साइबर क्राइम भोपाल ने जो अश्लील वेबसाइट के जरिए कॉलगर्ल मुहैया कराने

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साइबर क्राइम भोपाल ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो साइबर क्राइम भोपाल ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो अश्लील वेबसाइट के जरिए कॉलगर्ल मुहैया कराता था। आरोपियों में प्रदेश भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा का मीडिया प्रभारी भी शामिल है। उसकी नियुक्ति हफ्तेभर पहले ही हुई थी। हालांकि पुलिस ने लड़कियों की शिकायत पर मामला दर्ज कर उन्हें वापस भेज दिया।

– साइबर क्राइम टीम ने भोपाल के ई-7, अरेरा कॉलोनी में छापा मारकर 9 लोगों को गिरफ्तार किया। इन लोगों ने जॉब का प्रलोभन देकर मेघालय और महाराष्ट्र की कई लड़कियों को सेक्स रैकेट में धकेल रखा था।
-AIG साइबर सेल शैलेंद्र चौहान ने बताया कि आरोपी वेबसाइट के जरिए सेक्स रैकेट चला रहे थे।
-पुलिस को लगातार शिकायत मिल रही थी कि, एक अश्लील वेबसाइट के जरिए कुछ लोग लड़कियों की सप्लाई करते हैं।
-ये लोग जॉब से जुड़ीं विभिन्न साइटों पर अपना बायोडेटा अपलोड करने वालीं लड़कियों से संपर्क करते थे।
-ये लोग जॉब का ऑफर देकर उन्हें भोपाल बुलाते थे, फिर सेक्स रैकेट में धकेल देते थे।
-पुलिस ने छापा मारकर 4 लड़कियों को भी बचाया है।
-पकड़े गए आरोपियों में दिनेश उर्फ डेविड, सुरेश गहलोत उर्फ शैलेंद्र, रवि प्रजापति, हरजीत धनवानी, मनोज कुमार गुप्ता, कृष्णकुमार जायसवाल, सुरेश बेलानी, मिसवा उद्दीन और नीरज शाक्य शामिल हैं। नीरज भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा का प्रदेश मीडिया प्रभारी है। कार्रवाई के बाद प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान ने उसे पार्टी से निकाल दिया।
यह बनाई थी वेबसाइट
एसपी सायबर शैलेंद्र सिंह चौहान के मुताबिक http://bhopalcallgirl.in के जरिए सैक्स रैकेट की सूचना मिली थी। पुलिस को वेबसाइट से एक मोबाइल नंबर मिला जो भोपाल से ऑपरेट हो रहा था। पुलिस ने ग्राहक बनकर बात की। जानकारी जुटाई तो ई-7, अरेरा कॉलोनी राधा अपार्टमेंट के फ्लैट का पता मिला। 20 सदस्यीय टीम ने वहां दबिश दी।
बीजेपी ने नीरज को पद से हटाया
नीरज शाक्य को अजा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सूरज कैरों ने 15 मई को भोपाल मीडिया प्रभारी नियुक्त किया था। गिरफ्तारी के बाद भाजपा ने उसे पद से हटा दिया।

चारों लड़कियों को बनाया गवाह
पुलिस ने गिरोह के कब्जे से छुड़वाई गई चारों लड़कियों को केस में गवाह बनाया है। तर्क ये है कि आरोपियों ने उन्हें झांसा देकर बुलाया था, इसलिए वे पीड़ित हैं। एक लड़की के एवज में आरोपी 1500-3000 रुपए तक वसूलते थे। 20 % हिस्सा निकालकर लड़कियों की तनख्वाह दी जाती थी।
 लड़कियों को ऐसे देते थे झांसा
वीर कई होटलों में मैनेजर रह चुका है। वह सुभाष के साथ मिलकर वेबसाइट्स के जरिए ऐसी कम पढ़ी लड़कियों को तलाशता था, जिन्हें नौकरी की जरूरत है। उन्हें रिसेप्शनिस्ट, कॉल सेंटर आदि पर नौकरी का झांसा देकर बुलवाता था।

