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द्वितीय जल-महोत्सव का 15 दिसंबर को हनुवंतिया में शुभारंभ करेंगे – सीएम

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान प्रदेश के द्वितीय जल-महोत्सव का 15 दिसंबर को हनुवंतिया में शुभारंभ करेंगे। सीएम इस मौके पर हनुवंतिया टूरिस्ट कॉम्प्लेक्स में राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा सैलानियों की सुविधा के लिए विकसित विस्तार कार्यों का लोकार्पण भी करेंगे। इस बार जल-महोत्सव 15 दिसंबर से 15 जनवरी, 2017 तक चलेगा।
सीएम ने अपने ब्लॉग में लिखा है-
कभी-कभी हमारे दिमाग में कोई अनूठा ख्याल आता है, जिसे ठीक से अमल में लाया जाए तो कमाल हो जाता है। खंडवा जिले में हनुवंतिया जल क्रीड़ा परिसर की स्थापना ऐसा ही एक ख्याल था।

पिछले साल सिंगापुर यात्रा के दौरान मैंने वहां सेन्टोसा आइलैण्ड देखा। मेरे मन में ख्याल आया कि अपने मध्य प्रदेश में भी कोई ऐसी जगह आकार ले। इसे ठोस रूप देने के लिए मेरे दिमाग में तत्काल खंडवा जिले का हनुवंतिया कौंध गया। इंदिरा सागर डेम के बैक-वाटर से उभरा यह आइलैण्ड सचमुच बहुत अदभुत है। यात्रा से लौटकर मैंने पर्यटन विभाग के अफसरों को अपना ख्याल बताया। नए आइडियाज की तलाश में रहने वाले पर्यटन अधिकारियों ने इसे तत्काल लपक लिया। वे इस काम में जुट गए। जितनी तेजी और कुशलता से उन्होंने इस काम को कर दिखाया, वह एक मिसाल है।

पिछले साल हनुवंतिया में पहला जल-महोत्सव 10 दिन तक आयोजित किया गया। सैलानियों के उत्साह को देखते हुए इस साल 15 दिसंबर से होने वाला जल-महोत्सव एक माह का हो रहा है। एक साल के भीतर ही हनुवंतिया की लोकप्रियता आश्चर्यजनक रूप से बढ़ी है। इसी साल फरवरी से नवंबर तक तकरीबन एक लाख से ज्यादा सैलानियों ने हनुवंतिया में जल पर्यटन का लुत्फ उठाया। इस दौरान बड़ी संख्या में सैलानी हनुवंतिया परिसर में बनाए गए लॉग हट्स में ठहरे। इन सर्वसुविधायुक्त हट्स के अलावा हनुवंतिया में सैलानियों के लिए मीटिंग हॉल, कैफेटेरिया, फूड-प्लाजा, बोट क्लब आदि का निर्माण किया गया है।
इस साल के जल-महोत्सव में सैलानियों का जोश और ज्यादा परवान चढ़ेगा, क्योंकि इसमें जल के साथ-साथ जमीन और आकाश में भी विभिन्न रोमांचक और साहसिक गतिविधियां की जाएंगी। इनमें वाटर स्पोर्ट्स, आइलैण्ड कैंपिंग, एडवेंचर, एक्टिविजम- हॉट एयर बैलूनिंग, पेरा सेलिंग, पेरा मोटर्स, स्टार गेजिंग, वाटर स्कीइंग, जेट स्कीइंग, वाटर जॉर्बिंग, बर्मा ब्रिज, आर्टिफिशियल क्लाइंबिंग सहित ढेरों गतिविधियां शामिल हैं।

इसके अलावा सजा होगा शिल्पों का अद्भुत संसार। हनुवंतिया की वादियों में घुले होंगे रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के रंग। तरह-तरह के स्वादिष्ट भोजन वाले स्टालों का तो कहना ही क्या! हनुवंतिया प्रयोग की अपार सफलता से उत्साहित होकर अब ओंकारेश्वर के नजदीक सैलानी टापू का विकास किया जा रहा है। इसी तरह मंदसौर जिले के गांधी सागर डेम पर भी पर्यटन सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। जाते साल की छुट्टियां परिवार के साथ मनाने के लिए अलौकिक प्राकृतिक सुषमा से परिपूर्ण हनुवंतिया परिसर से बेहतर जगह भला और क्या हो सकती हैं!

नज़ीर अकबराबादी का एक शेर याद आता है- ”सैर कर दुनिया की गाफिल जिंदगानी फिर कहां, जिन्दगी कुछ रह भी जाए, तो जवानी फिर कहां।” तो आइये, सैर के साथ-साथ सतपुड़ा की वादियों और नर्मदा के व्यापक जल-विस्तार में जीवन भर न भूलने वाले आनंद के अनुभव के लिए हो जाइए तैयार- परिजन के साथ।

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