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आठ विफल प्रयास कर चुके आसाराम की निराशा अब साफ नजर आने लगी

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जोधपुर जेल से बाहर आने के लिए 35 माह में जमानत हासिल करने के आठ विफल प्रयास कर चुके आसाराम की निराशा अब साफ नजर आने लगी है। जोधपुर में शुक्रवार को आसाराम ने कहा कि जब-जब उनकी जमानत के लिए परिस्थितियां बनती है तो कोई न कोई नया आरोप उन पर दाग दिया जाता है। कुछ लोग नहीं चाहते कि मुझे जमानत मिले।
नाबालिग छात्रा के यौन उत्पीड़न के आरोप में जोधपुर जेल में बंद आसाराम के समर्थकों से अब पुलिस भी थकने लग गई है। बेकाबू होते समर्थकों ने पुलिस के हाथ ऊंचे करवा दिए है। पुलिस ने शहर की कानून व्यवस्था व आसाराम की सुरक्षा के लिए उनके मामले की सुनवाई जेल में ही करने के लिए हाईकोर्ट से गुहार लगाई है। इस पर हाईकोर्ट ने आसाराम व इस मामले में पांच अन्य सह आरोपियों को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाब मांगा है।
– नाबालिग के यौन उत्पीड़न के आरोप में आसाराम 35 माह से जोधपुर जेल में बंद है। उनकी एक झलक पाने को बड़ी संख्या में समर्थक यहां पहुंचते है।
– बड़ी संख्या में एकत्र समर्थक पुलिस के लिए कानून व्यवस्था की चुनौती खड़ी कर रहे है। जेल व कोर्ट के बाहर इन समर्थकों को काबू में रखने के लिए रोज बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात करना पड़ता है।
– रोज सौ से सवा सौ पुलिस जवान व अधिकारी आसाराम की सुरक्षा में तैनात किए जाते है। इसके बावजूद समर्थक कुछ न कुछ गड़बड़ कर देते है।
– गत वर्ष हाईकोर्ट ने आसाराम मामले की सुनवाई जोधपुर जेल में ही करने के आदेश दिए थे। इसके बाद कुछ दिन तक उनसे जुड़े मामले की सुनवाई जेल में ही हुई।
– बाद में एक अन्य सह आरोपी शिल्पी की याचिका पर हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई फिर से सेशन कोर्ट में कराने के आदेश अवश्य दिए, लेकिन आसाराम से कहा कि वे अपने समर्थकों को काबू में रखें।
– कुछ दिन शांत रहने के बाद आसाराम के समर्थक एक बार फिर पुलिस के लिए सिरदर्द साबित हो रहे है। ऐसे में पुलिस ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आसाराम प्रकरण की सुनवाई जेल में ही करने की गुहार लगाई है।
– हाईकोर्ट के न्यायाधीश गोविन्द माथुर व न्यायाधीश जयश्री ठाकुर की खंडपीठ ने इस याचिका की सुनवाई करते हुए आसाराम व पांच अन्य सह आरोपियों से दो सप्ताह के भीतर जवाब तलब किया है।
– उल्लेखनीय है कि कल जेल के बाहर आसाराम समर्थकों ने रास्ता जाम कर दिया। इस कारण पुलिस को आसाराम का वाहन निकालने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
– जोधपुर कोर्ट में पेशी के पश्चात जेल जाते समय आसाराम से पूछा गया कि एक शार्प शूटर कार्तिक का कहना है कि उसने आसाराम के कहने पर एक गवाह अशोक चावला को गोली मारी थी।
– इसके जवाब में आसाराम ने कहा कि उनकी जमानत का समय आने पर कोई न कोई ऐसा बयान जारी कर देता है। इस कारण जमानत नहीं मिल पाती।
– ऐसा लगता है कि कुछ लोग चाहते है कि मुझे जमानत नहीं मिले। इस कारण ऐसे बयान दिए जा रहे है। इसके बाद निराश भाव से उन्होंने हाथ जोड़ दिए।
– उल्लेखनीय है कि पानीपत मे पुलिस ने आसाराम व उनके पुत्र नारायण साई के खिलाफ गवाही देने वाले महेन्द्र चावला को गोली मारने के आरोप में एक शार्प शूटर कार्तिक को गिरफ्तार किया है।
– पूछताछ में उसने बताया कि वह वर्ष 2015 में आसाराम से मिलने जोधपुर गया था। आसाराम के कहने पर ही उसने महेन्द्र चावला पर गोली चलाई थी।
– इसके बाद अब पानीपत पुलिस ने जोधपुर जेल में बंद आसाराम को प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार कर पानीपत ले जाने की अनुमति मांगी है।
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