कराता था। आरोपियों में प्रदेश भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा का मीडिया प्रभारी भी शामिल है। उसकी नियुक्ति हफ्तेभर पहले ही हुई थी। हालांकि पुलिस ने लड़कियों की शिकायत पर मामला दर्ज कर उन्हें वापस भेज दिया।

– साइबर क्राइम टीम ने भोपाल के ई-7, अरेरा कॉलोनी में छापा मारकर 9 लोगों को गिरफ्तार किया। इन लोगों ने जॉब का प्रलोभन देकर मेघालय और महाराष्ट्र की कई लड़कियों को सेक्स रैकेट में धकेल रखा था।
-AIG साइबर सेल शैलेंद्र चौहान ने बताया कि आरोपी वेबसाइट के जरिए सेक्स रैकेट चला रहे थे।
-पुलिस को लगातार शिकायत मिल रही थी कि, एक अश्लील वेबसाइट के जरिए कुछ लोग लड़कियों की सप्लाई करते हैं।
-ये लोग जॉब से जुड़ीं विभिन्न साइटों पर अपना बायोडेटा अपलोड करने वालीं लड़कियों से संपर्क करते थे।
-ये लोग जॉब का ऑफर देकर उन्हें भोपाल बुलाते थे, फिर सेक्स रैकेट में धकेल देते थे।
-पुलिस ने छापा मारकर 4 लड़कियों को भी बचाया है।
-पकड़े गए आरोपियों में दिनेश उर्फ डेविड, सुरेश गहलोत उर्फ शैलेंद्र, रवि प्रजापति, हरजीत धनवानी, मनोज कुमार गुप्ता, कृष्णकुमार जायसवाल, सुरेश बेलानी, मिसवा उद्दीन और नीरज शाक्य शामिल हैं। नीरज भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा का प्रदेश मीडिया प्रभारी है। कार्रवाई के बाद प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान ने उसे पार्टी से निकाल दिया।
 यह बनाई थी वेबसाइट
एसपी सायबर शैलेंद्र सिंह चौहान के मुताबिक के जरिए सैक्स रैकेट की सूचना मिली थी। पुलिस को वेबसाइट से एक मोबाइल नंबर मिला जो भोपाल से ऑपरेट हो रहा था। पुलिस ने ग्राहक बनकर बात की। जानकारी जुटाई तो ई-7, अरेरा कॉलोनी राधा अपार्टमेंट के फ्लैट का पता मिला। 20 सदस्यीय टीम ने वहां दबिश दी।
बीजेपी ने नीरज को पद से हटाया
नीरज शाक्य को अजा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सूरज कैरों ने 15 मई को भोपाल मीडिया प्रभारी नियुक्त किया था। गिरफ्तारी के बाद भाजपा ने उसे पद से हटा दिया।

चारों लड़कियों को बनाया गवाह
पुलिस ने गिरोह के कब्जे से छुड़वाई गई चारों लड़कियों को केस में गवाह बनाया है। तर्क ये है कि आरोपियों ने उन्हें झांसा देकर बुलाया था, इसलिए वे पीड़ित हैं। एक लड़की के एवज में आरोपी 1500-3000 रुपए तक वसूलते थे। 20 % हिस्सा निकालकर लड़कियों की तनख्वाह दी जाती थी।
लड़कियों को ऐसे देते थे झांसा
वीर कई होटलों में मैनेजर रह चुका है। वह सुभाष के साथ मिलकर वेबसाइट्स के जरिए ऐसी कम पढ़ी लड़कियों को तलाशता था, जिन्हें नौकरी की जरूरत है। उन्हें रिसेप्शनिस्ट, कॉल सेंटर आदि पर नौकरी का झांसा देकर बुलवाता था।
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