रही थी। उसके शरीर में इंफेक्शन फैला तो हम उसे भोपाल ले आए।
लड़की ने सीएम को लिखा लेटर- फिर से पैरों पर खड़ी होना चाहती हूं
– दोनों पैर गंवा चुकी लड़की ने एमपी के सीएम शिवराज सिंह चौहान को एक लेटर लिखकर कहा है, ”हादसे में वह सबकुछ गंवा चुकी है। घरवाले भी बहुत परेशान हैं। जरा सा दर्द होने पर माता-पिता घबरा जाते हैं। घर की स्थिति ठीक नहीं है। जितना पैसा था, वो भी खत्म हो चुका है।”
– ”यहां पर दवाओं की कमी है। इसके चलते बाहर से दवाएं लाना पड़ रही हैं। मदद के लिए आपको पत्र लिखकर रही हूं। संभव हो सके तो मेरी मदद करना। मैं फिर से अपने पैरों पर खड़ी होना चाहती हूं।”
CM हेल्पलाइन से मदद मांगने के बाद बदला डॉक्टर्स का बर्ताव
लड़की के भाई ने बताया कि बहन का ठीक से इलाज नहीं होने की शिकायत हमने सीएम हेल्पलाइन पर की थी। वहां से कॉल आने के बाद से ही डॉक्टर उनसे ठीक से बर्ताव नहीं कर रहे हैं।
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