मध्यप्रदेश विधानसभा में बुधवार को सर्वसम्मिति से जीएसटी बिल पास हो गया

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मध्यप्रदेश विधानसभा में बुधवार को सर्वसम्मिति से जीएसटी बिल पास हो गया। बिल को मंजूरी देने के लिए मध्यप्रदेश विधानसभा का एक दिन का विशेष सत्र बुलाया गया था। इस बिल को मंजूरी देने के साथ ही मप्र इसे मंजूर करने वाले राज्यों की सूची में चौथे नंबर पर आ गया है। इस एक दिन के सत्र में नर्मदा नदी को ‘जीवित व्यक्ति’ का दर्जा देने का संकल्प भी पेश किया गया।
-कांग्रेस विधायक दल के रामनिवास रावत ने GST के लिए बुलाई गई एक दिवसीय विधानसभा की बैठक में चर्चा के दौरान सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार को अचानक GST पर बैठक बुलाने की आवश्यकता क्यों पड़ गई? सरकार ने विधायकों से सुझाव क्यों नहीं मांगे, हालांकि बाद में उन्होंने भी बिल पास करने के लिए मंजूरी दे दी।
-वित्त एवं वाणिज्यिक कर मंत्री जयंत मलैया ने इसे सदन के समक्ष विचार के लिए पेश किया था। प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस ने इसका समर्थन करते हुए इसके लिए संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन के योगदान का उल्लेख किया, वहीं सत्तारूढ़ भाजपा के विधायकों ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को श्रेय देने का प्रयास किया।
-विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए मलैया ने कहा कि जीएसटी की एक खास बात यह भी है कि यह एक राष्ट्र एक कर प्रणाली है। इससे राज्यों के बीच टैक्स वार नहीं होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाली तकनीक आधारित यह व्यवस्था आर्थिक परिवर्तन के लिये मील का पत्थर साबित होगी।
-वित्तमंत्री मलैया ने जीएसटी का इतिहास बताते हुए कहा कि देश में इसे वर्ष 2000 से लागू करने की बात कर रहे हैं। सबसे पहले पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के शासनकाल में इस प्रणाली को लेकर चर्चा शुरू की गई। उन्होंने कहा कि जीएसटी संबंधी संविधान संशोधन विधेयक संसद की दोनों सदनों में पारित हुआ। इसके फलस्वरूप केन्द्र एवं राज्यों को माल एवं सेवाओं पर कर लगाने की शक्तियां प्राप्त हुई हैं। जीएसटी कर प्रणाली 17 वर्ष की निरंतर मेहनत और गहन विश्लेषण का परिणाम है।
-वाणिज्यिक कर मंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश वाणिज्यिक कर विभाग ने समय के अनुरूप इस कर व्यवस्था को लागू करने के लिए आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी थीं। जीएसटी में आने वाली कठिनाइयों के निराकरण के लिये वाणिज्यिक कर विभाग ने मुख्यालय स्तर पर जीएसटी सहायता केन्द्र स्थापित किया है।
-जीएसटी बिल पर चर्चा के लिए सदन में एक घंटे का समय निर्धारित किया गया था। इस दौरान कांग्रेस विधायक राम निवास रावत ने आरोप लगाया कि जीएसटी का ड्राफ्ट खुद सरकार के मंत्रियों ने ठीक से नहीं पढ़ा है। ड्राफ्ट में किसान की परिभाषा में हिंदू शब्द जोड़ा गया है, मैं सरकार से ये जानना चाहता हूं कि क्या दूसरे धर्म के लोग खेती नहीं करते? रावत ने आगे कहा कि पूरे देश में एक समान पेट्रोल के दाम होने चाहिए इसके लिए सरकार को पेट्रोलियम उत्पादों पर भी जीएसटी लागू करनी चाहिए।
मप्र संसदीय कार्यमंत्री नरोत्तम मिश्रा के अनुसार…
-मप्र संसदीय कार्यमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में नर्मदा को जीवित व्यक्ति का दर्जा देने के संकल्प को मंजूरी दी गई थी, जिसे बुधवार को विधानसभा के विशेष सत्र में पास कर दिया गया।
-सत्र में वित्तीय वर्ष की तारीखें बदलने का भी फैसला लिया गया। अब 1 अप्रैल की बजाय 1 जनवरी से नया वित्तीय वर्ष शुरू होगा। इसकी अवधि 1 जनवरी से 31 दिसंबर तक की होगी और बजट दिसम्बर में पेश होगा।
-प्रदेश सरकार के विज्ञापनों में पीएम मोदी की तस्वीर छापना अनिवार्य किए जाने के बाद अब शिवराज सिंह ने हर विज्ञापन में दीनदयाल उपाध्याय का लोगो लगाना अनिवार्य कर दिया है। सरकार के मुताबिक ऐसा दीनदयाल शताब्दी वर्ष के मद्देनजर किया गया है।
शहीद को दी श्रद्धांजलि
सीएम ने सुकमा में 24 अप्रैल को हुए नक्सली हमले में शहीद हुए रीवा के त्योंथर निवासी नारायण प्रसाद सोनकर को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि शहीद सोनकर के परिवार को राज्य सरकार 25 लाख रुपए की सम्मान निधि देगी। इसके अलावा शहीद के परिवार में से अगर कोई आना चाहेगा, तो उसे शासकीय नौकरी दी जाएगी। इतना ही नहीं शहीद के परिवार से विचार-विमर्श कर उन्हें रीवा में फ्लैट या प्लॉट दिया जाएगा और त्योंथर में शहीद की प्रतिमा भी लगवाई जाएगी।
-नवनिर्वाचित विधायकों के शपथ ग्रहण के बाद अध्यक्ष डॉ. सीतासरन शर्मा ने पूर्व विधायक प्रताप सिंह बघेल, भाजपा सांसद विनोद खन्ना, पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. अखिलेश दास गुप्ता, छत्तीसगढ़ के सुकमा और जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में शहीद जवानों और दैनिक भास्कर समूह के चेयरमैन रमेश चंद्र अग्रवाल के निधन का उल्लेख किया।

