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सीबीआई जांच शुरू हुई तो साल भर में मुख्य आरोपी जेल से बाहर

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व्यापमं महाघोटाले में जुलाई 2014 से जेल में बंद खनन कारोबारी सुधीर शर्मा तीन मामलों में एक साथ जमानत मिल जाने के बाद शुक्रवार को जेल से बाहर निकले। शर्मा पर उम्मीदवारों को अनुचित तरीके से लाभ दिलाने का आरोप है। जेल से बाहर निकलने के बाद सुधीर शर्मा जेल परिसर में ही स्थित शनिदेव मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने पूजा-अर्चन की।
इस मौके पर शर्मा ने मीडिया से कहा कि उन पर गलत आरोप लगाए गए हैं। वे सीबीआई जांच को तैयार हैं। उन्होंने किसी की कोई नौकरी नहीं लगवाई। शर्मा ने कहा कि वे एनजीओ के जरिये अब समाजसेवा करेंगे।शर्मा ने कहा,’ Stf ने दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई की। मुझे उम्मीद है की न्याय मिलेगा। 692 दिन 40 मिनिट जेल में मुझे मानसिक प्रताड़ना झेलने को मिली।’ सुधीर शर्मा ने जेल में रहते हुए एक किताब लिखी है।
सीबीआई जांच शुरू हुई तो साल भर में मुख्य आरोपी जेल से बाहर
जुलाई 2014 में व्यापमं घोटाले की जांच सीबीआई को देने के बाद पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा, राज्यपाल के ओएसडी धनराज यादव, कांग्रेस नेता संजीव सक्सेना, भरत मिश्रा, तरंग शर्मा, संजीव शिल्पकार और अजय सेन जैसे आरोपियों को जमानत मिल चुकी है। अब घोटाले के सूत्रधार पूर्व परीक्षा नियंत्रक पंकज त्रिवेदी, नितिन महिंद्रा, सीके मिश्रा व जगदीश सागर ही जेल में रह गए हैं।
व्यापमं महाघोटाले की जांच कर रही सीबीआई ने जुलाई 2014 से अब तक किसी बड़े आरोपी को गिरफ्तार तो किया नहीं, उल्टे एक-एक कर घोटाले के प्रमुख आरोपी जमानत पर छूटते जा रहे हैं। बुधवार को खनन कारोबारी सुधीर शर्मा को भी जमानत मिल गई थी। उधर, हाईकोर्ट में सीबीआई के वकील कह रहे हैं कि अब तक ये आरोपी सीबीआई के कारण ही जेल में थे। ये हत्या का नहीं, आर्थिक गड़बड़ी का मामला है।
एसटीएफ ने शर्मा के खिलाफ आरक्षक भर्ती, एसआई-प्लाटून कमांडर और संविदा शाला शिक्षक भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी के आरोपों पर एफआईआर दर्ज की थी। आरोप हैं कि सुधीर शर्मा ने पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा और उनके ओएसडी ओपी शुक्ला के साथ मिलकर उम्मीदवारों को अनुचित तरीके से लाभ दिलाने के प्रकरण पंजीबद्ध किए थे।
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