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जेल में बंद आसाराम की उम्मीदों को तगड़ा झटका

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रेप के आरोप में 34 महीने से जेल में बंद आसाराम की उम्मीदों को तगड़ा झटका लगा है। मंगलवार को वकील ने आसाराम की बीमारियों की लिस्ट हाईकोर्ट को देकर कहा- ‘इनका इलाज सिर्फ केरल में होता है, जमानत दे दीजिए।’ लेकिन कोर्ट ने इससे इनकार कर दिया। राजस्थान हाईकोर्ट की जज निर्मलजीत कौर ने कहा- ‘ऐसी कोई बीमारी नहीं है इन्हें, जिसका इलाज सिर्फ केरल में हो।’
– हाईकोर्ट ने आसाराम की पिटीशन पर जोधपुर मेडिकल काॅलेज से एक बोर्ड बनाकर कर उनकी जांच कराने का आदेश दिया है।
– मामले की अगली सुनवाई अब 12 जुलाई को होगी।
– दरअसल, आसाराम ने अपनी बीमारियों का जिक्र करते हुए ह्यूमन ग्राउंड पर इलाज के लिए बेल देने की अपील की थी।
– पिटीशन में उन्होंने कहा था कि वह इलाज कराने केरल जाना चाहते हैं।
– वकील ने कहा-आसाराम की रेगुलर बेल पिटीशन पर सुनवाई 12 जुलाई को प्रपोज्ड है। एेसे में इस पिटीशन को भी उसके साथ जोड़ दिया जाए। यह अपील हाईकोर्ट ने मंजूर कर ली।
अब तक ये पिटीशंस हुईंखारिज
– सितंबर 2013 में डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस कोर्ट ने आसाराम की पहली बेल एप्लिकेशन खारिज की।
– हाईकोर्ट में सीनियर वकील राम जेठमलानी आसाराम की पैरवी करने आए। लेकिन इसके बावजूद एक अक्टूबर 2013 को बेल की मांग नामंजूर हो गई।
– बीमारी को आधार बना आसाराम ने सुप्रीम कोर्ट में बेल एप्लिकेशन दायर की। सुप्रीम कोर्ट ने मेडिकल बोर्ड का गठन कर उनकी जांच रिपोर्ट मांगी।
– मेडिकल बोर्ड ने एम्स दिल्ली में उनका इलाज कराने का सुझाव दिया। एम्स दिल्ली के मेडिकल बोर्ड ने उन्हें किसी भी तरह की गंभीर बीमारी से इनकार किया।
– इस रिपोर्ट के आधार पर सुप्रीम कोर्ट में तीन जजों की बेंच ने 20 जनवरी 2015 को उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी।
– फरवरी 2015 में आसाराम ने डिस्ट्रिक्ट कोर्ट से जमानत हासिल करने का एक और कोशिश की।
– मार्च 2015 में अपने भांजे शंकर पगरानी के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए आसाराम ने राजस्थान हाईकोर्ट में बेल एप्लिकेशन दाखिल की। लेकिन तब भी कोर्ट ने उनकी एक न सुनी और पिटीशन खारिज कर दी।
– जून 2015 में सुब्रह्मण्यम स्वामी ने उनकी तरफ से डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में जमानत की अपील की। 19 जून को कोर्ट ने स्वामी की दलीलों को नकारते हुए आसाराम को जमानत देने से इनकार कर दिया।
राजस्थान हाईकोर्ट सोमवार को पौने तीन साल से जेल में बंद आसाराम की जमानत याचिका पर फैसला करेगा। जेल में एलोपैथी दवा खाना बंद कर आयुर्वेद पद्धति से केरल जाकर इलाज कराने के इच्छुक आसाराम ने अपनी बारह बीमारियों को आधार बना जमानत याचिका दायर कर रखी है। हाईकोर्ट के आदेश पर गठित मेडिकल बोर्ड आसाराम की जांच कर शनिवार को अपनी रिपोर्ट हाईकोर्ट के समक्ष पेश करेगा। यह है मामला…
