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थप्पड़ की गूंज दूसरे दिन नगर निगम ही नहीं भाजपा कार्यालय में भी पूरे दिन गूंजती रही

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अपर आयुक्त रोहन सक्सेना को पार्षद सरोज चौहान के समर्थक द्वारा मारे गए थप्पड़ की गूंज दूसरे दिन नगर निगम ही नहीं भाजपा कार्यालय में भी पूरे दिन गूंजती रही। पार्षद ने जमानत की अर्जी देने से इनकार कर दिया वहीं पार्टी के करीब 25 पार्षदों ने भाजपा नगर अध्यक्ष के सामने पहली बार निगम प्रशासन के खिलाफ अपनी आवाज को ऊंचा किया। साथ में रमेश मेंदोला थे और यही कारण है कि पार्षदों ने अपने इस्तीफे की धौंस तक संगठन को दे डाली।
दूसरी ओर सक्सेना को जड़े गए चांटे से गुस्साए अफसर और कर्मचारियों ने निगम में तालाबंदी कर दी। इस हड़ताल से पूरे दिन नगर निगम बंद रहा। जोनल कार्यालय भी नहीं खुले। इससे लोगों को परेशानी हुई लेकिन अफसर नहीं पसीजे। इस बीच निगमायुक्त मनीष सिंह ने कहा कि पार्षद के खिलाफ संभागायुक्त को सोमवार प्रस्ताव भेजेंगे। संभागायुक्त संजय दुबे ने कहा निगमायुक्त की ओर से उन्हें जब प्रस्ताव मिलेगा तो वे आगे की कार्रवाई करेंगे। उधर, मप्र प्रशासनिक संघ के सदस्यों ने भी संभागायुक्त कार्यालय पहुंचकर राज्यपाल के नाम उपायुक्त सपना शिवाले को ज्ञापन दिया। संघ के सदस्यों ने कहा कि इस तरह की हरकतों के कारण अफसरों का काम करना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने पार्षद की सदस्यता को खत्म करने की मांग करते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की बात कही।
पार्षदों से बोले अध्यक्ष- कोर कमेटी में चर्चा करेंगे
भाजपा के करीब 25 पार्षद गुस्से में है। क्षेत्र-2 के विधायक रमेश मेंदोला की अगुवाई में वे शुक्रवार को भाजपा कार्यालय पहुंचे। यहां नगर अध्यक्ष कैलाश शर्मा से सीधी बात की। बोले- अफसरों की ऐसी दादागीरी नहीं सहेंगे। पार्षद और उनके पति के खिलाफ ताबड़तोड़ केस दर्ज हो गया और पार्टी देखती रह गई जबकि उनका दोष ही नहीं है। हम भी चाहते हैं जिसने थप्पड़ जिसने मारा उसके खिलाफ कार्रवाई हो। पार्षदों ने कहा- कल से मेयर कहीं दौरा करने जाएंगी और भीड़ में से कोई अफसर को थप्पड़ मार देगा तो क्या मेयर के खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा? पार्षदों के विरोध आगे अध्यक्ष शर्मा को भी मानना पड़ा कि कार्रवाई निष्पक्ष नहीं हुई है। इस दौरान एमआईसी सदस्य राजेंद्र राठौर, सूरज कैरो, मुन्नालाल यादव, शोभा रामदास गर्ग, कविता खुवाल, सूरज कैरो, रूपेश देवलिया, कमलेश शर्मा, सुमित मिश्रा आदि मौजूद थे। पार्टी कार्यालय पहुंचने वाले पार्षदों में क्षेत्र-1, 3 और 4 के भाजपा पार्षद नहीं थे। शहर के तीन विधानसभा क्षेत्रों के पार्षदों के पार्टी कार्यालय न पहुंचने को लेकर भी चर्चा शुरू हो गए है। भाजपा नगर अध्यक्ष के सामने मेंदोला की अगुआई में जिस तरह पार्षद पहुंचे उसे देखते हुए माना जा रहा है कि क्षेत्र-2 के नेता निगम में अपनी मजबूती को लेकर भी सक्रिय हो गए हैं।
दो लोगों की जमानत अर्जी खारिज
एक तरफ जहां पार्षद ने जमानत की अर्जी देने से इनकार कर दिया, वहीं अन्य आरोपी हनुमानप्रसाद शर्मा व गोलू उर्फ हृदयेश की तरफ से जमानत अर्जियां दायर की गई थीं। जिला लोक अभियोजन अधिकारी महेंद्रकुमार चतुर्वेदी ने शासन की ओर से तर्क दिए कि अपर आयुक्त जनता के बीच समस्या के संदर्भ में पहुंचे थे। उनके साथ निगम के कार्यपालन यंत्री अनूप गोयल व अन्य अफसर भी मौजूद थे। अफसर जब वहां पहुंचे तब वहां पार्षद व उनके लगभग 150 समर्थक मौजूद थे। इनमें से कुछ लोगों ने अपर आयुक्त के साथ मारपीट की, जो गंभीर अपराध है। आरोपियों को जिन धाराओं के तहत बंदी बनाया गया, उनमें दो धाराएं 353 व 332 अजमानतीय हैं। अत: आरोपियों को जमानत का लाभ नहीं दिया जाए। कोर्ट ने हनुमान व गोलू की जमानत अर्जियां खारिज कर दी।
विवाद के बाद सर्विस रोड पर नहीं लगे बैरिकेड्स
पार्षद सरोज चौहान और उनके समर्थक रेडिसन होटल के सामने वाले सर्विस रोड को बेरिकेड्स से बंद करने को लेकर नाराज थे। गुरुवार को वे इसी का विरोध करने जमा हुए थे। इसी दौरान सक्सेना को थप्पड़ पड़ा और शाम को पार्षद अपने पति सहित गिरफ्तार कर ली गईं। निगम प्रशासन ने रेडिसन होटल के सामने के सर्विस रोड को बंद कर बेहतर ट्रैफिक प्लान का जो हवाला दिया था वह शुक्रवार को नजर नहीं आया। विवाद के बाद बैरिकेड्स रोड के सामने लगे ही नहीं। पार्षद और उनके पति राघवेंद्र चौहान के बुलावे पर अपर आयुक्त सक्सेना रहवासियों से चर्चा के लिए वहां गए थे। इस दाैरान लोग सर्विस रोड बंद करने के पीछे रेडिसन होटल को फायदा पहुंचाने की बात उठी थी।
पार्षदों को पार्टी में बात रखने का अधिकार
अपर आयुक्त सक्सेना को थप्पड़ मारने का घटनाक्रम दुर्भाग्यपूर्ण है। दोषी पर कार्रवाई होना चाहिए। पार्टी के पार्षदों को पार्टी फोरम पर बात रखने का पूरा अधिकार है। कुछ पार्षदों ने शुक्रवार को अपनी बात रखी भी है।
मालिनी गौड़, महापौर
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