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विपक्ष के नेता सत्यदेव कटारे का शनिवार को उनके पैतृक गांव मनेपुरा में अंतिम संस्कार किया गया

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कांग्रेस और विपक्ष के नेता सत्यदेव कटारे का शनिवार को उनके पैतृक गांव मनेपुरा में अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार के मौके पर कांग्रेस के दिग्गज नेताओं के अलावा भाजपा के कई विधायक मौजूद थे।
-गुरुवार को कटारे का लंबी बीमारी के बाद मुंबई के हॉस्पिटल में निधन हो गया था। शनिवार को उनका शव मुंबई से ग्वालियर लाया गया।
-ग्वालियर में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित कई नेताओं ने उन्हें संघर्षशील नेता बताते हुए श्रृद्धांजलि दी थी। उसके बाद उनका पार्थिव शरीर भिंड पहुंचाया गया।
-भिंड में लोगों ने कटारे को श्रृद्धाजंलि दी। इसके बाद शनिवार को कटारे का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव मनेपुरा ले जाया गया।
पैतृक गांव में हुआ अंतिम संस्कार
-मनेपुरा में कटारे का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। यहां पर उनके पुत्र योगेश कटारे ने मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार के समय पूरा माहौल गमगीन हो गया।
ये नेता जुटे अंत्येष्टि में
-सत्यदेव कटारे के अंतिम संस्कार में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, के साथ ज्योतिरादित्य सिंधिया, कमलनाथ, सुरेश पचौरी, अरुण यादव, बाला बच्चन, विवेक तनखा सहित कई नेता पहुंचे।
-राज्य सरकार की ओर से जनसंपर्क मंत्री नरोत्तम मिश्रा अंतिम संस्कार में पहुंचे। उनके साथ भिंड सांसद डॉ. भगीरथ प्रसाद सहित दो दर्जन भाजपा विधायक थे।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सत्यदेव कटारे का लंबी बीमारी के बाद गुरुवार को मुंबई में निधन हो गया था। शुक्रवार को उनका पार्थिव शरीर मुंबई से ग्वालियर लाया गया। एयरपोर्ट पर उनके शरीर को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कंधा दिया और श्रृद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा ‘बड़े गौर से सुन रहा था जमाना, तुम्ही सो गए दास्तां कहते कहते’।
– मुंबई से स्व.कटारे की पार्थिव शरीर शुक्रवार की दोपहर को ग्वालियर के राजमाता विजयाराजे सिंधिया एयरपोर्ट महाराजपुरा आया।
– CM चौहान पहले से ही एयरपोर्ट पर मौजूद थे, वो खुद स्व.कटारे की पार्थिव देह को सम्मान पूर्वक सहारा देकर श्रद्धांजलि स्थल तक लाये। CM ने स्व.कटारे की पत्नी व बच्चों को ढांढस बंधाया।
एक शेर सुनाकर सीएम ने दी श्रृद्धाजंलि
-मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि आज मन दुःख से भरा हुआ है। मेरे मित्र कटारे अचानक हमें छोड़कर चले गए। वे कर्मठ व जुझारू नेता थे।
-स्व.कटारे केवल भिंड के ही नहीं अपितु पूरे प्रदेश के नेता थे। मुख्यमंत्री ने भावुक होकर कहा कि मुझे उम्मीद थी कि लंबे समय तक उनका हमें साथ मिलेगा। मगर क्रूर काल ने उन्हें असमय हमसे छीन लिया।
यह शेर पढ़ा सीएम शिवराज ने
बड़े गौर से सुन रहा था जमाना,
तुम्ही सो गए दास्ता कहते कहते।
पैतृक गांव में होगा अंतिम संस्कार
-सत्यदेव कटारे का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव मनेपुरा में शनिवार को होगा।
-उनका पार्थिव शरीर शुक्रवार को ही ग्वालियर से भिंड ले जाया गया है।
– कटारे के परिवार में पत्नी मीरा देवी के अलावा दो पुत्र और एक पुत्री छोड़ गए हैं।

वकालत करते हुए युवा राजनीति से बने प्रदेश सरकार में मंत्री
– भिंड जिले में चंबल के किनारे अटेर के पास गांव मनेपुरा में कटारे का जन्म जन्म 15 फरवरी 1955 को हुआ था।
– कटारे LLM कर वकालत करने लगे थे और युवक कांग्रेस में सक्रिय होने लगे थे। वो 1985-1990 तक मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस के सचिव रहे।
– मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री मोतीलाल वोरा के कार्यकाल में 1989-1990 कटारे परिवहन और जेल के राज्य मंत्री रहे।
– 1993 से 1995 तक वे मध्‍यप्रदेश के गृह राज्य मंत्री रहे।
-1995 से 1998 के दौरान वे मध्‍यप्रदेश के खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री रहे।
– 2003 से 2008 तक वे भिंड के अटेर क्षेत्र के विधायक रहे।
– लोकसभा के 1999 और 2004 के चुनावों में कटारे हारे, इसके बाद 2008 में अटेर क्षेत्र से विधानसभा भी उन्हें हार का सामना करना पड़ा। हालांकि 2013 के विधानसभा चुनाव में वे जीते।

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