About us

प्रदेश में एक मई से पॉलीथिन कैरी बैग पर पूरी तरह से प्रतिबंध लग जाएगा

0
प्रदेश में एक मई से पॉलीथिन कैरी बैग पर पूरी तरह से प्रतिबंध लग जाएगा। सिर्फ उन्हीं पॉलीथिन को मंजूरी होगी जो पैकेजिंग के आवश्यक भाग के रूप में निर्मित होती है। यानी जिनमें पैक्ड आयटम होते हैं। जिसमें सामग्री को उपयोग से पूर्व सीलबंद किया जाता है। इसके अलावा प्लास्टिक से बने उत्पाद (कुर्सी, टेबल, आलमारी या घरेलू चीजों) को छूट मिलेगी। कैबिनेट ने मंगलवार को इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। अब जल्द ही कार्यवाही और जुर्माने की रूपरेखा को अमल में लाने की कवायद शुरू होगी।

-कैबिनेट ने पॉलीथिन के उपयोग से जुड़े मप्र जैव अनाशय अपशिष्ट (नियंत्रण) संशोधन अध्यादेश 2012 को मंजूरी दे दी। इससे पहले 2004 में इस अध्यादेश में संशोधन हुआ था। राज्य सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि सीलबंद पैकेज पॉलीथिन का एक बार उपयोग होने के बाद उसे री-साइकिल नहीं किया जा सकेगा। यहां बता दें कि 23 दिसंबर 2014 को मुख्य सचिव की वरिष्ठ सचिव समिति ने इसे मंजूरी दे दी थी कि चाहे किसी भी माइक्रोन का पॉलीथिन कैरी बैग होगा, वह प्रतिबंधित रहेगा।
 -तीन माह पहले 26 जनवरी 2017 को गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पॉलीथिन बैन करने की घोषणा की थी। सीएम की घोषणा से पहले 22 स्थानों पर संगोष्ठी, विचार-विमर्श और जनसंवाद करके आम लोगों की राय ली गई थी।
-कैबिनेट बैठक के बाद जनसंपर्क मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने पॉलीथिन कैरी बैग बैन करने की जानकारी दी। साथ ही कहा कि गायों की मौत इससे बढ़ रही थी। साथ ही पर्यावरण को भी नुकसान हो रहा था। इसीलिए यह निर्णय लिया।
 -मप्र के पर्यटन, धार्मिक और सांस्कृतिक शहरों में 1 जुलाई 2015 से ही पॉलीथिन पर पाबंदी लगी हुई है। पूरे प्रदेश में लागू होने के बाद सख्ती से इसकी मॉनिटरिंग होगी। ताकि पाबंदी का उल्लंघन होने पर कार्रवाई की जा सके।
-कैबिनेट में फैसला लिया गया है कि, अखिल भारतीय सेवा और राज्य की सेवाओं के अफसरों और कर्मचारियों पर विभिन्न मामलों में विभागों में लंबित अभियोजन स्वीकृति दिए जाने के नियमों को सरल किया जाएगा। फिलहाल तीन महीने में विभाग द्वारा अभियोजन स्वीकृति दिए जाने की व्यवस्था है।
-इसके अलावा नार्थ और साउथ टीटी नगर की जमीन स्मार्ट सिटी को दिए जाने के बारे में भी निर्णय लिया गया।
-सीएम यंग प्रोफेशनल फॉर डेवलपमेंट योजना शुरू की जाएगी। इस टीम के लिए 35 साल से कम उम्र के युवाओं को मौका दिया जाएगा, जो सरकार को नए आइडियाज देंगी और सरकार के लिए काम करेंगी। सीएम शिवराज सिंह चौहान खुद इस टीम को फॉलो करेंगे।
-भोपाल स्थित गांधी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 100 सीटें बढ़ाई जाएगी।
-कैबिनेट में छिंदवाड़ा, रतलाम, शहडोल, शिवपुरी, खंडवा और विदिशा में नए मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए पद सृजन, उपकरण, फर्नीचर आदि की खरीदी का प्रस्ताव मंजूर किया गया।
-दीनदयाल अंत्योदय रसोई योजना के लिए एक रुपये किलो की दर पर गेहूं, चावल सप्लाई के साथ ही नमक और शक्कर भी मुहैया कराने के प्रस्ताव पर कैबिनेट की मुहर लगी।
-इंदौर से एमवाई अस्पताल में बोनमेरो ट्रांसप्लांट की अनुमति।
-विधि विभाग में 6 नए पदों का मंजूरी।
Share.

About Author

Leave A Reply