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कांग्रेस खुद डूबी, जिनका हाथ पकड़ा वो भी डूब गए

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गुरुवार को आए पांच राज्यों के नतीजों से कई सवाल उठ रहे हैं। जैसे- कांग्रेस के लिए इसमें क्या मैसेज छुपा है? तमिलनाडु हो या बंगाल, वहां कांग्रेस और उसके साथी डीएमके-लेफ्ट क्यों डूबे? असम में बीजेपी की जीत की क्या वजह रही? और बंगाल में क्या हुआ?
 1. इन नतीजों के मायने क्या हैं?
कांग्रेस की इतनी बुरी हालत कभी नहीं हुई। दो राज्यों, केरल और असम में जहां उसकी सरकार थी, वहां वह डूब गई। बंगाल और तमिलनाडु में उसने जिसका हाथ पकड़ा, उसे डुबा दिया। असम में 15 साल से कांग्रेस सरकार चला रही थी। केरल में भी उसकी सरकार थी।
2.असम में बीजेपी क्यों जीती?
यहां बीजेपी का अपना बहुत ज्यादा कमाल नहीं है। बाकी दो पार्टियों – असम गण परिषद और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट के वोटों की वजह से बीजेपी को सपोर्ट मिला। चुनावी गठबंधन की समझदारी का श्रेय बीजेपी को जाता है। इसी वजह से वह असम में जीत सकी।
3. तमिलनाडु में कांग्रेस और डीएमके क्यों डूबे?
– जहां तक तमिलनाडु का सवाल है तो जयललिता का जेल जाना उनके लिए ज्यादा फायदेमंद साबित हुआ। ऐसा माहौल बन गया कि एक अकेली महिला नेता को गलत साबित करने के लिए सारा अपोजिशन जुट गया है। इस हवा का असर ये हुआ कि एमजी रामचंद्रन के बाद तमिलनाडु के इतिहास में पहली बार कोई सरकार रिपीट हुई। करुणानिधि वैसे भी अपना क्रेज खो चुके हैं।
4. बंगाल में लेफ्ट क्यों हारा?
– लेफ्ट अब तक केंद्र में कभी खुलकर-कभी छुपकर कांग्रेस का सपोर्ट करता रहा, लेकिन राज्य में वह हमेशा कांग्रेस का विरोधी रहा। इस बार जब लेफ्ट कांग्रेस से ही मिल गया तो वोटरों की नजर में वह खलनायक हो गया।
– वेस्ट बंगाल में पहली बार बीजेपी को 10 सीटें मिलना बड़ी बात है। वहीं, यहां लेफ्ट की हार की एक और वजह यह है कि आम बंगालियों ने लेफ्ट के भूमि सुधार वाले मुद्दे को अपने खिलाफ मान लिया। बंगाली वोटरों को लगा कि उनकी अपनी जमीन छीनी जा रही है। इसका फायदा ममता बनर्जी को हुआ।
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