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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी अब यूपी की तर्ज पर ‘रोमियो’ के खिलाफ डंडा चलाने के मूड में

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आमतौर पर कूल नजर आने वाले मप्र के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी अब यूपी की तर्ज पर ‘रोमियो’ के खिलाफ डंडा चलाने के मूड में आ गए हैं। शुक्रवार को भौंरी स्थित मप्र पुलिस की अकादमी में आयोजित 89वें सब इंस्पेक्टर पासिंग आउट परेड में पहुंचे सीएम ने यूपी की तर्ज पर मप्र में भी ‘एंटी रोमियो’ अभियान चलाने का ऐलान किया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अगले मानसून सत्र में रेपिस्ट को मौत की सजा देने का विधेयक लाया जाएगा। उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालते हुए योगी आदित्यनाथ ने महिलाओं को परेशान करने वाले मजनुओं के खिलाफ एंटी रोमियो अभियान की शुरुआत की है।
-शिवराज सिंह चौहान ने मप्र में भी एंटी रोमियो अभियान शुरू करने एक ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
-मुख्यमंत्री शुक्रवार को भौंरी स्थित मप्र पुलिस की अकादमी में आयोजित 89वें सब इस्पेक्टर पासिंग आउट परेड में बोल रहे थे।
-शिवराज सिंह ने पुलिस जवानों से कहा कि, किसी की चिकनी-चुपड़ी बातों में न आएं। दलालों से बचकर रहें।
-मुख्यमंत्री ने पुलिस जवानों की तारीफ करते हुए कहा कि ट्रेन ब्लास्ट के तीन घंटे के अंदर ही पुलिस ने आतंकियों को गिरफ्तार कर लिया था। ये जवान किसी भी अपराध को रोकने में पूरी तरह सक्षम हैं।
-मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं सबके सामने कह रहा हूं कि किसी भी अपराधी को छोडूंगा नहीं।
-सीएम ने कहा कि पुलिस को यह खुली छूट है कि मध्य प्रदेश में पनप रहे अपराधियों के नेटवर्क को सिमी की तरह जड़ से खत्म कर दें। बदमाशों के लिए बज्र से ज्यादा कठोर और जनता के लिए मृदु भाषी बनें। मासूमों से कोई बुरा बर्ताव करे, तो उसे जेल नहीं भेजें, बल्कि मृत्यु दंड दे दें।
-मुख्यमंत्री ने कहा है कि बालिकाओं के साथ दुराचार करने वाले को मृत्युदण्ड देने का विधेयक विधानसभा के आगामी मानसून सत्र में प्रस्तुत किया जाएगा। पारित होने के बाद उसे राष्ट्रपति को भेजा जाएगा।
जानें और क्या बोले शिवराज…
-मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि पुलिस की सेवा समाज की सुरक्षा का संकल्प हैं। पुलिस सेवा को स्वीकारना देश और समाज के लिए अपनी जिन्दगी को सौंपना है। देश-प्रदेश के विकास की पहली शर्त है कि कानून और व्यवस्था बेहतर हो। यह जिम्मेदारी पुलिस के कंधों पर है। पुलिस की सेवा जनता की सेवा के लिए है। यह जरूरी है कि पुलिस का व्यवहार जनता के लिए फूल सा कोमल, अपराधियों के लिए वज्र सा कठोर हो।
-मुख्यमंत्री ने नवदीक्षित पुलिसकर्मियों से कहा कि पुलिस उनकी दूसरी माता है। उसका मान-सम्मान रखना उनका परम कर्त्तव्य है। उसकी लाज बनाए रखने के लिए जरूरी है कि उसकी छवि धूमिल नहीं हो। पुलिस को भ्रमित करने की कोशिशें भी होती हैं, उनसे सावधान सजग और सतर्क रहें।
-सीएम ने कहा कि थानों की छवि ऐसी हो कि जनता को वहां पर राहत, सुरक्षा और सुकून मिलें। जनता को थाने में आने में झिझक नहीं हो। अपराधी आस-पास फटकने में भी घबराएं। अपराधियों को किसी भी स्थिति में नहीं छोड़ना है। वे देश-समाज के दुश्मन हैं, माफी के योग्य नहीं हैं।
-शिवराज सिंह ने कहा कि पुलिस की आवश्यकताओं को पूरा करने में सरकार का पूरा सहयोग है। पुलिस के 30 हजार नए पद स्वीकृत किए गए हैं। कुल 25 हजार नए पुलिस आवास बनवाये जा रहे हैं। सीसीटीवी कैमरे और अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।
-मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश को शांति का टापू बनाने का श्रेय पुलिस को है। उसे जब भी जो काम सौंपा गया, सफलतापूर्वक किया है। ट्रेन ब्लास्ट के अपराधियों को मात्र तीन घंटे के भीतर पकड़ने का कार्य किया है।
-उन्होंने कहा कि साहस, शौर्य, कर्त्तव्यनिष्ठा और पराक्रम में प्रदेश की बेटियां भी कम नहीं है। इसीलिए पुलिस के एक तिहाई पद उनके लिए आरक्षित कर दिये हैं। उन्होंने कहा कि किसी से डरकर आत्महत्या सभ्य समाज के लिए कलंक है। इसलिए आपराधिक तत्वों के विरूद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।
-वातावरण ऐसा बनाए कि महिलाएं कभी भी कहीं भी स्वतंत्र रूप से विचरण कर सके। उन्होंने पुलिस अकादमी, प्रशिक्षण और प्रशिक्षकों की सराहना करते हुए, उन्हें बधाई दी।
मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी के निदेशक सुशोभन बनर्जी ने बताया कि पहली बार पुलिस अकादमियों का संयुक्त दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया है।
दीक्षांत समारोह के बारे में
कार्यक्रम में महापौर आलोक शर्मा, अपर मुख्य सचिव गृह केके सिंह, पुलिस महानिदेशक ऋषि कुमार शुक्ला एवं वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।
इस 89वें दीक्षांत समारोह में कुल 633 पुलिसकर्मियों को मुख्यमंत्री ने विभाग में शामिल करने की औपचारिकता पूर्ण की। इनमें सूबेदार, उप निरीक्षक, उप निरीक्षक विसबल और उप निरीक्षक विशेष शाखा शामिल हैं। इनमें 478 पुरुष एवं 155 महिला पुलिसकर्मी हैं। प्रारम्भ में मुख्यमंत्री ने परेड का निरीक्षण किया। सलामी ली। कार्यक्रम के अंत में अकादमी की स्मारिका का विमोचन किया। पासआउट पुलिसकर्मियों से परिचय प्राप्त किया।
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