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बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी को दीक्षांत समारोह के ठीक पहले पीएचडी की डिग्रियां दोबारा से बनानी पड़ रही

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बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी को दीक्षांत समारोह के ठीक पहले पीएचडी की डिग्रियां दोबारा से बनानी पड़ रही है। नोटिफिकेशन के आधार पर तैयार पीएचडी की डिग्रियों में कई तरह की गलतियां सामने आ रही है। ज्यादातर डिग्रियों में पीएचडी टॉपिक की स्पेलिंग गलत लिखा गई है। इस गलती के पकड़ाई में आने के बाद विवि अब दोबारा से डिग्रियां बना रहा है।
– बीयू 6 फरवरी को अपना दीक्षांत समारोह मनाने जा रहा है। समारोह के ठीक पहले अधिकारियों को नई-नई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
– समारोह की समीक्षा बैठक में योग विषय में गोल्ड मैडल को लेकर विवाद उठा था। इसके बाद अब डिग्रियों की समस्या खड़ी हो गई है।
– बताया जाता है कि विवि को दीक्षांत समारोह में बंटने वाली पीएचडी की डिग्रियां दोबारा से बनानी पड़ रही हैं।
– इसका खुलासा तब हुआ जब रजिस्ट्रार के पास डिग्रियां दोबारा से हस्ताक्षर के लिए पहुंचीं।
– विवि में अभी तक करीब सात आवेदन आए हैं, जिसमें आवेदकों ने अपनी डिग्री में स्पेलिंग गलती की शिकायत की है। यह संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।
– सूत्रों की माने तो यह गड़बड़ी नोटिफिकेशन में ही हुई थी। रिसर्च स्कॉलर्स को जो नोटिफिकेशन जारी किए गए थे उसमें ही थीसिस के टाॅपिक में गलत स्पेलिंग लिखी हुई थी।
– इसी नोटिफिकेशन के आधार पर विवि के पीएचडी सेल ने डिग्री बना दी। इनके जब दीक्षांत समारोह में बंटने की बारी आई तो इसमें सुधार के लिए आवेदन आने शुरू हुए।
डिग्रियों में किया जा रहा है सुधार
– परीक्षा व गोपनीय शाखा के डिप्टी रजिस्ट्रार शैलेंद्र जैन ने बताया कि अभी तक 7 आवेदन आए हैं। इसमें सुधार हो रहा है। शोधार्थियों को समारोह में त्रुटि रहित डिग्री बांटी जाएंगी।
– समारोह के लिए अब तक 260 आवेदन आए हैं। इसमें 22 गोल्ड मेडल व 110 पीएचडी के लिए हैं। बाकी के आवेदन अंडर व पोस्ट ग्रेजुएट छात्रों के हैं।
– उधर, योग विषय को विवि ने शिक्षा संकाय में ही रखने का निर्णय लिया है। दो दिन पहले ही इसे लेकर समीक्षा बैठक में विवाद हुआ था।
– वि को अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि योग विषय फिजिकल एजुकेशन संकाय में आएगा या एजुकेशन संकाय में।
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