-अपने समय के दिग्गज कलाकार रहे स्वर्गीय खन्ना को श्रद्धांजलि देते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि उन्होंने खलनायक रहते हुए नायक से ज्यादा लोकप्रियता हासिल की। श्री चौहान ने उन्हें उद्देश्यपूर्ण फिल्मों में काम करने वाला कलाकार और आध्यात्मिक व्यक्ति बताया।

-वहीं स्वर्गीय अग्रवाल को ‘भोपालियत का प्रतीक’ बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि समर्पित समाजसेवी स्वर्गीय अग्रवाल ने उज्जैन में पिछले वर्ष आयोजित सिंहस्थ में करोड़ों लोगों को पानी उपलब्ध कराने के लिए प्याऊ लगवाईं।
-नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह और बसपा विधायक दल के नेता एडवोकेट सत्यप्रकाश सखवार ने भी अपने दलों की ओर से दिवंगतों को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिसके बाद दिवंगतों के सम्मान में सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी गई।
 दो नवनिर्वाचित विधायकों ने ली शपथ
विशेष सत्र के दौरान भिंड जिले के अटेर से निर्वाचित कांग्रेस विधायक हेमंत सत्यदेव कटारे और उमरिया जिले के बांधवगढ़ से निर्वाचित भारतीय जनता पार्टी विधायक शिवनारायण सिंह ने शपथ ली। दोनों विधायकों ने सदस्य नामावली में हस्ताक्षर किए। अटेर सीट पूर्व नेता प्रतिपक्ष सत्यदेव कटारे के निधन के कारण और बांधवगढ़ यहां से विधायक रहे ज्ञान सिंह के लोकसभा में चुने जाने के कारण रिक्त हो गई थी। अप्रैल महीने में दोनों सीटों पर उपचुनाव हुए थे।
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