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फ्लाइंग कैडेट्स भावना कांत, अवनी चतुर्वेदी और मोहना सिंह शनिवार को इंडियन एयरफोर्स के फाइटर स्क्वाड्रन में शामिल हुईं

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फ्लाइंग कैडेट्स भावना कांत, अवनी चतुर्वेदी और मोहना सिंह शनिवार को इंडियन एयरफोर्स के फाइटर स्क्वाड्रन में शामिल हुईं। एयरफोर्स में कमीशन मिलने के साथ ये ऐसी पहली वुमन पायलट्स बन गई हैं, जो फाइटर जेट्स उड़ाएंगी। ऐसा 3 साल के ट्रायल के लिए किया गया है। ट्रायल सफल रहने पर लड़ाकू भूमिका में महिलाओं की भर्ती से जुड़ा नियम बनाया जा सकता है। बतातें चले, 24 साल पहले 1992 में पहली बार ये मांग सामने आई थी।
– लड़ाकू भूमिका में महिलाओं को फोर्स में शामिल करने के मामले में भारत कई देशों से पीछे है।
– 1989 में महिलाओं को लड़ाकू भूमिका देने वाला कनाड़ा पहला देश है।
– नॉर्वे ने 1992 में, अमेरिका ने 1993, यूके ने 1994, फ्रांस ने 1999, इजराइल ने 2001, सिंगापुर ने 2003, जर्मनी ने 2007 और चीन-पाकिस्तान में 2013 में ऐसा किया था।
89 साल पहले हुई थी पहली बार एंट्री…
– 89 साल पहले आर्मी में वुमन्स की एंट्री नर्स के तौर पर हुई थी। तब आर्मी को ब्रिटिश आर्मी के नाम से जाना जाता था।
– तब से ये पहला मौका है जब आर्मी में महिलाएं फाइटर स्क्वॉड्रन में शामिल हुईं हैं।
– अब तक आर्मी के वॉर से डायरेक्ट जुड़े विंग में महिलाओं की भर्ती नहीं होती थी।
तीनों वुमन पायलट की कहां होगी ट्रेनिंग
– इन वुमन फाइटर पायलट्स को कर्नाटक के बीदर में स्टेज-3 की ट्रेनिंग दी जाएगी। वहां इन्हें 6 महीने तक एडवांस्ड जेट ट्रेनर हॉक उड़ाना सिखाया जाएगा।
– इसके बाद वे सुपरसोनिक वाॅरप्लेन्स उड़ाएंगी।
कौन हैं ये तीनों पायलट?
– अवनि मध्य प्रदेश के रीवा से हैं। उनके पिता एग्जीक्यूटिव इंजीनियर और भाई आर्मी में हैं।
– भावना बिहार के बेगूसराय की रहने वाली हैं।
– मोहना गुजरात के वडोदरा की हैं। उनके पिता एयरफोर्स में वारंट अफसर हैं।
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