टीम इंडिया और पाकिस्तानी के बीच रविवार को कड़ी टक्कर देखने को मिलेगी

भारत-पाकिस्तान का मैच किसी फाइनल से कम नहीं होता और इस बार चैम्पियंस ट्रॉफी के फाइनल में ये दोनों टीमें ही आमने-सामने हैं। 10 साल बाद किसी आईसीसी टूर्नामेंट के फाइनल में दोनों टीमें आमने-सामने होंगी। इससे पहले भारत ने 2007 में टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल में पाक को हराया था। खिताब की दावेदार टीम इंडिया और अंडरडॉग कही जा रही पाकिस्तानी टीम के बीच रविवार को कड़ी टक्कर देखने को मिलेगी। इस बार भी टीम इंडिया को जीत का दावेदार माना जा रहा है, लेकिन जिस तरह से पाकिस्तान ने पिछले तीन मैचों में परफॉर्म किया है, उससेविराट कोहली को अलर्ट रहने की जरूरत है। ये हाईवोल्टेज फाइनल 18 जून को खेला जाएगा।
– बांग्लादेश के खिलाफ टीम इंडिया भले ही सेमीफाइनल जीत गई हो, लेकिन एक वक्त तमीम इकबाल (70) और मुश्फिकुर रहीम (61) की 123 रन की पार्टनरशिप ने उसकी टेंशन बढ़ा दी थी। तब टीम को स्पेशलिस्ट बॉलर्स विकेट नहीं दिया पाए और कप्तान ने केदार जाधव को ट्राय किया। जाधव ने अपने दूसरे ओवर की आखिरी बॉल पर तमीम का अहम विकेट निकाल लिया। दूसरे सेट बैट्समैन रहीम को भी जाधव ने ही आउट किया।
– जाधव ने मैच में 6 ओवर में 22 रन देकर 2 विकेट लिए। उनका इकोनॉमी रेट 3.66 रहा। सिर्फ भुवनेश्वर ही टीम को शुरुआती 2 विकेट दिला सके थे। वहीं, बुमराह रन रोकने में तो कामयाब रहे, लेकिन जरूरत के वक्त विकेट नहीं निकाल सके। अश्विन, जडेजा और पंड्या भी अब तक क्षमता के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर सके हैं।
श्रीलंका के खिलाफ 300+ रन बनाकर भी हारे थे
– ऐसा ही कुछ इंडियन बॉलर्स के साथ श्रीलंका के खिलाफ लीग मैच में भी हुआ था। जब उनके यंग बैट्समैन को इंडियन बॉलर्स रोकने में नाकाम रहे थे। उस मैच में श्रीलंकाई बैट्समैन ने एक 159 रन और दो हाफ सेन्चुरी पार्टनरशिप की थी। मैच में इकलौता विकेट भुवनेश्वर कुमार को मिला था, जबकि दो खिलाड़ी रनआउट हुए थे। उस मैच में जडेजा ने 8.66,उमेश यादव ने 6.93, बुमराह ने 5.2 और पंड्या ने 7.28 की इकोनॉमी से रन दिए और कोई विकेट नहीं ले सके थे।

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