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हस्त नक्षत्र में नवरात्र का शुभारंभ होना शुभ माना जाता

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शारदीय नवरात्र का शुभारंभ गुरूवार से होगा। पर्व की हस्त नक्षत्र में हो रही शुरूआत को पंडितों ने अत्याधिक शुभ होना माना है। इसके परिणाम बाद में सुख-समृद्वि में बढ़ोत्तरी के रूप में दिखाई देंगे। ज्योतिषियों ने नवरात्र में कई और भी विशेष योगों का संयोग होना माना है।
  -खास बात ये है कि इस बार नवरात्र पूरे नौ दिन के हैं और पहले दिन मां दुर्गा का आगमन पालकी (डोली) में और शुक्रवार को प्रस्थान हाथी पर सवार होकर होगा। पालकी सुख व हाथी समृद्धि का प्रतीक है। ये दोनों योग अति शुभ है। देवी पुराण में नवरात्रि में भगवती के आगमन व प्रस्थान के लिए वार अनुसार वाहन बताए गए हैं। जनसामान्य के लिए ऐसा होना शुभ फलदायी रहेगा।
  -शहर में करीब एक हजार स्थानों पर दुर्गा-काली की प्रतिमाओं की स्थापना की जाएगी। लाखों रुपए की लागत से देश के कई प्रसिद्घ मंदिरों की प्रतिकृति के रूप में सजाए गए झांकी पंडाल आकर्षण का केंद्र रहेंगे। नौ दिनों तक भक्त व्रत रख कर माता की भक्ति व विभिन्न साधनाएं करेंगे। चुनरी यात्रा,  भजन-कीर्तन, जगराते व गरबा आदि आयोजन भी होंगे।

-शारदीय नवरात्र का शुभारंभ गुरूवार को शुभ मुहूर्त में घरों व झांकी पंडालों में घट व प्रतिमा स्थापना के साथ होगा। स्थापना का सिलसिला सुबह साढ़े छह से शुरू होकर शाम तक चलता रहेगा। पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की जाएगी। अनेक लोग नौ दिन व्रत रख कर उपासना करेंगे। घरों व मंदिरों और पंडालों में दुर्गा सप्तशती पाठ व हवन आदि अनुष्ठान किए जाएंगे।

 ये रहेंगे शुभ योग
पं. भंवरलाल शर्मा के अनुसार अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा  पर गुरुवार को हस्त नक्षत्र रहेगा। इस नक्षत्र में नवरात्र का शुभारंभ होना शुभ माना जाता है। इसके बाद अन्य दिनों में भी कई शुभ योग रहेंगे। ये हैं शुक्रवार- रवियोग, शनिवार-सर्वार्थ सिद्धि योग, विनायकी चतुर्दशी, सर्वार्थ सिद्धि, रविवार-रवियोग, सोमवार- उपांग ललिता व्रत, सर्वार्थ सिद्धि, मंगलवार-रवियोग, बुधवार- रवियोग, सरस्वती व काली आह्वान, गुरुवार- दुर्गा अष्टमी महा-पूजा व शुक्रवार-महानवमी, रवियोग और शनिवार विजया दशमी-सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा।

 शुभ मुहूर्त…
-गुरूवार को घट स्थापना मुहूर्त (चौघडिय़ा अनुसार )
सुबह 6 से 7:30 शुभ, सुबह 10 :30 से 12.00 चर, दोपहर 12 से 1.30 लाभ, दोपहर 1.30 से 5.00 अमृत, शाम 4.30 से 6.00 शुभ, शाम 6 से 7.30 अमृत, शाम 7.30 से 9.00 चर।
-घट स्थापना शुभ मुहूर्त (स्थिर लग्न अनुसार )
सुबह 6 से 10.21 तक वृश्चिक  स्थिर लग्न। दोपहर 2.43 से शाम 4.29 तक कुंभ स्थिर लग्न। शाम 7.33 से 9.13 तक वृषभ स्थिर लग्न रहेगी। नवरात्र में दुर्गा सप्तशती, 108 नामों का जाप व हवन करना शुभ फलदायी होता है।
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