– नाबालिग छात्रा के यौन उत्पीड़न के आरोप में जेल में बंद आसाराम ने आठवीं बार जमानत याचिका दायर की है।
– इस बार आसाराम ने अपनी बारह बीमारियों का आयुर्वेद पद्धति से इलाज कराने के लिए केरल जाने के लिए जमानत देने का अनुरोध किया है।
– 78 वर्षीय आसाराम की अधिकांश बीमारियां बढ़ती उम्र की वजह से मानी जा रही है।
– आसाराम ने जेल में एलोपैथी दवा खाना पूरी तरह से बंद कर रखा है। वे सिर्फ आयुर्वेद में ही विश्वास कर रहे है।
– आसाराम की जांच करने वाले डाक्टरों ने उनकी बीमारी के बारे में चुप्पी साध रखी है, लेकिन उन्होंने भी माना कि आसाराम की अधिकांश बीमारी बढ़ती उम्र में होने वाली बीमारियों के समान ही है।
– वे अपनी रिपोर्ट आज हाईकोर्ट में पेश कर देंगे। ऐसे में देखने वाली बात होगी कि हाईकोर्ट आसाराम को राहत प्रदान करता है या नहीं।
– सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर आसाराम की दिल्ली एम्स में भी जांच कराई गई, लेकिन रिपोर्ट में उन्हें किसी प्रकार की गंभीर बीमारी नहीं बताई गई।
– इस कारण सुप्रीम कोर्ट ने भी उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया था।
करीब तीन साल से जोधपुर जेल में बंद आसाराम ने एक बार फिर अपने बुढ़ापे और जेल में लगातार बढ़ रही बीमारियों का हवाला देते हुए राजस्थान हाईकोर्ट से जमानत देने की अपील दायर की है। एक सप्ताह पूर्व कोर्ट परिसर में आठ बीमारी गिनाने वाले आसाराम ने अब जेल में अपनी बारह बीमारियों का हवाला दिया है। उसने केरल में अपना इलाज कराने के लिए जमानत देने की गुहार लगाई है। ये कहा अपनी याचिका में…
– आसाराम की ओर से हाईकोर्ट में पहले से ही एक जमानत याचिका दायर की हुई है। इस याचिका पर बारह जुलाई को सुनवाई होनी है।
– इस बीच आसाराम ने अपनी बीमारी का हवाला देते हुए अंतरिम जमानत के लिए एक और याचिका दायर कर दी।
– आसाराम बीमारी के नाम पर मानवीय आधार पर हाईकोर्ट में चल रहे अवकाश के दौरान ही जमानत याचिका पर सुनवाई के प्रयास में है।
– जमानत याचिका में केरल के आरोग्यम आयुर्वेदिक पंचकर्म अस्पताल एवं रिसर्च सेंटर की ओर से जारी एक जांच रिपोर्ट को आधार बनाया गया है।
– इसमें आसाराम को बारह तरह की बीमारियां बताई गई है। इनमें शिरोरूक, हनुभेद, दन्त भेद, चेहरे पर दर्द,  बोलने व चबाने में दर्द,  कटि पृष्ठ शूल, पाद शूल, जानु शूल, अक्षि कूट शोध, अनिद्रा, लगातार बैठे व खड़े रहने पर दर्द और बार-बार यूरिन आना, का  जिक्र किया गया है।
– याचिका में इन बीमारियों का केरल में ही बेहतर इलाज उपलब्ध होने के बारे में बताया गया है।
– उल्लेखनीय है कि एक सप्ताह पूर्व कोर्ट परिसर में आसाराम ने कहा था कि उन्हें दो से चार होने वाली बीमारियां अब आठ हो गई है। जबकि याचिका में इनकी संख्या बारह बताई गई है।
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